Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Gujarat
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Nsui
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
Bhopal
सपा
Uttarpradesh
Haryana

सोनुआ: सोनुआ में भगवान श्री जगन्नाथ की बहुड़ा रथ यात्रा श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न

सोनुआ। शनिवार को सात बजे भगवान श्री जगन्नाथ, बहन सुभद्रा एवं भाई बलभद्र के नौ दिवसीय प्रवास के उपरांत बहुड़ा रथ यात्रा के पावन अवसर पर श्रीमंदिर वापसी हुई। इस शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि, शांति, भाईचारे कामना किया।

MORE NEWS

सोनुआ बावुडा रथ यात्रा 2026

सोनुआ बावुडा रथ यात्रा 2026

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 25, 2026

जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनीं आमजन की समस्याएं, विभिन्न मामलों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिला दण्डाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में नियमित जनता दरबार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं जनसुविधाओं से संबंधित समस्याओं एवं मांगों को आवेदन के माध्यम से उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया। जनता दरबार में भूमि बंदोबस्ती, लीज बंदोबस्त, मंईयां सम्मान योजना के लाभ से संबंधित विषय, सेवा पुस्तिका में आवश्यक संशोधन, पारिवारिक सूची में नाम जोड़ने एवं त्रुटि सुधार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आवास योजनाओं, सड़क निर्माण एवं मरम्मत सहित अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। 

उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों का एक-एक कर अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामलों की प्रकृति के अनुरूप शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिन मामलों का समाधान तत्काल संभव रहा, उनका मौके पर ही निष्पादन कराया गया, जबकि शेष मामलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश के साथ संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जनता दरबार प्रशासन और आमजन के बीच प्रत्यक्ष संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिसके माध्यम से नागरिक बिना किसी मध्यस्थता के अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करते हुए आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनीं आमजन की समस्याएं, विभिन्न मामलों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित प्रकोष्ठ में जिला दण्डाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में नियमित जनता दरबार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं जनसुविधाओं से संबंधित समस्याओं एवं मांगों को आवेदन के माध्यम से उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया। जनता दरबार में भूमि बंदोबस्ती, लीज बंदोबस्त, मंईयां सम्मान योजना के लाभ से संबंधित विषय, सेवा पुस्तिका में आवश्यक संशोधन, पारिवारिक सूची में नाम जोड़ने एवं त्रुटि सुधार, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आवास योजनाओं, सड़क निर्माण एवं मरम्मत सहित अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने जनता दरबार में प्राप्त सभी आवेदनों का एक-एक कर अवलोकन करते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को मामलों की प्रकृति के अनुरूप शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिन मामलों का समाधान तत्काल संभव रहा, उनका मौके पर ही निष्पादन कराया गया, जबकि शेष मामलों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश के साथ संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जनता दरबार प्रशासन और आमजन के बीच प्रत्यक्ष संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिसके माध्यम से नागरिक बिना किसी मध्यस्थता के अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर गंभीरतापूर्वक कार्रवाई करते हुए आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 24, 2026

रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवा, स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणास्रोत : उपायुक्त

पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित "प्रोजेक्ट जागृति– बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के अंतर्गत जिले में सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वैच्छिक रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से सदर अस्पताल, चाईबासा स्थित एमटीसी केंद्र एवं तांतनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित रक्तदान शिविर का जिला दंडाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने रक्तदान शिविर की संपूर्ण व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए रक्त संग्रहण, पंजीकरण, चिकित्सकीय परीक्षण, रक्तदाताओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्तदान उपरांत उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को रक्तदान शिविर के संचालन में निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने रक्तदान कर रहे स्वैच्छिक रक्तदाताओं से आत्मीय संवाद किया तथा उनके अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने रक्तदाताओं के इस मानवीय एवं समाजोपयोगी योगदान की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान ऐसा महादान है, जिसका कोई विकल्प नहीं है। किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज, दुर्घटना में घायल व्यक्ति, प्रसूता माता अथवा थैलेसीमिया जैसे रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए समय पर उपलब्ध रक्त जीवनदान सिद्ध होता है। ऐसे में प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को नियमित अंतराल पर स्वेच्छा से रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन "प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ जनभागीदारी आधारित स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों का सफल संचालन कर रहा है। रक्तदान शिविर इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जिले में सुरक्षित रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है।

रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों का उत्साहवर्धन करते हुए उपायुक्त ने जिला प्रशासन की ओर से उन्हें प्रशस्ति पत्र, विशेष टी-शर्ट एवं स्मृति स्वरूप कॉफी मग प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदाता समाज के वास्तविक नायक हैं, जिनकी निस्वार्थ सेवा दूसरों के जीवन में नई आशा का संचार करती है। उनके इस योगदान से अन्य लोग भी प्रेरित होकर रक्तदान के लिए आगे आएंगे। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी प्रखंडों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्वयंसेवी संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से नियमित अंतराल पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही युवाओं एवं आम नागरिकों को रक्तदान के महत्व, उसके वैज्ञानिक तथ्यों एवं सामाजिक उपयोगिता के संबंध में व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए, ताकि जिले में किसी भी मरीज को रक्त के अभाव का सामना न करना पड़े।

रक्तदान मानवता की सर्वोच्च सेवा, स्वैच्छिक रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणास्रोत : उपायुक्त पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित "प्रोजेक्ट जागृति– बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के अंतर्गत जिले में सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वैच्छिक रक्तदान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से सदर अस्पताल, चाईबासा स्थित एमटीसी केंद्र एवं तांतनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित रक्तदान शिविर का जिला दंडाधिकारी -सह- उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने रक्तदान शिविर की संपूर्ण व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए रक्त संग्रहण, पंजीकरण, चिकित्सकीय परीक्षण, रक्तदाताओं के स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्तदान उपरांत उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को रक्तदान शिविर के संचालन में निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर उपायुक्त ने रक्तदान कर रहे स्वैच्छिक रक्तदाताओं से आत्मीय संवाद किया तथा उनके अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने रक्तदाताओं के इस मानवीय एवं समाजोपयोगी योगदान की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान ऐसा महादान है, जिसका कोई विकल्प नहीं है। किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज, दुर्घटना में घायल व्यक्ति, प्रसूता माता अथवा थैलेसीमिया जैसे रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए समय पर उपलब्ध रक्त जीवनदान सिद्ध होता है। ऐसे में प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को नियमित अंतराल पर स्वेच्छा से रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए। उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन "प्रोजेक्ट जागृति – बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक कदम" के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ जनभागीदारी आधारित स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों का सफल संचालन कर रहा है। रक्तदान शिविर इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जिले में सुरक्षित रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है। रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों का उत्साहवर्धन करते हुए उपायुक्त ने जिला प्रशासन की ओर से उन्हें प्रशस्ति पत्र, विशेष टी-शर्ट एवं स्मृति स्वरूप कॉफी मग प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदाता समाज के वास्तविक नायक हैं, जिनकी निस्वार्थ सेवा दूसरों के जीवन में नई आशा का संचार करती है। उनके इस योगदान से अन्य लोग भी प्रेरित होकर रक्तदान के लिए आगे आएंगे। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने संबंधित स्वास्थ्य पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के सभी प्रखंडों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्वयंसेवी संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से नियमित अंतराल पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं। साथ ही युवाओं एवं आम नागरिकों को रक्तदान के महत्व, उसके वैज्ञानिक तथ्यों एवं सामाजिक उपयोगिता के संबंध में व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए, ताकि जिले में किसी भी मरीज को रक्त के अभाव का सामना न करना पड़े।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 24, 2026

पश्चिमी सिंहभूम के कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में कुल 306 लाभुकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकता के अनुरूप निःशुल्क आयुष औषधियों का वितरण किया गया।

शिविरों के दौरान मधुमेह (डायबिटीज) एवं उच्च रक्तचाप की जांच की गई। इसके अलावा गठिया, वात रोग, बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा रोग, नस संबंधी समस्याएं, पेट संबंधी रोग सहित विभिन्न सामान्य एवं दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं आयुष औषधियां उपलब्ध कराई गईं।

लगातार हो रही वर्षा के बावजूद सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों डॉ. सूर्या भूषण, डॉ. निशा, डॉ. मैनुद्दीन, डॉ. दीपक, डॉ. सुशील, डॉ. कविता, डॉ. राधिका, डॉ. आशिक एवं डॉ. टिम्मा की सेवाओं की सराहना की गई।

स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन खुटपानी प्रखंड के भोया एवं पुरनिया, जगन्नाथपुर प्रखंड के शिव मंदिर टोला, चक्रधरपुर प्रखंड के सुरुबूरा, सोनुआ प्रखंड के भालूरूंगी, गुदड़ी प्रखंड के गाईलकेरा पंचायत, मनोहरपुर प्रखंड के गोपीपुर, सदर चाईबासा प्रखंड के आचु तथा नोवामुंडी प्रखंड के प्लॉटसाई सहित विभिन्न गांवों एवं टोलों में किया गया।

शिविरों के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सर्पदंश एवं विषैले कीड़ों के काटने से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए बताया गया कि ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक में समय न गंवाकर तत्काल मरीज को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल ले जाकर उपचार कराएं। लोगों को घर से बाहर निकलते समय चप्पल या जूते पहनने तथा जमीन के बजाय खाट, चारपाई या पलंग पर सोने की भी सलाह दी गई।

इसके अलावा मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर अपने गांव की सहिया से संपर्क करें तथा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में समय पर जांच एवं उपचार अवश्य कराएं।

आयुष विभाग ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नियमित स्वास्थ्य जांच कराकर तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन करके अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। विभाग द्वारा भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की जनसेवा निरंतर जारी रहेगी।

पश्चिमी सिंहभूम के कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में कुल 306 लाभुकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यकता के अनुरूप निःशुल्क आयुष औषधियों का वितरण किया गया। शिविरों के दौरान मधुमेह (डायबिटीज) एवं उच्च रक्तचाप की जांच की गई। इसके अलावा गठिया, वात रोग, बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा रोग, नस संबंधी समस्याएं, पेट संबंधी रोग सहित विभिन्न सामान्य एवं दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण कर आवश्यक परामर्श एवं आयुष औषधियां उपलब्ध कराई गईं। लगातार हो रही वर्षा के बावजूद सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों डॉ. सूर्या भूषण, डॉ. निशा, डॉ. मैनुद्दीन, डॉ. दीपक, डॉ. सुशील, डॉ. कविता, डॉ. राधिका, डॉ. आशिक एवं डॉ. टिम्मा की सेवाओं की सराहना की गई। स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन खुटपानी प्रखंड के भोया एवं पुरनिया, जगन्नाथपुर प्रखंड के शिव मंदिर टोला, चक्रधरपुर प्रखंड के सुरुबूरा, सोनुआ प्रखंड के भालूरूंगी, गुदड़ी प्रखंड के गाईलकेरा पंचायत, मनोहरपुर प्रखंड के गोपीपुर, सदर चाईबासा प्रखंड के आचु तथा नोवामुंडी प्रखंड के प्लॉटसाई सहित विभिन्न गांवों एवं टोलों में किया गया। शिविरों के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सर्पदंश एवं विषैले कीड़ों के काटने से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए बताया गया कि ऐसी स्थिति में झाड़-फूंक में समय न गंवाकर तत्काल मरीज को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल ले जाकर उपचार कराएं। लोगों को घर से बाहर निकलते समय चप्पल या जूते पहनने तथा जमीन के बजाय खाट, चारपाई या पलंग पर सोने की भी सलाह दी गई। इसके अलावा मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं आसपास की साफ-सफाई बनाए रखने के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया। लोगों से अपील की गई कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर अपने गांव की सहिया से संपर्क करें तथा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में समय पर जांच एवं उपचार अवश्य कराएं। आयुष विभाग ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर, नियमित स्वास्थ्य जांच कराकर तथा चिकित्सकीय परामर्श का पालन करके अनेक गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। विभाग द्वारा भविष्य में भी ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की जनसेवा निरंतर जारी रहेगी।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 24, 2026

ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा सदर चाईबासा क्षेत्र स्थित एक थोक एवं एक खुदरा दवा दुकान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की उपलब्धता, भंडारण व्यवस्था एवं अभिलेखों की जांच करना था।

निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों में न्यूरोलॉजिकल विकार से संबंधित दवाएं पाई गईं। खरीद-बिक्री एवं स्टॉक बैलेंस के अभिलेखों की जांच की गई, जो सही पाए गए। दोनों दुकानों में कोडीन युक्त कफ सिरप नहीं पाए गए। साथ ही, दवा एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप दवाओं के भंडारण की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।

निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता जांच के लिए दवाओं के नमूने लिए गए, जिन्हें परीक्षण हेतु सरकारी विश्लेषक के पास भेजा जाएगा।

जांच के क्रम में एक दुकान में सीसीटीवी कैमरा स्थापित पाया गया, जबकि दूसरी दुकान में सीसीटीवी नहीं होने पर उसे शीघ्र कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया। इसी प्रकार दोनों दुकानों में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं पाए गए, जिस पर आपातकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल अग्निशामक यंत्र लगाने का निर्देश दिया गया।

दवा विक्रेताओं को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए जागरूकता संबंधी पोस्टर प्रदर्शित करने, केवल वैध चिकित्सकीय पर्ची के आधार पर ही दवाओं की बिक्री सुनिश्चित करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों अथवा निकटतम पुलिस थाना को देने का सख्त निर्देश दिया गया।

ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा सदर चाईबासा क्षेत्र स्थित एक थोक एवं एक खुदरा दवा दुकान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की उपलब्धता, भंडारण व्यवस्था एवं अभिलेखों की जांच करना था। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों में न्यूरोलॉजिकल विकार से संबंधित दवाएं पाई गईं। खरीद-बिक्री एवं स्टॉक बैलेंस के अभिलेखों की जांच की गई, जो सही पाए गए। दोनों दुकानों में कोडीन युक्त कफ सिरप नहीं पाए गए। साथ ही, दवा एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप दवाओं के भंडारण की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता जांच के लिए दवाओं के नमूने लिए गए, जिन्हें परीक्षण हेतु सरकारी विश्लेषक के पास भेजा जाएगा। जांच के क्रम में एक दुकान में सीसीटीवी कैमरा स्थापित पाया गया, जबकि दूसरी दुकान में सीसीटीवी नहीं होने पर उसे शीघ्र कैमरा लगाने का निर्देश दिया गया। इसी प्रकार दोनों दुकानों में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं पाए गए, जिस पर आपातकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल अग्निशामक यंत्र लगाने का निर्देश दिया गया। दवा विक्रेताओं को नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए जागरूकता संबंधी पोस्टर प्रदर्शित करने, केवल वैध चिकित्सकीय पर्ची के आधार पर ही दवाओं की बिक्री सुनिश्चित करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों अथवा निकटतम पुलिस थाना को देने का सख्त निर्देश दिया गया।

Sonua, Pashchimi Singhbhum | Jul 24, 2026