भारतीय पुरातन कला को घर घर तक पहुंचा रही अलंकृता
दशहरा उत्सव में 14 साल की लड़की ने लगाया स्टॉल
कुल्लू, कांगड़ा, पिछवाई और कलमकारी आर्ट की हो रही प्रिंटिंग
Kullu Times
भारत की पुरातन कला संस्कृति जहां पहले मंदिरों, बड़े-बड़े किलो में ही देखने को मिलती थी। वही एक लड़की के प्रयासों से इस तरह की कला को आप घर-घर पहुँचाने का भी प्रयास किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में 14 साल की लड़की अलंकृता चंदेल के द्वारा पहली बार इस तरह का स्टार्टअप शुरू किया गया है और वह स्टॉल के माध्यम से पुरातन कला को विभिन्न उत्पादों पर प्रिंट कर सैलानियों तथा स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी भी दे रही है। 14 साल की लड़की अलंकृता का उद्देश्य है कि लोग अपनी भारतीय पुरातन कला के बारे में अधिक से अधिक जानकारी रखें और इन्हें रोजमर्रा की वस्तुओं का माध्यम से अपने घरों में प्रयोग करें। ताकि पुरातन कला का अधिक प्रचार प्रसार हो सके। जिला कुल्लू के मुख्यालय ढालपुर मैदान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में अलंकृता के द्वारा एक स्टॉल भी लगाया गया है। जिसमें वह अपने साथियों के साथ कॉफी मग, की रिंग, बैग, प्लेट्स, क्रोकरी सहित अन्य उत्पादों पर पुरातन काल को प्रिंट कर लोगों तक पहुंच रही है।
Neerja Chandel
Kullu, Kullu | Oct 23, 2026