हिंदू राष्ट्र के संकल्प के साथ आदिवासी युवक की अनोखी तपस्या, पांच धाम कीलों पर दंडवत यात्रा जारी
छतरपुर/ओरछा। हिंदू राष्ट्र निर्माण का संकल्प लेकर एक आदिवासी युवक कठिन तपस्या और आस्था की मिसाल पेश कर रहा है। युवक ने पांच प्रमुख धार्मिक धामों की कीलों वाली पेंड (कीलों से जड़ी पट्टी) पर दंडवत यात्रा शुरू की है। यह अनोखी यात्रा ओरछा धाम से प्रारंभ हुई है, जहां से वह पांचों धामों के दर्शन करने का संकल्प लेकर निकला है।
यात्री ने बताया कि उसका उद्देश्य सनातन धर्म के प्रति जनजागरण करना और हिंदू राष्ट्र की भावना को मजबूत करना है। इसी संकल्प के साथ वह कठिन मार्ग पर दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहा है। यात्रा के दौरान वह कीलों से जड़ी पेंड पर लेटकर और दंडवत प्रणाम करते हुए आगे बढ़ता है, जिससे यह यात्रा और भी कठिन एवं तपस्वी स्वरूप धारण कर लेती है।
अब तक युवक करीब दो माह में दो धामों की यात्रा पूरी कर चुका है। वर्तमान में वह अपनी तीसरी यात्रा के तहत बागेश्वर धाम की ओर बढ़ रहा है। पिछले पांच दिनों से लगातार दंडवत यात्रा करते हुए वह आगे बढ़ रहा है और अनुमान है कि अगले दो दिनों में बागेश्वर धाम पहुंच जाएगा।
युवक का कहना है कि बागेश्वर धाम में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद उसकी यात्रा आगे भी जारी रहेगी। इसके बाद वह वैष्णो देवी धाम की कठिन यात्रा पर निकलेगा और पांचों धामों के दर्शन कर अपने संकल्प को पूर्ण करेगा।
रास्ते में जहां-जहां से यह यात्रा गुजर रही है, वहां श्रद्धालु युवक के साहस, समर्पण और धार्मिक आस्था को देखकर उसका स्वागत कर रहे हैं। कई लोग इसे सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण और तपस्या का अद्भुत उदाहरण बता रहे हैं।
हिंदू राष्ट्र के संकल्प के साथ आदिवासी युवक की अनोखी यात्रा।
ओरछा धाम से शुरू हुई पांच धाम दंडवत यात्रा।
दो माह में दो धामों की यात्रा पूरी।
पांच दिनों से बागेश्वर धाम की ओर दंडवत यात्रा जारी।
दो दिनों में बागेश्वर धाम पहुंचने की संभावना।
बागेश्वर धाम के बाद वैष्णो देवी धाम की यात्रा करेगा।