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नालंदा में छात्र को शिक्षक का आदेश पालन करना पड़ गया महंगा!!! . . . #nalanda #bihar #news #newbihar

Bihar, Nalanda | Jan 3, 2025

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Nalanda University Press Release | Hindi

नालंदा विश्वविद्यालय और मंगोलियाई संस्थानों के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा
गंदन मठ एवं नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ मंगोलिया के साथ दो महत्वपूर्ण समझौते 

राजगीर/उलानबटार, मंगोलिया | 9 जून 2026: नालंदा विश्वविद्यालय ने 8–9 जून 2026 को मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित उच्चस्तरीय शैक्षणिक कार्यक्रमों के दौरान दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर कर भारत और मंगोलिया के मध्य सांस्कृतिक तथा शैक्षणिक संबंधों को नई दिशा प्रदान की है।

पहला समझौता ज्ञापन 8 जून को उलानबटार स्थित ऐतिहासिक गंदनतेगचिनलेन मठ (गंदन मठ) में नालंदा विश्वविद्यालय और गंदन मठ के बीच संपन्न हुआ, जिस पर प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, कुलपति, नालंदा विश्वविद्यालय, तथा गेशे ल्हारम्पा जावज़ंदोरज दुलमरागचा, खाम्बा नोमुन खान, सर्वोच्च धर्माध्यक्ष और गंदनतेगचिनलेन मठ के प्रमुख ने हस्ताक्षर किए।

इस कार्यक्रम में लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना, मंगोलिया में भारत के राजदूत श्री अतुल मल्हारी गोटसुरवे, अरखंगाई प्रांत के गवर्नर श्री बी. त्सेरेननादमिद, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और भारत के विभिन्न मठों से आए भिक्षु उपस्थित थे।

यह साझेदारी सदियों पुरानी साझा बौद्ध विरासत पर आधारित है और संयुक्त अनुसंधान, शैक्षणिक आदान‑प्रदान, संयुक्त प्रकाशन एवं सम्मेलनों को बढ़ावा देगी। साथ ही, दुर्लभ बौद्ध पांडुलिपियों के अध्ययन, संरक्षण और प्रसार के माध्यम से प्राचीन नालंदा की ज्ञानपरंपरा को भावी पीढ़ियों तक संरक्षित रखने में भी योगदान देगी।

इसके पश्चात, 9 जून को उलानबटार स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ मंगोलिया (एनयूएम) के परिसर में नालंदा विश्वविद्यालय और एनयूएम के बीच एक और महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते पर प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, कुलपति, नालंदा विश्वविद्यालय और प्रोफेसर बातारचुलून त्सेरमा, उपाध्यक्ष (अनुसंधान एवं सहयोग), नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ मंगोलिया ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

यह शैक्षणिक साझेदारी धर्म अध्ययन, बौद्ध दर्शन, संस्कृति एवं कला, इतिहास, पारिस्थितिकी, संस्कृत व तिब्बती भाषा, व्यापार और आर्थिक इतिहास सहित कई क्षेत्रों में सहयोग के नए आयाम खोलेगी। इसके तहत संकाय व छात्र आदान‑प्रदान, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएँ, शैक्षणिक कार्यक्रम और ज्ञान‑साझाकरण की पहलें संचालित की जाएँगी।

प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने कहा कि इन साझेदारियों का असली फायदा छात्रों और रिसर्चर्स को मिलेगा और इससे उनकी पढ़ाई का अनुभव और बेहतर होगा। भारत और मंगोलिया के बीच बना ज्ञान का यह पुल ग्लोबल लर्निंग और रिसर्च के नए रास्ते खोलेगा। यह कदम नालंदा की उसी प्राचीन भावना को आगे बढ़ाता है, जो आज के छात्रों को एक जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बनाती है ताकि वे दुनिया में शांति और विकास के लिए काम कर सकें।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar 
Nalanda University, Rajgir

Nalanda University Press Release | Hindi नालंदा विश्वविद्यालय और मंगोलियाई संस्थानों के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा गंदन मठ एवं नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ मंगोलिया के साथ दो महत्वपूर्ण समझौते राजगीर/उलानबटार, मंगोलिया | 9 जून 2026: नालंदा विश्वविद्यालय ने 8–9 जून 2026 को मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित उच्चस्तरीय शैक्षणिक कार्यक्रमों के दौरान दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर कर भारत और मंगोलिया के मध्य सांस्कृतिक तथा शैक्षणिक संबंधों को नई दिशा प्रदान की है। पहला समझौता ज्ञापन 8 जून को उलानबटार स्थित ऐतिहासिक गंदनतेगचिनलेन मठ (गंदन मठ) में नालंदा विश्वविद्यालय और गंदन मठ के बीच संपन्न हुआ, जिस पर प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, कुलपति, नालंदा विश्वविद्यालय, तथा गेशे ल्हारम्पा जावज़ंदोरज दुलमरागचा, खाम्बा नोमुन खान, सर्वोच्च धर्माध्यक्ष और गंदनतेगचिनलेन मठ के प्रमुख ने हस्ताक्षर किए। इस कार्यक्रम में लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल श्री विनय कुमार सक्सेना, मंगोलिया में भारत के राजदूत श्री अतुल मल्हारी गोटसुरवे, अरखंगाई प्रांत के गवर्नर श्री बी. त्सेरेननादमिद, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और भारत के विभिन्न मठों से आए भिक्षु उपस्थित थे। यह साझेदारी सदियों पुरानी साझा बौद्ध विरासत पर आधारित है और संयुक्त अनुसंधान, शैक्षणिक आदान‑प्रदान, संयुक्त प्रकाशन एवं सम्मेलनों को बढ़ावा देगी। साथ ही, दुर्लभ बौद्ध पांडुलिपियों के अध्ययन, संरक्षण और प्रसार के माध्यम से प्राचीन नालंदा की ज्ञानपरंपरा को भावी पीढ़ियों तक संरक्षित रखने में भी योगदान देगी। इसके पश्चात, 9 जून को उलानबटार स्थित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ मंगोलिया (एनयूएम) के परिसर में नालंदा विश्वविद्यालय और एनयूएम के बीच एक और महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते पर प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, कुलपति, नालंदा विश्वविद्यालय और प्रोफेसर बातारचुलून त्सेरमा, उपाध्यक्ष (अनुसंधान एवं सहयोग), नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ मंगोलिया ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह शैक्षणिक साझेदारी धर्म अध्ययन, बौद्ध दर्शन, संस्कृति एवं कला, इतिहास, पारिस्थितिकी, संस्कृत व तिब्बती भाषा, व्यापार और आर्थिक इतिहास सहित कई क्षेत्रों में सहयोग के नए आयाम खोलेगी। इसके तहत संकाय व छात्र आदान‑प्रदान, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएँ, शैक्षणिक कार्यक्रम और ज्ञान‑साझाकरण की पहलें संचालित की जाएँगी। प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने कहा कि इन साझेदारियों का असली फायदा छात्रों और रिसर्चर्स को मिलेगा और इससे उनकी पढ़ाई का अनुभव और बेहतर होगा। भारत और मंगोलिया के बीच बना ज्ञान का यह पुल ग्लोबल लर्निंग और रिसर्च के नए रास्ते खोलेगा। यह कदम नालंदा की उसी प्राचीन भावना को आगे बढ़ाता है, जो आज के छात्रों को एक जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बनाती है ताकि वे दुनिया में शांति और विकास के लिए काम कर सकें। Information & Public Relations Department, Government of Bihar Nalanda University, Rajgir

Nalanda, Bihar | Jun 9, 2026

Narendra Modi 
Samrat Choudhary 
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Narendra Modi Samrat Choudhary Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 9, 2026

नालंदा:- राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर एक श्रद्धालु का पर्स मेला क्षेत्र में कहीं गिर गया। 

पर्स मिलने पर एक दुकानदार ने अपनी ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए उसे अपने पास रखने के बजाय मेला कंट्रोल रूम में जमा करा दिया। 

कंट्रोल रूम के माध्यम से पर्स के वास्तविक व्यक्ति का पता लगाकर उसे सुरक्षित रूप से वापस सौंप दिया गया।

 दुकानदार की इस सराहनीय पहल की श्रद्धालुओं एवं मेला प्रशासन ने प्रशंसा की।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

नालंदा:- राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर एक श्रद्धालु का पर्स मेला क्षेत्र में कहीं गिर गया। पर्स मिलने पर एक दुकानदार ने अपनी ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय देते हुए उसे अपने पास रखने के बजाय मेला कंट्रोल रूम में जमा करा दिया। कंट्रोल रूम के माध्यम से पर्स के वास्तविक व्यक्ति का पता लगाकर उसे सुरक्षित रूप से वापस सौंप दिया गया। दुकानदार की इस सराहनीय पहल की श्रद्धालुओं एवं मेला प्रशासन ने प्रशंसा की। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 9, 2026

नालंदा: -राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए मेले में अपने परिजनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाया। 

खोया-पाया केंद्र की तत्परता, कुशल समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के कारण अनेक श्रद्धालुओं को राहत मिली तथा वे सुरक्षित रूप से अपने परिजनों तक पहुंच सके। 

जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

नालंदा: -राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए मेले में अपने परिजनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाया। खोया-पाया केंद्र की तत्परता, कुशल समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के कारण अनेक श्रद्धालुओं को राहत मिली तथा वे सुरक्षित रूप से अपने परिजनों तक पहुंच सके। जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 9, 2026

नालंदा: -राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए मेले में अपने परिजनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाया। 

खोया-पाया केंद्र की तत्परता, कुशल समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के कारण अनेक श्रद्धालुओं को राहत मिली तथा वे सुरक्षित रूप से अपने परिजनों तक पहुंच सके। 

जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है।
Information & Public Relations Department, Government of Bihar

नालंदा: -राजकीय राजगीर मलमास मेला 2026 के पावन अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा संचालित खोया-पाया केंद्र ने सराहनीय कार्य करते हुए मेले में अपने परिजनों से बिछड़े श्रद्धालुओं को खोजकर उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाया। खोया-पाया केंद्र की तत्परता, कुशल समन्वय एवं निरंतर प्रयासों के कारण अनेक श्रद्धालुओं को राहत मिली तथा वे सुरक्षित रूप से अपने परिजनों तक पहुंच सके। जिला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सुनिश्चित करने हेतु किए जा रहे इस प्रयास की व्यापक सराहना की जा रही है। Information & Public Relations Department, Government of Bihar

Nalanda, Bihar | Jun 9, 2026