उत्तराखंड: जौनपुर की सदियों पुरानी 'राज मौण' परंपरा जीवंत, अगलाड़ नदी में उमड़ा जनसैलाब
धनोल्टी/जौनपुर: उत्तराखंड के जौनपुर क्षेत्र की ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर 'राज मौण मेला' आज अगलाड़ नदी के तट पर पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। करीब 160 वर्षों से चली आ रही इस अनूठी परंपरा में 114 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।परंपरा के अनुसार, ग्रामीणों ने औषधीय गुणों से भरपूर 'टिमरू' की छाल का पाउडर (मौण) नदी में प्रवाहित किया, जिससे मछलियां कुछ समय के लिए बेहोश हो गईं। इसके बाद ढोल-दमाऊ की थाप पर हजारों की संख्या में लोग नदी में उतरे और सामूहिक रूप से मछली पकड़ने के इस रोमांचक उत्सव का आनंद लिया। यह मेला न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि क्षेत्र की सामुदायिक एकता और लोक संस्कृति का प्रतीक भी है।