“एनीमिया मुक्त बिहार” विशेष अभियान का जिले में शुभारंभ, लगभग 150 महिलाओं की हुई हीमोग्लोबिन : जांच
माननीय मुख्यमंत्री जी के राज्यस्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम का हुआ लाइव प्रसारण, एनीमिया की रोकथाम, समय पर जांच एवं उपचार पर दिया गया विशेष जोर।
आज दिनांक 25 अगस्त 2026 को बिहार सरकार द्वारा संचालित “एनीमिया मुक्त बिहार” विशेष अभियान के राज्यस्तरीय शुभारंभ के अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति, नवादा के सभागार में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान माननीय मुख्यमंत्री, बिहार द्वारा अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण प्रभारी जिला पदाधिकारी-सह-उप विकास आयुक्त श्रीमती नीलिमा साहू की उपस्थिति में किया गया।
इसके साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति, नवादा के सभागार में महिलाओं की हीमोग्लोबिन (Hb) जांच, एनीमिया की पहचान एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु विशेष जांच शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी जिला पदाधिकारी-सह-उप विकास आयुक्त ने एनीमिया को महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौती बताते हुए कहा कि इसकी रोकथाम के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि समाज के सभी स्तरों पर जागरूकता एवं सहभागिता आवश्यक है।
उन्होंने समय पर हीमोग्लोबिन जांच, एनीमिया की शीघ्र पहचान, आयरन युक्त पौष्टिक आहार, आयरन-फोलिक एसिड के नियमित सेवन तथा आवश्यकतानुसार उचित उपचार एवं रेफरल पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों से आह्वान किया कि अभियान को केवल एक विशेष कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए, ताकि एनीमिया से प्रभावित प्रत्येक लाभार्थी की पहचान कर उसे समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
विशेष जांच शिविर के दौरान लगभग 150 महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच की गई। जांच के आधार पर एनीमिया से प्रभावित महिलाओं की पहचान करते हुए निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।
जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर 8 ग्राम से 11 ग्राम के बीच पाया गया, उन्हें आवश्यक परामर्श के साथ आयरन-फोलिक एसिड (IFA) की गोलियां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही, उन्हें नियमित रूप से IFA का सेवन करने तथा आयरन एवं पोषक तत्वों से भरपूर पौष्टिक आहार लेने के संबंध में जानकारी दी गई।
वहीं, 7 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन स्तर पाए जाने की स्थिति में संबंधित लाभार्थियों को बेहतर जांच एवं समुचित उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर करने के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं को एनीमिया से बचाव के उपायों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि नियमित अंतराल पर हीमोग्लोबिन की जांच कराना, आयरन एवं पोषक तत्वों से भरपूर भोजन लेना तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड का सेवन करना आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त Population Foundation of India (PFI) तथा Evidence Action के जिला प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए अभियान से संबंधित गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनीमिया की समय पर पहचान, उपचार एवं रोकथाम के साथ-साथ समुदाय में व्यापक जागरूकता विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया गया कि अभियान के दौरान पात्र महिलाओं एवं किशोरियों तक जांच, परामर्श, आयरन-फोलिक एसिड एवं आवश्यक रेफरल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एनीमिया की शीघ्र पहचान, समय पर उपचार, उचित पोषण के प्रति जागरूकता तथा गंभीर एनीमिया से प्रभावित लाभार्थियों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों से जोड़ते हुए “एनीमिया मुक्त बिहार” के लक्ष्य को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाना रहा।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. विनोद चौधरी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अमित कुमार एवं जिला सामुदायिक उत्प्रेरक श्री गजेंद्र कुमार सहित जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
नवादा से राकेश कुमार चन्दन की रिपोर्ट !
Nawada, Nawada | Aug 25, 2026