Install App
Login
HOME
Delhi
Haryana
Uttar Pradesh
Bihar
Chhattisgarh
Madhya Pradesh
Rajasthan
Jharkhand
Himachal Pradesh
Uttarakhand
Punjab
Andhra Pradesh
Telangana
Tamil Nadu
Karnataka
Maharashtra
Assam
West Bengal
Tripura
Gujarat
Odisha
Kerala
Jansamasya
News
पुलिस
Bjp
National
Police
Bihar
India
जनसमस्या
चुनाव
बीजेपी
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Up
Iyc
Bollywood
Patna
Breakingnews
महिला
Narendramodi
Nitishkumar
Madhya_pradesh
Mp
Madhyapradesh
Ahmedabad
Pmmodi
Rahulgandhi
rpnnews
Previous slide
Next slide
श्रीमती सुशील शर्मा धर्मपत्नी सुरेश शर्मा, पूर्व पार्षद ने वार्ड नंबर 2 से किया नामांकन,,, नगर परिषद वार्ड नंबर दो के प...
Rewari, Rewari
| Apr 25, 2026
MORE NEWS
शांति भंग के नाम पर पुलिस की मनमानी पर हाई कोर्ट का बड़ा प्रहार अवैध हिरासत पर ₹25,000 प्रतिदिन मुआवजा, दोषी अधिकारियों की सैलरी से होगी वसूली कैलाश चंद एडवोकेट ने बताया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नागरिकों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसमें पुलिस और प्रशासन द्वारा "शांति भंग" की आशंका के नाम पर की जाने वाली मनमानी कार्रवाई पर सख्त टिप्पणी की गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना जेल भेजना या अनावश्यक रूप से हिरासत में रखना संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। मामला गाजियाबाद निवासी अधिवक्ता चंदर पाल सिंह का था, जिन्हें फरवरी 2026 में शांति भंग की आशंका के आधार पर हिरासत में लिया गया था। आरोप था कि बांड भरने के बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया और जेल भेज दिया गया। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि संबंधित अधिकारियों ने कानून का पालन नहीं किया, जिसके चलते अदालत ने पीड़ित को ₹75,000 मुआवजा देने का आदेश दिया। कैलाश चंद एडवोकेट ने बताया कि यह फैसला आम नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कई बार पुलिस शांति भंग की आशंका का हवाला देकर लोगों को हिरासत में ले लेती है, जबकि कानून इसके लिए स्पष्ट प्रक्रिया निर्धारित करता है। यदि उस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जाता, तो यह नागरिकों की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जाने वाली निवारक कार्रवाई में सामान्य परिस्थितियों में केवल व्यक्तिगत बांड (पर्सनल बॉन्ड) लिया जाना चाहिए। बांड की राशि ₹20,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए तथा सामान्यतः किसी जमानतदार (श्योरिटी) की मांग नहीं की जानी चाहिए। कैलाश चंद एडवोकेट ने बताया कि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि व्यक्ति बांड भर देता है तो उसे उसी दिन तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। केवल बांड भरने के बाद भी किसी व्यक्ति को जेल भेजना कानून की भावना के विपरीत है। फैसले में यह भी कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति बांड भरने से इनकार करता है, तो उसके इनकार की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करना आवश्यक होगा। इसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह है कि यदि किसी नागरिक को बिना किसी वैध कारण के 24 घंटे से अधिक हिरासत में रखा जाता है, तो राज्य सरकार को उसे ₹25,000 प्रतिदिन की दर से मुआवजा देना होगा। बाद में यह राशि दोषी अधिकारी की सैलरी से वसूल की जाएगी और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। कैलाश चंद एडवोकेट ने बताया कि हाई कोर्ट का यह निर्णय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने वाला एक ऐतिहासिक फैसला है। इससे न केवल नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि कानून का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों पर भी अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को शांति भंग की आशंका के नाम पर हिरासत में लिया जाता है, तो उसे यह जानने का अधिकार है कि उससे कितना बांड मांगा जा सकता है, उसे कब रिहा किया जाना चाहिए और कानून उसके अधिकारों की किस प्रकार रक्षा करता है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार इलाहाबाद हाई कोर्ट का यह फैसला भविष्य में निवारक हिरासत और शांति भंग संबंधी मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित होगा तथा नागरिक स्वतंत्रता को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर माना जाएगा।
Rewari, Rewari | Jun 13, 2026
रेवाड़ी अटेली, एम्स माजरा के NH11 पर राजमार्ग भूमि को कराया गया अतिक्रमण मुक्त चला * पीला पंजा
Rewari, Rewari | Jun 13, 2026
कालका चौक का डिस्पोजल प्वाइंट ओवरफ्लो, कई कॉलोनियों की सीवर व्यवस्था ठप... (रेवाड़ी समाचार पंकज कुमार) रेवाड़ी। शहर के कालका चौक स्थित डिस्पोजल प्वाइंट के लंबे समय से ओवरफ्लो रहने के कारण सीवर व्यवस्था चरमरा गई है। शनिवार को भी डिस्पोजल प्वाइंट पूरी तरह भरा हुआ मिला, जिसके चलते शहर की कई मुख्य सीवर लाइनें ब्लॉक हो गईं और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार विजयनगर, विकास नगर, शक्तिनगर और मॉडल टाउन सहित कई क्षेत्रों में सीवर का पानी ओवरफ्लो होने लगा है। मॉडल टाउन में सोनू जूस कॉर्नर के पास स्थिति सबसे अधिक गंभीर बनी हुई है, जहां सीवर जाम होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर नगर परिषद अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। संबंधित अधिकारियों को लगातार यह सुझाव दिया जाता रहा है कि कालका चौक स्थित डिस्पोजल प्वाइंट को नियमित रूप से खाली कर फ्री-फॉल स्थिति में रखा जाए, ताकि सीवर व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि विजयनगर, मॉडल टाउन, किरसानगर और शक्तिनगर की मुख्य सीवर लाइनों की तत्काल डिसिल्टिंग करवाई जाए तथा कालका चौक स्थित डिस्पोजल टैंक को युद्धस्तर पर खाली कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और शहर की सीवर व्यवस्था दोबारा सुचारु हो सके। नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, जिससे जनस्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा सकता है।
Rewari, Rewari | Jun 13, 2026
मैक्स हॉस्पिटल, द्वारका, के डॉक्टरों ने #कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी से#3-वर्षीय बच्ची को दी नई ज़िन्दगी#सुनने और बोलने की क्षमता लौटाई
Rewari, Rewari | Jun 13, 2026
मैक्स हॉस्पिटल, द्वारका, के डॉक्टरों ने #कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी से#3-वर्षीय बच्ची को दी नई ज़िन्दगी#सुनने और बोलने की क्षमता लौटाई
Rewari, Rewari | Jun 12, 2026