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Dehradun, Dehradun | Jul 13, 2026

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🚨CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत, बद्रीनाथ मंदिर का कर्मचारी गिरफ्तार

श्री बद्रीनाथ धाम में थाली भेंट की धनराशि एवं अन्य भेंट सामग्री में वित्तीय अनियमितता के मामले में चमोली पुलिस ने अभियुक्त प्रमोद नौटियाल को देहरादन से गिरफ्तार किया है। श्रद्धालुओं की आस्था एवं मंदिर की वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े इस संवेदनशील प्रकरण का शासन द्वारा गंभीरता से संज्ञान लिया गया, जिसके उपरांत पुलिस द्वारा मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच सुनिश्चित की गई।

दिनांक 08 जुलाई, 2026 को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी श्री युद्धवीर पुष्पवान की लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली श्री बद्रीनाथ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 एवं 316(5) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।* तहरीर में उल्लेख किया गया कि 02 जुलाई, 2026 को श्री बद्रीनाथ मंदिर में थाली भेंट की गणना के दौरान वित्तीय अनियमितता की सूचना मिलने पर माननीय अध्यक्ष, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के आदेशानुसार गठित विभागीय जांच समिति की प्राथमिक जांच में मंदिर समिति के कार्मिक प्रमोद नौटियाल द्वारा थाली भेंट गणना स्थल से धनराशि एवं अन्य भेंट सामग्री को अवैध रूप से अपने निजी हित में चोरी-छिपे ले जाने के तथ्य सामने आए।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली- सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी चमोली मदन सिंह बिष्ट के निकट पर्यवेक्षण में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। SIT द्वारा विवेचना के दौरान घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया गया तथा वादी व गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त, दिनांक 02 जुलाई, 2026 की थाली भेंट गणना कक्ष की *सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में स्पष्ट पाया गया कि अभियुक्त प्रमोद नौटियाल कई बार गणना कक्ष से धनराशि एवं अन्य भेंट सामग्री को अपने मोबाइल फोन के नीचे छिपाकर तथा अपनी जेब में रखकर अवैध रूप से बाहर ले जा रहा था।

विवेचना के दौरान यह भी प्रकाश में आया कि अभियुक्त द्वारा अलग-अलग समय पर ₹500 के नोट, सोना-चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला तथा केसर के पैकेट को अवैध रूप से अपने कब्जे में लिया गया।

सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर पुलिस टीम ने दिनांक 12 जुलाई, 2026 की रात्रि अभियुक्त प्रमोद नौटियाल को उसके देहरादून स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है तथा प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।

🚨CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत, बद्रीनाथ मंदिर का कर्मचारी गिरफ्तार श्री बद्रीनाथ धाम में थाली भेंट की धनराशि एवं अन्य भेंट सामग्री में वित्तीय अनियमितता के मामले में चमोली पुलिस ने अभियुक्त प्रमोद नौटियाल को देहरादन से गिरफ्तार किया है। श्रद्धालुओं की आस्था एवं मंदिर की वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े इस संवेदनशील प्रकरण का शासन द्वारा गंभीरता से संज्ञान लिया गया, जिसके उपरांत पुलिस द्वारा मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच सुनिश्चित की गई। दिनांक 08 जुलाई, 2026 को श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी श्री युद्धवीर पुष्पवान की लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली श्री बद्रीनाथ में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 एवं 316(5) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।* तहरीर में उल्लेख किया गया कि 02 जुलाई, 2026 को श्री बद्रीनाथ मंदिर में थाली भेंट की गणना के दौरान वित्तीय अनियमितता की सूचना मिलने पर माननीय अध्यक्ष, श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के आदेशानुसार गठित विभागीय जांच समिति की प्राथमिक जांच में मंदिर समिति के कार्मिक प्रमोद नौटियाल द्वारा थाली भेंट गणना स्थल से धनराशि एवं अन्य भेंट सामग्री को अवैध रूप से अपने निजी हित में चोरी-छिपे ले जाने के तथ्य सामने आए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली- सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी चमोली मदन सिंह बिष्ट के निकट पर्यवेक्षण में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। SIT द्वारा विवेचना के दौरान घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया गया तथा वादी व गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त, दिनांक 02 जुलाई, 2026 की थाली भेंट गणना कक्ष की *सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में स्पष्ट पाया गया कि अभियुक्त प्रमोद नौटियाल कई बार गणना कक्ष से धनराशि एवं अन्य भेंट सामग्री को अपने मोबाइल फोन के नीचे छिपाकर तथा अपनी जेब में रखकर अवैध रूप से बाहर ले जा रहा था। विवेचना के दौरान यह भी प्रकाश में आया कि अभियुक्त द्वारा अलग-अलग समय पर ₹500 के नोट, सोना-चांदी के सिक्कों के पैकेट, शालिग्राम शिला तथा केसर के पैकेट को अवैध रूप से अपने कब्जे में लिया गया। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होने पर पुलिस टीम ने दिनांक 12 जुलाई, 2026 की रात्रि अभियुक्त प्रमोद नौटियाल को उसके देहरादून स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है तथा प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्यवाही प्रचलित है।

Dehradun, Dehradun | Jul 13, 2026

🚨सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' पर हर्रावाला से वेरावल के लिए विशेष रेल यात्रा का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेलवे स्टेशन हर्रावाला, देहरादून से 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के उपलक्ष्य में वेरावल (सोमनाथ) के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए इसे केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि छह दिवसीय इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न वर्गों से लगभग 700 श्रद्धालु सहभागी बन रहे हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माताएं-बहनें, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने इस पहल के लिए संस्कृति विभाग की सराहना करते हुए सभी यात्रियों की मंगलमय, सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की कामना भगवान सोमनाथ और बाबा केदार से की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा भारत की हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा, गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट आस्था, अदम्य विश्वास और पुनरुत्थान का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक शक्ति एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव कराने वाला विशेष अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में अभूतपूर्व सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर चल रहा है। अयोध्या से सोमनाथ, केदारनाथ से काशी विश्वनाथ, महाकाल से बद्रीनाथ धाम तक मंदिरों का व्यापक पुनरुद्धार और विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की जीवनरेखा हैं। लंबे समय तक जिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की उपेक्षा हुई, आज उन्हें पुनः सम्मान और गौरव प्राप्त हो रहा है, जो बदलते भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार पर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में 'सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज' की स्थापना भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है, जो केवल भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान नहीं बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता की रक्षा का प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधारात्मक कदम उठाते हुए 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा मदरसा बोर्ड के स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई है, ताकि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां आधुनिक विकास और सनातन संस्कृति दोनों समान रूप से आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य साकार होगा।

मुख्यमंत्री ने यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे जहां भी जाएं, देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और 'अतिथि देवो भवः' की भावना का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि सभी यात्री इस यात्रा के माध्यम से केवल सोमनाथ के दर्शन करने नहीं जा रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के भी प्रतिनिधि हैं। उन्होंने सभी से अपने आचरण, व्यवहार और विचारों से राज्य की सकारात्मक पहचान को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

🚨सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' पर हर्रावाला से वेरावल के लिए विशेष रेल यात्रा का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को रेलवे स्टेशन हर्रावाला, देहरादून से 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के उपलक्ष्य में वेरावल (सोमनाथ) के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए इसे केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि छह दिवसीय इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न वर्गों से लगभग 700 श्रद्धालु सहभागी बन रहे हैं। इनमें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी माताएं-बहनें, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने इस पहल के लिए संस्कृति विभाग की सराहना करते हुए सभी यात्रियों की मंगलमय, सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की कामना भगवान सोमनाथ और बाबा केदार से की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा भारत की हजारों वर्षों पुरानी सनातन परंपरा, गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर भारत की अटूट आस्था, अदम्य विश्वास और पुनरुत्थान का प्रतीक है। अनेक आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक शक्ति एवं संकल्प के साथ आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव कराने वाला विशेष अवसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में अभूतपूर्व सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर चल रहा है। अयोध्या से सोमनाथ, केदारनाथ से काशी विश्वनाथ, महाकाल से बद्रीनाथ धाम तक मंदिरों का व्यापक पुनरुद्धार और विकास भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की जीवनरेखा हैं। लंबे समय तक जिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की उपेक्षा हुई, आज उन्हें पुनः सम्मान और गौरव प्राप्त हो रहा है, जो बदलते भारत की नई तस्वीर प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री से प्रेरणा लेकर उत्तराखंड सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण के साथ ही हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार पर कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा शारदा कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में 'सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज' की स्थापना भी की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध चलाए गए अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को मुक्त कराया गया है, जो केवल भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान नहीं बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और पवित्रता की रक्षा का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधारात्मक कदम उठाते हुए 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील किया गया तथा मदरसा बोर्ड के स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की गई है, ताकि शिक्षा राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां आधुनिक विकास और सनातन संस्कृति दोनों समान रूप से आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग और आशीर्वाद से यह संकल्प अवश्य साकार होगा। मुख्यमंत्री ने यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे जहां भी जाएं, देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति, संस्कार और 'अतिथि देवो भवः' की भावना का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि सभी यात्री इस यात्रा के माध्यम से केवल सोमनाथ के दर्शन करने नहीं जा रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के भी प्रतिनिधि हैं। उन्होंने सभी से अपने आचरण, व्यवहार और विचारों से राज्य की सकारात्मक पहचान को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

Dehradun, Dehradun | Jul 13, 2026

देहरादून: राजधानी के डालनवाला क्षेत्र में सोमवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की टीम एक कथित अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई करने पहुंची। कार्रवाई के दौरान जमीन मालिकों और फ्लैट मालिकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।

देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे व डंडे चले। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया।

बताया जा रहा है कि MDDA की कार्रवाई को लेकर दोनों पक्षों में पहले से ही तनाव था। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

देहरादून: राजधानी के डालनवाला क्षेत्र में सोमवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की टीम एक कथित अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई करने पहुंची। कार्रवाई के दौरान जमीन मालिकों और फ्लैट मालिकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे व डंडे चले। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया। बताया जा रहा है कि MDDA की कार्रवाई को लेकर दोनों पक्षों में पहले से ही तनाव था। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Dehradun, Dehradun | Jul 13, 2026