सहकारी प्रशिक्षण केंद्र गरली पहुंची त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की निरीक्षण टीम
हिमकोफैड चेयरमैन विक्रम शर्मा डिक्की की मौजूदगी में दस्तावेजों की जांच, शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना से बढ़ी उम्मीद
प्रदीप ठाकुर
रक्कड़:10अक्टूबर:हिमाचल प्रदेश में सहकारी शिक्षा को नई पहचान दिलाने की दिशा में गरली स्थित हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी प्रबंध केंद्र महत्वपूर्ण पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की निरीक्षण टीम ने 10 अक्तूबर को गरली संस्थान का दौरा कर शैक्षणिक व्यवस्था, प्रशिक्षण गतिविधियों और संबद्धता से जुड़े अभिलेखों का निरीक्षण किया। टीम की ओर से भविष्य में विश्वविद्यालय से संबद्धता के लिए आश्वासन दिए जाने से संस्थान की उम्मीदों को बल मिला है। हालांकि, संबद्धता की औपचारिक मंजूरी अभी बाकी है।
हिमकोफैड के चेयरमैन विक्रम शर्मा डिक्की ने गरली पहुंचने पर निरीक्षण टीम का स्वागत किया। टीम में प्रो. माधवी मेहता और प्रो. अक्षय अग्रवाल शामिल रहे। संस्थान के प्रधानाचार्य बलविंदर सिंह ने निरीक्षण समिति के समक्ष संबद्धता से संबंधित आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज प्रस्तुत किए। टीम ने संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था और प्रशिक्षण गतिविधियों का जायजा लिया तथा दोनों अधिकारियों ने यहां संचालित शिक्षा एवं प्रशिक्षण गतिविधियों की सराहना की।
यह निरीक्षण अभियान 8 से 10 अक्तूबर तक प्रदेश के विभिन्न सहकारी शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में चलाया गया। 8 अक्तूबर को टीम ने जिला शिमला के मशोबरा स्थित हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी प्रबंध केंद्र का दौरा किया। यहां प्रशिक्षुओं एवं कर्मचारियों से बातचीत करने के साथ भोजनालय, पुस्तकालय और छात्रावास का निरीक्षण किया गया। इसके बाद हिमकोफैड मुख्यालय में संबद्धता से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई।
इसी दौरान हिमकोफैड के चेयरमैन विक्रम शर्मा डिक्की ने प्रदेश सरकार के सचिव (सहकारिता) सुदेश मोक्टा से मुलाकात की। बैठक में डिप्लोमा पाठ्यक्रम की त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय से संबद्धता और निर्धारित मानदंडों पर चर्चा हुई। सचिव ने संबद्धता की प्रक्रिया में हिमकोफैड को पूर्ण सहयोग देने के निर्देश दिए।
9अक्तूबर को निरीक्षण टीम ने जिला ऊना के पंजावर में निर्माणाधीन आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र का दौरा किया। मियां हीरा सिंह ठाकुर के नाम पर विकसित किए जा रहे इस केंद्र में भविष्य में सहकारिता विषय में एक वर्षीय उच्चस्तरीय डिप्लोमा और एमबीए जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। सचिव (सहकारिता) ने केंद्र का निर्माण जल्द पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
गरली, मशोबरा और पंजावर में हुए निरीक्षण से प्रदेश में सहकारी शिक्षा एवं प्रशिक्षण व्यवस्था के विस्तार की संभावनाएं सामने आई हैं। अब गरली केंद्र के लिए अगला महत्वपूर्ण पड़ाव विश्वविद्यालय से औपचारिक संबद्धता हासिल करना होगा, जिससे संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
Rakkar, Kangra | Oct 11, 2026