राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद में पारित 4 प्रस्तावों का स्वागत
शिक्षा, महिला सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं वैश्विक चुनौतियों पर हमारा मानवता प्रथम का दृष्टिकोण : पुरुषोत्तम
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, उत्तर बिहार ने भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद एवं केंद्रीय कार्यसमिति बैठक में पारित प्रस्तावों का स्वागत करते हुए कहा कि ये प्रस्ताव वर्तमान समय की राष्ट्रीय चुनौतियों, शिक्षा व्यवस्था, महिला सुरक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा वैश्विक परिस्थितियों के प्रति युवाओं की जिम्मेदारी को स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त करते हैं।
प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उत्तर बिहार के प्रदेश मंत्री पुरुषोत्तम कुमार ने कहा कि देश में शिक्षा क्षेत्र में विगत वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण सुधार लागू किए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, CUET, NIRF, चिकित्सा शिक्षा में सुधार तथा अन्य परिवर्तन शिक्षा को अधिक पारदर्शी एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। किंतु विभिन्न प्रवेश एवं भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, प्रशासनिक अक्षमताओं तथा क्रियान्वयन संबंधी कमियों के कारण इन सुधारों का अपेक्षित लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुँच पा रहा है। हम ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से शिक्षा सुधारों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने तथा परीक्षा एवं प्रवेश प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
महिला सुरक्षा एवं सम्मान के विषय पर हम ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के विभिन्न भागों में महिलाओं एवं युवतियों को लक्ष्य बनाकर छल, प्रलोभन, फर्जी पहचान, साइबर ब्लैकमेलिंग तथा संगठित अपराध के माध्यम से शोषण एवं अवैध मतांतरण की घटनाएँ सामने आ रही हैं। ऐसी घटनाएँ केवल महिलाओं की स्वतंत्रता और सुरक्षा पर आघात नहीं हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों के भी विरुद्ध हैं। परिषद ने ऐसे अपराधों के विरुद्ध कठोर कानून, प्रभावी जांच तंत्र तथा छात्राओं की सुरक्षा हेतु विशेष व्यवस्थाओं की मांग की।
राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद में पारित प्रस्ताव के अनुरूप हम ने पश्चिम बंगाल की जनता को लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती, कानून का शासन, सीमा सुरक्षा और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण आधार हैं। परिषद का मानना है कि पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक चेतना का सशक्त उदय राष्ट्रीय एकता और सामाजिक स्थिरता को नई दिशा प्रदान करेगा।
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए परिषद ने मत व्यक्त किया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव तथा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में भारत ने अपनी परिपक्व, संतुलित एवं राष्ट्रहित आधारित विदेश नीति का सफल परिचय दिया है। ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता, आत्मनिर्भरता तथा तकनीकी विकास के क्षेत्र में भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। परिषद ने युवाओं का आह्वान किया कि वे राष्ट्रीय हितों के प्रति सजग रहते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, उत्तर बिहार का मानना है कि शिक्षा में गुणवत्ता, महिलाओं की सुरक्षा, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा राष्ट्रीय हितों के प्रति सजगता ही विकसित भारत के निर्माण का आधार है। परिषद इन विषयों पर जनजागरण, संवाद एवं रचनात्मक हस्तक्षेप के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु निरंतर कार्य करती रहेगी।