कलयुगी बेटे की हैवानियत! 85 वर्षीय बुजुर्ग पिता की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल
जमीन-जायदाद के विवाद में छोटे बेटे पर मारपीट का आरोप, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग
बांदा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू की कार्रवाई, CCTV और वायरल वीडियो बना अहम साक्ष्य
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जनपद के कमासिन थाना क्षेत्र के ओझानगर गांव से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक सीसीटीवी वीडियो में 85 वर्षीय बुजुर्ग शंकर गुप्ता के साथ कथित तौर पर उनके ही छोटे बेटे द्वारा बेरहमी से मारपीट किए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग शंकर गुप्ता के बड़े बेटे कैलाश ने आरोप लगाया है कि जमीन-जायदाद अपने नाम कराने के विवाद को लेकर छोटे भाई कुशल गुप्ता लगातार पिता पर दबाव बना रहा था। विरोध करने पर उसने कथित रूप से अपने ही पिता के साथ लात-घूंसों और थप्पड़ों से बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि इससे पहले भी पुलिस से शिकायत की गई थी, लेकिन समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से घटना गंभीर रूप ले गई।
मारपीट के बाद बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने पर बड़े बेटे ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। बांदा पुलिस के अनुसार, प्राप्त तहरीर के आधार पर कमासिन थाने में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, चिकित्सीय परीक्षण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर बुजुर्गों की सुरक्षा और पारिवारिक मूल्यों पर गंभीर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्ति विवादों का समाधान कानून और आपसी संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि हिंसा के जरिए। माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार न केवल सामाजिक मूल्यों के विरुद्ध है बल्कि कानूनन भी दंडनीय अपराध है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति अपने ही माता-पिता के साथ अमानवीय व्यवहार करने का साहस न कर सके।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच निष्पक्ष ढंग से की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अंतिम निष्कर्ष पुलिस विवेचना और न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएगा।
एनडी न्यूज़ की अपील
माता-पिता और बुजुर्ग हमारे परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके सम्मान, सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी प्रत्येक परिवार की है। यदि आपके आसपास किसी बुजुर्ग के साथ हिंसा, प्रताड़ना या उपेक्षा हो रही हो तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस, प्रशासन अथवा वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन को दें। संवेदनशील समाज वही है जहां बुजुर्ग सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।
ऐसी घटनाओं से बचने के सुझाव
माता-पिता एवं बुजुर्गों के साथ सदैव सम्मानजनक व्यवहार करें।
संपत्ति विवादों का समाधान केवल कानूनी प्रक्रिया और आपसी सहमति से करें।
बुजुर्गों के साथ हिंसा या उत्पीड़न की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
पारिवारिक विवादों में संवाद और मध्यस्थता को प्राथमिकता दें।
समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में सहयोग करे।
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मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
✒️ रिपोर्ट : जिला ब्यूरो, बांदा
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📅 दिनांक: 20 सितंबर 2026
📆 दिन: रविवार
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डिस्क्लेमर: यह समाचार उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी, वायरल वीडियो, शिकायत और पुलिस द्वारा जारी सूचना के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं। मामले की अंतिम पुष्टि पुलिस विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मानी जाएगी।