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बालाघाट: बालाघाट में बारिश में ढही कच्चे मकान की दीवार, मलबे में दबे तीन मजदूर; एक गंभीर, गोंदिया रेफर

Balaghat, Balaghat | Jul 1, 2026
शहर में लगातार हो रही बारिश के बीच 1 जुलाई की शाम कोतवाली थाना क्षेत्र के राम मंदिर गली (कालीपुतली चौक के पास) में बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन भवन के बेसमेंट में कार्य कर रहे तीन मजदूर बगल के कच्चे मकान की दीवार ढहने से मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाकर तीनों मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला और जिला

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#बालाघाट
जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रवेश उत्सव का शुभारंभ
 मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण पर हुआ विशेष मार्गदर्शन

उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित प्रवेश उत्सव (दीक्षारंभ कार्यक्रम) के द्वितीय दिवस गुरुवार, 2 जुलाई को जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालाघाट में "मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण" विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति, शासन की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों में बढ़ती मानसिक समस्याओं एवं आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके अनुरूप राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न आपातकालीन सहायता सेवाओं एवं हेल्पलाइन नंबरों जैसे टेली-मानस, उमंग, चाइल्ड हेल्पलाइन, डायल-112 और महिला हेल्पलाइन-181 की जानकारी भी दी। साथ ही उन्होंने स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर के बीच गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों से तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

उमंग के नोडल अधिकारी श्री अनिल कुमार झरबड़े ने विद्यार्थियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने में खेलकूद, नियमित व्यायाम तथा संतुलित आहार की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया। वहीं जिला टास्क फोर्स के नोडल अधिकारी प्रो. विजय यादव ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी नवीन दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि अब प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य की गई है। यह व्यवस्था सभी शासकीय एवं अशासकीय शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ निजी कोचिंग संस्थानों पर भी लागू होगी।

कार्यक्रम में डॉ. शाजिया तबस्सुम एवं डॉ. पुष्पलता कमलेशिया ने जेंडर संवेदनशीलता विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक किया तथा समानता, सम्मान एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। दीक्षारंभ कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पी.एस. कातुलकर, आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. सीमा श्रीवास्तव, डॉ. आर.एन. झरिया, डॉ. गजानंद कटरे सहित महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को महाविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं, शैक्षणिक वातावरण तथा विद्यार्थी हितैषी गतिविधियों से परिचित होने का अवसर भी प्राप्त हुआ।

#cmmadhypradesh #JansamparkMP #highereducation

#बालाघाट जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्रवेश उत्सव का शुभारंभ मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण पर हुआ विशेष मार्गदर्शन उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित प्रवेश उत्सव (दीक्षारंभ कार्यक्रम) के द्वितीय दिवस गुरुवार, 2 जुलाई को जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालाघाट में "मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण" विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति, शासन की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों में बढ़ती मानसिक समस्याओं एवं आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके अनुरूप राष्ट्रीय, राज्य एवं जिला स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न आपातकालीन सहायता सेवाओं एवं हेल्पलाइन नंबरों जैसे टेली-मानस, उमंग, चाइल्ड हेल्पलाइन, डायल-112 और महिला हेल्पलाइन-181 की जानकारी भी दी। साथ ही उन्होंने स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर के बीच गहरे संबंध को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों से तनावमुक्त एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उमंग के नोडल अधिकारी श्री अनिल कुमार झरबड़े ने विद्यार्थियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने में खेलकूद, नियमित व्यायाम तथा संतुलित आहार की महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत कराया। वहीं जिला टास्क फोर्स के नोडल अधिकारी प्रो. विजय यादव ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी नवीन दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि अब प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य की गई है। यह व्यवस्था सभी शासकीय एवं अशासकीय शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ निजी कोचिंग संस्थानों पर भी लागू होगी। कार्यक्रम में डॉ. शाजिया तबस्सुम एवं डॉ. पुष्पलता कमलेशिया ने जेंडर संवेदनशीलता विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक किया तथा समानता, सम्मान एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। दीक्षारंभ कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पी.एस. कातुलकर, आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. सीमा श्रीवास्तव, डॉ. आर.एन. झरिया, डॉ. गजानंद कटरे सहित महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को महाविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं, शैक्षणिक वातावरण तथा विद्यार्थी हितैषी गतिविधियों से परिचित होने का अवसर भी प्राप्त हुआ। #cmmadhypradesh #JansamparkMP #highereducation

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 2, 2026

#बालाघाट 
लालबर्रा महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित

मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस विषय पर इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ तथा अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता मेश्राम के मार्गदर्शन एवं नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार भिमटे के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कुमार भिमटे ने विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने, कुशल कर्म करने, चित्त की एकाग्रता बनाए रखने तथा जीवन की चुनौतियों का धैर्यपूर्वक सामना करने की सीख दी। उन्होंने तनावमुक्त जीवन के लिए सकारात्मक सोच और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने पर विशेष जोर दिया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रभारी प्राचार्य डॉ. संगीता मेश्राम ने कहा कि विद्यार्थियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का समान रूप से ध्यान रखते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए। उन्होंने बताया कि बेहतर मानसिक स्वास्थ्य ही सफल शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन की आधारशिला है।

कार्यक्रम का संचालन श्री नरेश सौलखे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. देवराज चैरे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रो. सुमन बरवा, डॉ. निर्मल किर्ती गेडाम, श्रीमती संध्या भलावे, डॉ. हृषिकेश पटेल, श्रीमती भूमेश्वरी ठाकरे, श्रीमती अनिभा शरणागत, डॉ. आरती विश्वकर्मा, श्री दीपक अहिरवार, श्री पीतम मुरते, श्री यादवराव राजुरकर, श्री व्यंकट नागपुरे, श्रीमती सरिता ऐडे, श्रीमती वंदना कुर्वे, श्री मिनेश पंचेश्वर, श्री निशांत तलवरे सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे। 

#cmmadhypradesh #JansamparkMP #highereducation

#बालाघाट लालबर्रा महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस विषय पर इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ तथा अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संगीता मेश्राम के मार्गदर्शन एवं नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार भिमटे के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कुमार भिमटे ने विद्यार्थियों को मन लगाकर अध्ययन करने, कुशल कर्म करने, चित्त की एकाग्रता बनाए रखने तथा जीवन की चुनौतियों का धैर्यपूर्वक सामना करने की सीख दी। उन्होंने तनावमुक्त जीवन के लिए सकारात्मक सोच और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने पर विशेष जोर दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रभारी प्राचार्य डॉ. संगीता मेश्राम ने कहा कि विद्यार्थियों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का समान रूप से ध्यान रखते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए। उन्होंने बताया कि बेहतर मानसिक स्वास्थ्य ही सफल शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन की आधारशिला है। कार्यक्रम का संचालन श्री नरेश सौलखे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. देवराज चैरे ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रो. सुमन बरवा, डॉ. निर्मल किर्ती गेडाम, श्रीमती संध्या भलावे, डॉ. हृषिकेश पटेल, श्रीमती भूमेश्वरी ठाकरे, श्रीमती अनिभा शरणागत, डॉ. आरती विश्वकर्मा, श्री दीपक अहिरवार, श्री पीतम मुरते, श्री यादवराव राजुरकर, श्री व्यंकट नागपुरे, श्रीमती सरिता ऐडे, श्रीमती वंदना कुर्वे, श्री मिनेश पंचेश्वर, श्री निशांत तलवरे सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे। #cmmadhypradesh #JansamparkMP #highereducation

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 2, 2026

#बालाघाट 
शासकीय योजनाओं से रूबरू हुए बच्चे, शैक्षणिक भ्रमण में मिली अधिकारों और सुरक्षा की जानकारी

महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय एवं अशासकीय संस्था गुड शेफर्ड सोसाइटी के सहयोग से ग्राम पंचायत जोडीटोला, जरेरा, पंचेरा, कौड़ियाटोला एवं सोनपुरी के बालक-बालिकाओं के लिए शासकीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया।

भ्रमण के दौरान बच्चों ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर का अवलोकन किया। यहां उन्हें महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं सहायता से संबंधित सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही महिला हेल्पलाइन 181 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के बारे में भी बताया गया। इसके बाद बच्चों ने बाल कल्याण समिति कार्यालय का भ्रमण किया, जहां समिति के सदस्यों ने बाल अधिकार, संरक्षण एवं बाल देखरेख से संबंधित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी साझा की। बच्चों को जिले में संचालित बाल गृह, बालिका गृह एवं खुला आश्रय गृह जैसी संस्थाओं की कार्यप्रणाली और उनके उद्देश्यों से भी अवगत कराया गया।

शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य बच्चों में उनके अधिकारों, सुरक्षा, संरक्षण तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान संस्था की सिस्टर निर्मला डेनियल, सूर्यकला सुलाखे, अलीशा डेनियल, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक रचना चौधरी, केस वर्कर श्रीमती यानिता राहंगडाले, बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती प्रीति जैन एवं श्रीमती सुनीता झांगेले सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
 #CMMadhyaPradesh  #JansamparkMP  #mp_wcdmp

#बालाघाट शासकीय योजनाओं से रूबरू हुए बच्चे, शैक्षणिक भ्रमण में मिली अधिकारों और सुरक्षा की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वय एवं अशासकीय संस्था गुड शेफर्ड सोसाइटी के सहयोग से ग्राम पंचायत जोडीटोला, जरेरा, पंचेरा, कौड़ियाटोला एवं सोनपुरी के बालक-बालिकाओं के लिए शासकीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। भ्रमण के दौरान बच्चों ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर का अवलोकन किया। यहां उन्हें महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण एवं सहायता से संबंधित सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही महिला हेल्पलाइन 181 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त करने के बारे में भी बताया गया। इसके बाद बच्चों ने बाल कल्याण समिति कार्यालय का भ्रमण किया, जहां समिति के सदस्यों ने बाल अधिकार, संरक्षण एवं बाल देखरेख से संबंधित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी साझा की। बच्चों को जिले में संचालित बाल गृह, बालिका गृह एवं खुला आश्रय गृह जैसी संस्थाओं की कार्यप्रणाली और उनके उद्देश्यों से भी अवगत कराया गया। शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य बच्चों में उनके अधिकारों, सुरक्षा, संरक्षण तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान संस्था की सिस्टर निर्मला डेनियल, सूर्यकला सुलाखे, अलीशा डेनियल, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक रचना चौधरी, केस वर्कर श्रीमती यानिता राहंगडाले, बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती प्रीति जैन एवं श्रीमती सुनीता झांगेले सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #mp_wcdmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 2, 2026

#बालाघाट
 डायरिया रोको अभियान' के तहत बैहर में 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया गया जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रशिक्षण

जिले में संचालित 'डायरिया रोको अभियान' के अंतर्गत बच्चों एवं ग्रामीणों को जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को जनपद पंचायत बैहर के सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण में बैहर जनपद की 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता जांचने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यक्रम का आयोजन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री बी.एल. उइके एवं सहायक यंत्री श्री सत्यम पटेल के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री रामनाथ धुर्वे विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है और इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रशिक्षण के दौरान पीएचई विभाग के बैहर उपखंड के केमिस्ट कृष्णकांत मेश्राम एवं फनीश रंगारे ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फील्ड टेस्ट किट का उपयोग कर पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता जांचने की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया। कार्यकर्ताओं को बताया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के हैंडपंप, कुएं एवं नल-जल योजनाओं के जल स्रोतों से नमूने लेकर मौके पर ही पानी की गुणवत्ता का परीक्षण कर सकती हैं। प्रशिक्षण में पानी में फ्लोराइड, आयरन, नाइट्रेट, क्लोराइड तथा पीएच (pH) की जांच की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई।

परियोजना अधिकारी श्री रामनाथ धुर्वे ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाले छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता न केवल जल स्रोतों की नियमित जांच करेंगी, बल्कि ग्रामीणों को उबला एवं स्वच्छ पानी पीने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा जलजनित रोगों से बचाव के प्रति भी जागरूक करेंगी।

प्रशिक्षण के उपरांत सभी 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने सेवा क्षेत्रों में जल स्रोतों का सर्वेक्षण एवं परीक्षण करेंगी। यदि किसी जल स्रोत का पानी दूषित पाया जाता है तो उसकी सूचना तत्काल पीएचई विभाग को दी जाएगी, ताकि समय रहते क्लोरीनेशन सहित आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से बैहर क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में डायरिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से हरीश झा, शीतल मिश्रा (पीएमयू समन्वयक), रानी सिंह राजपूत, फनीश रंगारे, श्रुति डहाटे तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती सोमवती मानकर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

#CMMadhyaPradesh  #JansamparkMP  #healthminmp #mp_wcdmp

#बालाघाट डायरिया रोको अभियान' के तहत बैहर में 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया गया जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रशिक्षण जिले में संचालित 'डायरिया रोको अभियान' के अंतर्गत बच्चों एवं ग्रामीणों को जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को जनपद पंचायत बैहर के सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण में बैहर जनपद की 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता जांचने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री बी.एल. उइके एवं सहायक यंत्री श्री सत्यम पटेल के मार्गदर्शन में किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री रामनाथ धुर्वे विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है और इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के दौरान पीएचई विभाग के बैहर उपखंड के केमिस्ट कृष्णकांत मेश्राम एवं फनीश रंगारे ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को फील्ड टेस्ट किट का उपयोग कर पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता जांचने की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन कराया। कार्यकर्ताओं को बताया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के हैंडपंप, कुएं एवं नल-जल योजनाओं के जल स्रोतों से नमूने लेकर मौके पर ही पानी की गुणवत्ता का परीक्षण कर सकती हैं। प्रशिक्षण में पानी में फ्लोराइड, आयरन, नाइट्रेट, क्लोराइड तथा पीएच (pH) की जांच की प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। परियोजना अधिकारी श्री रामनाथ धुर्वे ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों पर आने वाले छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ता न केवल जल स्रोतों की नियमित जांच करेंगी, बल्कि ग्रामीणों को उबला एवं स्वच्छ पानी पीने, साफ-सफाई बनाए रखने तथा जलजनित रोगों से बचाव के प्रति भी जागरूक करेंगी। प्रशिक्षण के उपरांत सभी 100 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपने-अपने सेवा क्षेत्रों में जल स्रोतों का सर्वेक्षण एवं परीक्षण करेंगी। यदि किसी जल स्रोत का पानी दूषित पाया जाता है तो उसकी सूचना तत्काल पीएचई विभाग को दी जाएगी, ताकि समय रहते क्लोरीनेशन सहित आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से बैहर क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में डायरिया सहित अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से हरीश झा, शीतल मिश्रा (पीएमयू समन्वयक), रानी सिंह राजपूत, फनीश रंगारे, श्रुति डहाटे तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक श्रीमती सोमवती मानकर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। #CMMadhyaPradesh #JansamparkMP #healthminmp #mp_wcdmp

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 2, 2026

#बालाघाट 
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने किया बीआरसी सेंटर का निरीक्षण, जैविक खेती को बढ़ावा देने पर दिया जोर

 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा गुरुवार, 2 जुलाई को वारासिवनी विकासखंड के ग्राम थानेगांव स्थित बीआरसी (BRC) सेंटर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर किसानों के लिए उपलब्ध जैविक कृषि उत्पादों एवं उनकी उपयोगिता की जानकारी ली गई।

बीआरसी सेंटर में किसानों के लिए जीवामृत, घनजीवामृत, निमास्त्र, कंपोस्ट सहित विभिन्न प्रकार की जैविक खाद एवं जैविक दवाइयाँ उपलब्ध हैं। अधिकारियों ने किसानों को रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि एक किसान ने बीआरसी सेंटर से प्राप्त जैविक खाद एवं जैविक दवाइयों का उपयोग कर अपने घर के छोटे से क्षेत्र में आकर्षक एवं पोषणयुक्त बागवानी विकसित की है। जैविक विधि से तैयार की गई इस बागवानी ने यह साबित किया कि सीमित संसाधनों और कम भूमि में भी जैविक तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने किसानों से अधिक से अधिक जैविक कृषि अपनाने तथा बीआरसी सेंटर में उपलब्ध जैविक उत्पादों का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैविक खेती से उत्पादन लागत में कमी आने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।

#cmmadhypradesh #JansamparkMP #minmpkrashi

#बालाघाट ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने किया बीआरसी सेंटर का निरीक्षण, जैविक खेती को बढ़ावा देने पर दिया जोर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा गुरुवार, 2 जुलाई को वारासिवनी विकासखंड के ग्राम थानेगांव स्थित बीआरसी (BRC) सेंटर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर किसानों के लिए उपलब्ध जैविक कृषि उत्पादों एवं उनकी उपयोगिता की जानकारी ली गई। बीआरसी सेंटर में किसानों के लिए जीवामृत, घनजीवामृत, निमास्त्र, कंपोस्ट सहित विभिन्न प्रकार की जैविक खाद एवं जैविक दवाइयाँ उपलब्ध हैं। अधिकारियों ने किसानों को रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि एक किसान ने बीआरसी सेंटर से प्राप्त जैविक खाद एवं जैविक दवाइयों का उपयोग कर अपने घर के छोटे से क्षेत्र में आकर्षक एवं पोषणयुक्त बागवानी विकसित की है। जैविक विधि से तैयार की गई इस बागवानी ने यह साबित किया कि सीमित संसाधनों और कम भूमि में भी जैविक तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने किसानों से अधिक से अधिक जैविक कृषि अपनाने तथा बीआरसी सेंटर में उपलब्ध जैविक उत्पादों का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैविक खेती से उत्पादन लागत में कमी आने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। #cmmadhypradesh #JansamparkMP #minmpkrashi

Balaghat, Madhya Pradesh | Jul 2, 2026