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कुष्ठ विकृति सहायक शल्य क्रिया के बाद 22 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे मरीजों को किया गया टब और एक्सरसाइज किट वितरित नियमित फिजियोथैरेपी से मरीजों को मिलेगा बेहतर लाभ कुष्ठ रोग से उत्पन्न विकृतियों के उपचार और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जिला चिकित्सालय रायगढ़ में कुष्ठ विकृति सहायक शल्य क्रिया (रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी) के बाद भर्ती 22 मरीजों को पोस्ट ऑपरेटिव फिजियोथैरेपी पूर्ण होने पर आज छुट्टी प्रदान की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को घर पर भी नियमित रूप से फिजियोथैरेपी और व्यायाम जारी रखने की सलाह दी, ताकि शल्य क्रिया का अधिकतम लाभ मिल सके और प्रभावित अंगों की कार्यक्षमता में लगातार सुधार हो। विशेषज्ञों ने बताया कि कुष्ठ रोग के कारण हाथ, पैर और आंखों में होने वाली विकृतियों को सुधारने के लिए रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी एक प्रभावी माध्यम है, लेकिन सर्जरी के बाद नियमित फिजियोथैरेपी उपचार का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसके माध्यम से मरीजों की मांसपेशियों की शक्ति बढ़ती है, अंगों की गतिशीलता बेहतर होती है और दिव्यांगता की संभावना को कम किया जा सकता है। चिकित्सकों ने मरीजों को निर्धारित व्यायामों का नियमित अभ्यास करने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की समझाइश दी। समापन समारोह के दौरान सभी 22 मरीजों को घर पर फिजियोथैरेपी जारी रखने के उद्देश्य से विशेष टब एवं एक्सरसाइज किट प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को फिजियोथैरेपी से संबंधित आवश्यक निर्देश, सावधानियां और दैनिक अभ्यास की जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि उपचार के बाद पुनर्वास प्रक्रिया उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी शल्य क्रिया, इसलिए मरीजों को नियमित रूप से व्यायाम करते रहना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि कई बार मरीज अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अभ्यास छोड़ देते हैं, जिससे सर्जरी के अपेक्षित परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मरीजों को विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे घर पर भी सही तरीके से फिजियोथैरेपी जारी रख सकें और प्रभावित अंगों की कार्यक्षमता को बेहतर बना सकें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शासन द्वारा कुष्ठ रोग से प्रभावित मरीजों के उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और फिजियोथैरेपी जैसी सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को सामान्य जीवन की मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है।

7 views | Raigarh, Chhattisgarh | Jun 2, 2026

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’मोर गांव, मोर पानी’ अभियान बना ग्रामीण विकास का आधार, जल संरक्षण के साथ हजारों लोगों को मिल रहा रोजगार

500 से अधिक जल संरक्षण कार्यों में 36 हजार से ज्यादा श्रमिकों को मिल रहा स्थानीय स्तर पर रोजगार

तालाब गहरीकरण, डबरी निर्माण और नाला उपचार से बढ़ेगा भूजल स्तर, किसानों को मिलेगा सिंचाई का लाभ

जिले में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संचालित ‘मोर गांव, मोर तरिया’ एवं ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा हैं। एक ओर जहां इन अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर हजारों ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।
 कलेक्टर के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में जिलेभर में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। मानसून पूर्व जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण और मरम्मत कार्यों को गति देने के लिए ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में श्रमप्रधान कार्य शुरू किए गए हैं, जिनमें ग्रामीण श्रमिक उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। अभियान के अंतर्गत तालाबों का गहरीकरण, पुराने जलाशयों का जीर्णोद्धार, खेत तालाब और डबरी निर्माण, नाला उपचार, कंटूर ट्रेंच निर्माण, मेडबंधान, जल निकासी संरचनाओं का विकास तथा अन्य प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को स्थायी रूप से बढ़ाना है।
 वर्तमान में जिले में 500 से अधिक जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों के माध्यम से प्रतिदिन 36 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष बात यह है कि ग्रामीणों को अपने ही गांव में काम मिलने से पलायन की समस्या पर भी प्रभावी नियंत्रण हुआ है। स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मनरेगा तथा वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 के समन्वय से संचालित यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनकर सामने आया है।

’मोर गांव, मोर पानी’ अभियान बना ग्रामीण विकास का आधार, जल संरक्षण के साथ हजारों लोगों को मिल रहा रोजगार 500 से अधिक जल संरक्षण कार्यों में 36 हजार से ज्यादा श्रमिकों को मिल रहा स्थानीय स्तर पर रोजगार तालाब गहरीकरण, डबरी निर्माण और नाला उपचार से बढ़ेगा भूजल स्तर, किसानों को मिलेगा सिंचाई का लाभ जिले में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संचालित ‘मोर गांव, मोर तरिया’ एवं ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा हैं। एक ओर जहां इन अभियानों के माध्यम से जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर हजारों ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है। कलेक्टर के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अभिजीत बबन पठारे के मार्गदर्शन में जिलेभर में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। मानसून पूर्व जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण और मरम्मत कार्यों को गति देने के लिए ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में श्रमप्रधान कार्य शुरू किए गए हैं, जिनमें ग्रामीण श्रमिक उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं। अभियान के अंतर्गत तालाबों का गहरीकरण, पुराने जलाशयों का जीर्णोद्धार, खेत तालाब और डबरी निर्माण, नाला उपचार, कंटूर ट्रेंच निर्माण, मेडबंधान, जल निकासी संरचनाओं का विकास तथा अन्य प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्य व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को स्थायी रूप से बढ़ाना है। वर्तमान में जिले में 500 से अधिक जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों के माध्यम से प्रतिदिन 36 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेष बात यह है कि ग्रामीणों को अपने ही गांव में काम मिलने से पलायन की समस्या पर भी प्रभावी नियंत्रण हुआ है। स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मनरेगा तथा वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 के समन्वय से संचालित यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनकर सामने आया है।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 2, 2026

लैलूंगा में सुगंधित जवाँफूल की जैविक खेती को मिलेगा विस्तार, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के लिए भी तैयारियां तेज

वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 एवं जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दे पर कलेक्टर ने समीक्षा के दिए आवश्यक निर्देश

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से विद्युत विहीन पहाड़ी कोरवा का एक गांव होगा रोशन, विशेष ग्रामसभा में होगा चयन

सुशासन तिहार, महतारी वंदन, जल जीवन मिशन और आयुष्मान योजना की समीक्षा, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर

जिले के समग्र विकास, किसानों की आय वृद्धि, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिहं क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, वहीं जिले के अन्य अनुविभागीय अधिकारी आनलाइन इस बैठक में शामिल हुए। 
  बैठक में कलेक्टर ने भारत सरकार एवं राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल ’वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप’ कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सुदूर वनांचल एवं पहाड़ी क्षेत्र लैलूंगा विकासखंड का चयन जैविक सुगंधित धान फसल ‘जवाँ फूल’ की खेती के लिए किया गया है। पिछले वर्ष जहां 315 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती की गई थी और 521 किसानों को लाभ मिला था, वहीं इस वर्ष इसका रकबा बढ़ाकर 750 हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर बाजार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में इस वर्ष 6 हजार 332 हेक्टेयर क्षेत्र में उड़द की खेती का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को दलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
 कलेक्टर ने एक जून से 30 जून तक संचालित होने वाले ’खेत बचाओ अभियान’ की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग को व्यापक जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए।

लैलूंगा में सुगंधित जवाँफूल की जैविक खेती को मिलेगा विस्तार, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के लिए भी तैयारियां तेज वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 एवं जनसमस्याओं से जुड़े मुद्दे पर कलेक्टर ने समीक्षा के दिए आवश्यक निर्देश प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से विद्युत विहीन पहाड़ी कोरवा का एक गांव होगा रोशन, विशेष ग्रामसभा में होगा चयन सुशासन तिहार, महतारी वंदन, जल जीवन मिशन और आयुष्मान योजना की समीक्षा, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर जिले के समग्र विकास, किसानों की आय वृद्धि, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सुशासन की अवधारणा को मजबूत करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिहं क्षत्रिय, एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती पूजा बंसल सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, वहीं जिले के अन्य अनुविभागीय अधिकारी आनलाइन इस बैठक में शामिल हुए। बैठक में कलेक्टर ने भारत सरकार एवं राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल ’वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप’ कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सुदूर वनांचल एवं पहाड़ी क्षेत्र लैलूंगा विकासखंड का चयन जैविक सुगंधित धान फसल ‘जवाँ फूल’ की खेती के लिए किया गया है। पिछले वर्ष जहां 315 हेक्टेयर क्षेत्र में इसकी खेती की गई थी और 521 किसानों को लाभ मिला था, वहीं इस वर्ष इसका रकबा बढ़ाकर 750 हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि जैविक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर बाजार और अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में इस वर्ष 6 हजार 332 हेक्टेयर क्षेत्र में उड़द की खेती का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को दलहन उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने तथा आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने एक जून से 30 जून तक संचालित होने वाले ’खेत बचाओ अभियान’ की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग को व्यापक जनजागरण अभियान चलाने के निर्देश दिए।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 2, 2026

उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों का कलेक्टर ने किया सम्मान, प्रशस्ति पत्र देकर बढ़ाया उत्साह

राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने वाले कर्मठ शासकीय सेवकों के उत्साहवर्धन हेतु शुरू की गई अभिनव पहल के तहत आज जिला कलेक्टोरेट के सृजन सभा कक्ष में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि शासन की योजनाओं की सफलता में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनकी कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और उत्कृष्ट कार्यशैली के कारण ही शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पाता है। 
  सम्मानित कर्मचारियों में राजस्व विभाग से स्टेनोग्राफर वर्ग-03- श्रीमती अल्पा बेहरा, भू-अर्जन शाखा से सहायक ग्रेड-02 श्री मुकेश भोई एवं सीएसआर शाखा से सहायक ग्रेड-03 श्री केशव साहू, आदिवासी विकास विभाग से सहायक ग्रेड-3 श्रीमती लिपियंका बसंत, खाद्य विभाग से सहायक ग्रेड-3 सुश्री रंजीता दास, खनिज विभाग से सहायक खनि अधिकारी श्री आशीष गड़पाले, समाज कल्याण विभाग से कार्यपालिक कलाकार श्री नवरतन सिंह बिंझवार तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से सहायक ग्रेड-2 श्री देवेन्द्र वर्मा एवं परियोजना समन्वयक श्री शोभेन्द्र डनसेना शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, गति और गुणवत्ता लाने के उद्देश्य से यह नवाचार 01 फरवरी 2026 से पूरे राज्य में लागू किया गया है। इसके अंतर्गत शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों को प्रत्येक माह सार्वजनिक रूप से सम्मानित कर उनकी सेवाओं को पहचान दी जा रही है। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों का कलेक्टर ने किया सम्मान, प्रशस्ति पत्र देकर बढ़ाया उत्साह राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने वाले कर्मठ शासकीय सेवकों के उत्साहवर्धन हेतु शुरू की गई अभिनव पहल के तहत आज जिला कलेक्टोरेट के सृजन सभा कक्ष में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कहा कि शासन की योजनाओं की सफलता में कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उनकी कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और उत्कृष्ट कार्यशैली के कारण ही शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच पाता है। सम्मानित कर्मचारियों में राजस्व विभाग से स्टेनोग्राफर वर्ग-03- श्रीमती अल्पा बेहरा, भू-अर्जन शाखा से सहायक ग्रेड-02 श्री मुकेश भोई एवं सीएसआर शाखा से सहायक ग्रेड-03 श्री केशव साहू, आदिवासी विकास विभाग से सहायक ग्रेड-3 श्रीमती लिपियंका बसंत, खाद्य विभाग से सहायक ग्रेड-3 सुश्री रंजीता दास, खनिज विभाग से सहायक खनि अधिकारी श्री आशीष गड़पाले, समाज कल्याण विभाग से कार्यपालिक कलाकार श्री नवरतन सिंह बिंझवार तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से सहायक ग्रेड-2 श्री देवेन्द्र वर्मा एवं परियोजना समन्वयक श्री शोभेन्द्र डनसेना शामिल रहे। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, गति और गुणवत्ता लाने के उद्देश्य से यह नवाचार 01 फरवरी 2026 से पूरे राज्य में लागू किया गया है। इसके अंतर्गत शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों को प्रत्येक माह सार्वजनिक रूप से सम्मानित कर उनकी सेवाओं को पहचान दी जा रही है। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 2, 2026

जनदर्शन: मुआवजा, पेंशन, पीएम आवास, राजस्व एवं विकास कार्यों से जुड़े आवेदनों पर प्रशासन ने लिया संज्ञान

नियमानुसार जांच एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

जिला कलेक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन में सोमवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों को प्रशासन के समक्ष रखा। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नहीं मिलने, राजस्व प्रकरणों के निराकरण, अतिक्रमण हटाने, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने तथा विकास कार्यों से जुड़े अनेक आवेदन जनदर्शन में प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार आयोजित जनदर्शन में एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने एक-एक कर आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
 जनदर्शन में ग्राम घुटकूपाली के गोकुल चौहान ने वृद्धावस्था पेंशन की राशि कई महीनों से प्राप्त नहीं होने की शिकायत करते हुए सामाजिक पेंशन पुनः प्रारंभ कराने का आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर एडीएम ने समाज कल्याण विभाग को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम पामगढ़ के भुवनेश्वर पटेल ने फौती नामांतरण दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया, वहीं ग्राम बटूराकछार के कंवलदास महंत ने शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी। इसी प्रकार ग्राम साल्हेओना के सरपंच ने सपनई एनीकट में मिट्टी बंधान कार्य कराए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत करते हुए ग्रामीणों की सुविधा एवं जल संरक्षण की दृष्टि से कार्य स्वीकृत कराने की मांग की। ग्राम कुरमापाली की निर्मला देवी साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन दिया।
 जनदर्शन में इसके अलावा भी राजस्व, पंचायत, सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं तथा विभिन्न विभागों से संबंधित अनेक आवेदन प्राप्त हुए। एडीएम श्री टोप्पो ने सभी प्रकरणों पर गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करना है और प्राप्त आवेदनों के निराकरण की नियमित समीक्षा भी की जाएगी। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जनदर्शन: मुआवजा, पेंशन, पीएम आवास, राजस्व एवं विकास कार्यों से जुड़े आवेदनों पर प्रशासन ने लिया संज्ञान नियमानुसार जांच एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश जिला कलेक्टोरेट में आयोजित जनदर्शन में सोमवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं, मांगों एवं शिकायतों को प्रशासन के समक्ष रखा। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ नहीं मिलने, राजस्व प्रकरणों के निराकरण, अतिक्रमण हटाने, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने तथा विकास कार्यों से जुड़े अनेक आवेदन जनदर्शन में प्राप्त हुए। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशानुसार आयोजित जनदर्शन में एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने एक-एक कर आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनदर्शन में ग्राम घुटकूपाली के गोकुल चौहान ने वृद्धावस्था पेंशन की राशि कई महीनों से प्राप्त नहीं होने की शिकायत करते हुए सामाजिक पेंशन पुनः प्रारंभ कराने का आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर एडीएम ने समाज कल्याण विभाग को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। ग्राम पामगढ़ के भुवनेश्वर पटेल ने फौती नामांतरण दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया, वहीं ग्राम बटूराकछार के कंवलदास महंत ने शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी। इसी प्रकार ग्राम साल्हेओना के सरपंच ने सपनई एनीकट में मिट्टी बंधान कार्य कराए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत करते हुए ग्रामीणों की सुविधा एवं जल संरक्षण की दृष्टि से कार्य स्वीकृत कराने की मांग की। ग्राम कुरमापाली की निर्मला देवी साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए आवेदन दिया। जनदर्शन में इसके अलावा भी राजस्व, पंचायत, सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं तथा विभिन्न विभागों से संबंधित अनेक आवेदन प्राप्त हुए। एडीएम श्री टोप्पो ने सभी प्रकरणों पर गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का परीक्षण कर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करना है और प्राप्त आवेदनों के निराकरण की नियमित समीक्षा भी की जाएगी। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Raigarh, Chhattisgarh | Jun 2, 2026

कुष्ठ विकृति सहायक शल्य क्रिया के बाद 22 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे मरीजों को किया गया टब और एक्सरसाइज किट वितरित नियमित फिजियोथैरेपी से मरीजों को मिलेगा बेहतर लाभ कुष्ठ रोग से उत्पन्न विकृतियों के उपचार और पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जिला चिकित्सालय रायगढ़ में कुष्ठ विकृति सहायक शल्य क्रिया (रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी) के बाद भर्ती 22 मरीजों को पोस्ट ऑपरेटिव फिजियोथैरेपी पूर्ण होने पर आज छुट्टी प्रदान की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को घर पर भी नियमित रूप से फिजियोथैरेपी और व्यायाम जारी रखने की सलाह दी, ताकि शल्य क्रिया का अधिकतम लाभ मिल सके और प्रभावित अंगों की कार्यक्षमता में लगातार सुधार हो। विशेषज्ञों ने बताया कि कुष्ठ रोग के कारण हाथ, पैर और आंखों में होने वाली विकृतियों को सुधारने के लिए रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी एक प्रभावी माध्यम है, लेकिन सर्जरी के बाद नियमित फिजियोथैरेपी उपचार का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। इसके माध्यम से मरीजों की मांसपेशियों की शक्ति बढ़ती है, अंगों की गतिशीलता बेहतर होती है और दिव्यांगता की संभावना को कम किया जा सकता है। चिकित्सकों ने मरीजों को निर्धारित व्यायामों का नियमित अभ्यास करने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की समझाइश दी। समापन समारोह के दौरान सभी 22 मरीजों को घर पर फिजियोथैरेपी जारी रखने के उद्देश्य से विशेष टब एवं एक्सरसाइज किट प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को फिजियोथैरेपी से संबंधित आवश्यक निर्देश, सावधानियां और दैनिक अभ्यास की जानकारी भी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि उपचार के बाद पुनर्वास प्रक्रिया उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी शल्य क्रिया, इसलिए मरीजों को नियमित रूप से व्यायाम करते रहना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि कई बार मरीज अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अभ्यास छोड़ देते हैं, जिससे सर्जरी के अपेक्षित परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मरीजों को विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे घर पर भी सही तरीके से फिजियोथैरेपी जारी रख सकें और प्रभावित अंगों की कार्यक्षमता को बेहतर बना सकें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शासन द्वारा कुष्ठ रोग से प्रभावित मरीजों के उपचार, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और फिजियोथैरेपी जैसी सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को सामान्य जीवन की मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जा रहा है। - Raigarh News