विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी" विषय पर दो दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन।
आज दिनांक 06 अगस्त 2026 को जिला पदाधिकारी, नवादा श्री रवि प्रकाश की अध्यक्षता में डीआरडीए सभागार में "विकसित भारत के लिए 125 दिन ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी" विषय पर दो दिवसीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त श्रीमती नीलीमा साहु एवं जिला परिषद अध्यक्षा श्रीमती पुष्पा कुमारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था से संबंधित एक वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिसके उपरांत विषय पर विस्तृत परिचर्चा आयोजित हुई।
अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समय-समय पर अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं।वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लागू होने के साथ ही ग्रामीण परिवारों को पहली बार रोजगार प्राप्त करने का कानूनी अधिकार मिला। उन्होंने कहा कि बीते लगभग 20 वर्षों में मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन तथा आधारभूत संरचना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने एवं उनकी आजीविका को संबल प्रदान करने में यह योजना अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण रोजगार योजना का उद्देश्य एक ओर ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना है, वहीं दूसरी ओर उनके श्रम के माध्यम से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, सिंचाई सुविधाओं का विकास, तालाब एवं पोखरों का जीर्णोद्धार, पौधारोपण, खेल मैदान, विद्यालयों की आधारभूत संरचनाओं सहित टिकाऊ एवं जनोपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इन्हीं उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था लागू की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था पूर्व की योजनाओं का पूर्णतः प्रतिस्थापन नहीं है, बल्कि उनके सफल एवं प्रभावी प्रावधानों को आगे बढ़ाते हुए आवश्यक सुधार किए गए हैं। कृषि कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए 60 दिनों का "लीव पीरियड" निर्धारित किया गया है तथा रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण श्रमिकों को अधिक रोजगार उपलब्ध होगा तथा कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित रहेगी।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि अब योजनाओं के लिए संसाधनों का आवंटन राज्यों की वास्तविक आवश्यकता एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप किया जाएगा, जिससे अधिक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ मिल सकेगा। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं के साथ अभिसरण (कन्वर्जेंस) को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, आईसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा विभाग एवं अन्य योजनाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में चारदीवारी, छात्र एवं छात्राओं के लिए पृथक शौचालय, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्षों की मरम्मत एवं अनुरक्षण, ग्रामीण हाट-बाजार का विकास, पंचायत स्तर पर जल निकासी व्यवस्था, मुक्तिधाम, तालाब एवं पोखरों का विकास, पौधारोपण, जल संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रधानमंत्री गति शक्ति पोर्टल एवं जीआईएस आधारित योजना निर्माण के माध्यम से विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाकर उनका पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
जिला पदाधिकारी ने सभी मुखिया, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से आह्वान किया कि योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम में गोपनीय शाखा प्रभारी श्री राजीव कुमार, निदेशक एनआईपी श्री रवि जी, विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के मुखिया, पंचायत प्रतिनिधि एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
नवादा से राकेश कुमार चन्दन की रिपोर्ट !
Nawada, Nawada | Aug 6, 2026