जलभराव रोकने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर युद्धस्तर पर कराएं नालों की सफाई - मेयर
नालों की सफाई में लापरवाही पर रुकेगा एजेंसी का भुगतान, अधिकारियों पर होगी कार्रवाई - सुमन बहमनी
सफाई एजेंसी को पार्षदों को देनी होगी नालों की सफाई की रिपोर्ट
नालों की सफाई को लेकर मेयर ने ली पार्षदों, अधिकारियों व सफाई एजेंसी के पदाधिकारियों की बैठक
यमुनानगर। शहर को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने और मानसून से निपटने की तैयारियों को लेकर नगर निगम की मेयर सुमन बहमनी ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सोमवार को मेयर ने वार्ड पार्षदों, निगम अधिकारियों और सफाई एजेंसी के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान मेयर ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि पिछली बार बारिश के दौरान शहर में जलभराव के जो हालात बने थे, वे इस बार किसी भी कीमत पर दोबारा पैदा नहीं होने चाहिए। अगर इस बार नालों की सफाई में लापरवाही के कारण शहरवासियों के घरों में पानी जलभराव हुआ तो न केवल संबंधित अधिकारी व कर्मचारी पर कार्रवाई होगी, बल्कि सफाई एजेंसी का भुगतान भी रोक दिया जाएगा। इसकी पूरी रिपोर्ट भी निदेशालय को भेजी जाएगी।
बैठक में वार्ड 8 से 22 तक के पार्षदों ने भाग लिया। मेयर सुमन बहमनी ने वार्ड पार्षदों से उनके क्षेत्रों के नालों की वर्तमान स्थिति और सफाई व्यवस्था का फीडबैक लिया। बैठक में पार्षद विभोर पाहुजा, संदीप धीमान, विक्रम राणा, हरजीत आनंद, दीक्षित कुमार, पार्षद प्रतिनिधि कृष्ण सिंगला, पवन यादव ने अपने अपने वार्डाें के नालों की वर्तमान स्थिति बताई। अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार व कार्यकारी अभियंता हरीश कुमार ने निगम द्वारा कराई जा रही नालों की सफाई की जानकारी दी। मेयर ने सफाई एजेंसी के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर नालों की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। जिन नालों की सफाई अभी तक शुरू नहीं हो पाई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर साफ किया जाए। इसके साथ ही बड़े नालों के साथ-साथ छोटे नालों की सफाई भी तुरंत प्रभाव से कराई जाए। नालों के चैंबर खोलकर सफाई कराई जाए, ताकि पानी की निकासी में कोई बाधा न आए। बैठक में सहायक अभियंता सुरेंद्र दहिया, मुख्य सफाई निरीक्षक हरजीत सिंह, विनोद बेनीवाल, कनिष्ठ अभियंता हरेंद्र सिंह, अजय कुमार आदि ने अपने अपने क्षेत्रों में नालों की सफाई के बारे में जानकारी दी।
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*जेटिंग मशीन खरीद कर कराएं अंडरग्राउंड नालों की सफाई* - बैठक में अंडरग्राउंड नालों की सफाई का कार्य करने की समस्या भी सामने आई। मेयर सुमन बहमनी ने कहा कि अंडरग्राउंड नालों की सफाई के लिए सदन की बैठक में जेटिंग मशीन खरीदने का प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन अभी तक मशीन नहीं खरीदी गई। मेयर ने अधिकारियों से इसका स्पष्टीकरण मांगा और जल्द से जल्द तीन जेटिंग मशीन खरीद कर अंडरग्राउंड नालों की सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरी सफाई प्रक्रिया की कड़ी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। विशेषकर उन संवेदनशील इलाकों पर पहले से फोकस करने को कहा गया है, जहां जलभराव की स्थिति बनती है।
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*पार्षद की एनओसी के बिना नहीं होगी पेमेंट* - बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि अब सफाई एजेंसी मनमानी नहीं कर पाएगी। एजेंसी जिस भी वार्ड में काम करेगी, उसकी एडवांस जानकारी संबंधित पार्षद को देनी होगी। नाले की सफाई पूरी होने के बाद एजेंसी को अपनी रिपोर्ट पार्षद को सौंपनी होगी। पार्षदों की संतुष्टि और उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही एजेंसी के बिल पास किए जाएंगे।
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*मंत्री और निदेशक को भेजी जाएगी रिपोर्ट* - अधिकारियों को सचेत करते हुए मेयर ने कहा कि वे खुद हर वार्ड में जाकर नालों की सफाई का औचक निरीक्षण कर रही हैं। यदि निरीक्षण के दौरान किसी भी वार्ड में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं पाई गई, तो उसकी रिपोर्ट सीधे शहरी स्थानीय निकाय के निदेशक और शहरी स्थानीय निकाय मंत्री को भेजी जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी तालमेल और गंभीरता से काम करने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने पब्लिक हेल्थ व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को भी नगर निगम अधिकारियों से तालमेल बनाकर बारिश में होने वाले जलभराव से निपटने के निर्देश दिए।
फोटो - नालों की सफाई को लेकर अधिकारियों की बैठक लेती मेयर सुमन बहमनी।
अधिकारियों को निर्देश देते मेयर सुमन बहमनी।