"एक माह बाद भी नहीं मिला न्याय: कुणाल गुर्जर की मां दीपिका गुर्जर का दर्द छलका, 18 जून को जयपुर में धरने का ऐलान"
भीलवाड़ा/टोंक :देवकरण माली = बहुचर्चित कुणाल गुर्जर मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर पीड़ित परिवार का संघर्ष लगातार जारी है। घटना को लगभग एक माह बीत जाने के बावजूद परिवार का आरोप है कि अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। इसी को लेकर कुणाल की मां दीपिका गुर्जर ने प्रशासन और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
दीपिका गुर्जर का कहना है कि उनके बेटे कुणाल को कथित रूप से लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। परिवार का आरोप है कि उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिसके चलते वह गहरे तनाव में चला गया। और उसने आत्महत्या की
भावुक होते हुए दीपिका गुर्जर ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह करीब 6 बजे जब वह उठकर कुणाल के कमरे में पहुंचीं, तो उन्होंने अपने बेटे को पंखे से लटका हुआ पाया। उन्होंने कहा कि एक मां के लिए इससे बड़ा दुख कोई नहीं हो सकता और आज भी वह उस मंजर को भूल नहीं पाई हैं।
न्याय की मांग को लेकर दीपिका गुर्जर इन कुछ दिनों के लिए भीलवाड़ा आई उनहोन समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों से समर्थन की गुहार लगा रही हैं। उनका कहना है कि वह अपने बेटे के लिए न्याय चाहती हैं और इसके लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।
दीपिका गुर्जर ने घोषणा की है कि 18 जून को जयपुर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि परिवार को अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं, जबकि उन्हें निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।
दीपिका गुर्जर ने यह भी कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और उनकी मांगों की लगातार अनदेखी होती रही,
तो उन्हें मजबूरन धर्म परिवर्तन करना पड़ेगा
पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
नोट: समाचार में उल्लिखित सभी आरोप, दावे और बयान दीपिका गुर्जर एवं उनके परिवार द्वारा लगाए गए आरोप हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही तथ्यों की पूर्ण स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।