राजसमंद में 50 भवन मालिकों को नोटिस, अब नहीं सुधरे तो होंगे सीज
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में हुई अग्निकांड की घटना के बाद राजस्थान का फायर एंड सेफ्टी विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। राजसमंद जिले में शिक्षण संस्थानों और बहुमंजिला भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी गई है। नियमों की अनदेखी करने वाले भवन मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, वहीं आवश्यक सुरक्षा इंतजाम नहीं करने पर भवनों को सीज करने की चेतावनी भी दी गई है।
लखनऊ अग्निकांड के बाद राजसमंद जिले में फायर एंड सेफ्टी विभाग ने व्यापक अभियान शुरू किया है। राजसमंद शहर के साथ ही नाथद्वारा, आमेट, देवगढ़ सहित जिले के अन्य शहरी क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और बहुमंजिला भवनों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। विभाग की टीमें भवनों में फायर सेफ्टी से जुड़े इंतजामों की बारीकी से जांच कर रही हैं।
निरीक्षण के दौरान देखा जा रहा है कि भवनों में आग लगने की स्थिति में बचाव के पर्याप्त साधन मौजूद हैं या नहीं। फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म, इमरजेंसी एग्जिट, सुरक्षित निकासी मार्ग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की जांच की जा रही है। इसके अलावा भवनों में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
अभियान के तहत राजसमंद और नाथद्वारा में दर्जनों शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया गया है। वहीं देवगढ़, आमेट सहित अन्य कस्बों में अब तक 60 से अधिक भवनों की जांच पूरी हो चुकी है। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
देवगढ़ शहर में नियमों के विपरीत संचालित पाए गए करीब 40 भवन मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं आमेट शहर में भी लगभग 10 ऐसे भवन मिले, जहां आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए। इन भवन मालिकों को भी नोटिस जारी कर निर्धारित समय में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सहायक अग्निशमन अधिकारी राकेश कुमार यादव ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के तहत जिले में लगातार सर्वे और निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। बहुमंजिला भवनों में आग से बचाव के लिए जरूरी उपकरण और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। जिन भवनों में कमियां मिल रही हैं, उन्हें नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
फायर एंड सेफ्टी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि नोटिस के बावजूद भवन मालिक आवश्यक फायर सेफ्टी व्यवस्थाएं नहीं करते हैं तो आगामी दिनों में ऐसे भवनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित भवनों को सीज भी किया जाएगा।
लखनऊ की घटना के बाद राजसमंद में फायर एंड सेफ्टी विभाग का यह अभियान लगातार जारी है। विभाग का कहना है कि लोगों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बाइट – राकेश कुमार यादव, सहायक अग्निशमन अधिकारी, नगर पालिका देवगढ़
Badgaon, Udaipur | Jun 27, 2026