नगर में ‘ऑपरेशन शिकंजा’: 70 करोड़ के सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़, 6 किंगमेकर गिरफ्तार
मास्टरमाइंड सट्टा किंग लक्ष्मण के घर पर DST और नगर पुलिस की संयुक्त दबिश, घर बना रखा था सट्टे का ‘कंट्रोल रूम’
14 मोबाइल, 5 लैपटॉप, 3 टैबलेट, प्रिंटर, कैलकुलेटर और नकदी बरामद; रोजाना करीब 20 लाख का सट्टा कारोबार
नगर(डीग):।जिला पुलिस ने सट्टा कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसका कथित सालाना कारोबार करीब 70 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। ‘ऑपरेशन शिकंजा’ के तहत DST और नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सट्टा नेटवर्क से जुड़े 6 कथित किंगमेकरों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की कार्रवाई का सबसे बड़ा केंद्र नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड लक्ष्मण के घर को बनाया गया। दबिश के दौरान पुलिस को वहां सट्टे का पूरा ‘कंट्रोल रूम’ संचालित होता मिला। घर से बरामद हाईटेक उपकरणों ने पुलिस को भी चौंका दिया।
घर में चल रहा था सट्टे का ‘कंट्रोल रूम’
पुलिस के अनुसार, आरोपी घर से ही सट्टे के कारोबार को तकनीकी तरीके से संचालित कर रहे थे। ग्राहकों से संपर्क, हिसाब-किताब और ऑनलाइन रिकॉर्ड रखने के लिए बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस ने मौके से—
- 14 मोबाइल फोन
- 5 लैपटॉप
- 3 टैबलेट
- 2 प्रिंटर
- 2 कैलकुलेटर
- 15,070 रुपये नकद
- सट्टे से संबंधित पर्चियां व अन्य सामग्री
बरामद की है।
रोजाना 20 लाख का दांव, सालाना आंकड़ा 70 करोड़ के पार!
प्रारंभिक जांच में पुलिस के सामने इस नेटवर्क के कारोबार का जो आंकड़ा आया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। पुलिस के मुताबिक गिरोह रोजाना करीब 20 लाख रुपये का सट्टा लगवाता था। इस हिसाब से सालभर में इसका कथित कारोबार करीब 70 करोड़ रुपये तक पहुंचता है।
अब पुलिस की जांच सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। टीम नेटवर्क के बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और पैसों के पूरे प्रवाह को खंगालने में जुटी है।
छह किंगमेकर गिरफ्त में, अब बड़े चेहरों की तलाश
कार्रवाई के बाद पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क का संचालन कहां-कहां तक फैला था और इसके तार किन शहरों तथा बड़े बुकीज से जुड़े हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य संदिग्ध सट्टा संचालकों की पहचान भी की गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
डिजिटल सुराग खोलेंगे सट्टे के साम्राज्य का राज
मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट की जांच अब इस पूरे मामले की अगली कड़ी साबित हो सकती है। इन उपकरणों से पुलिस को कथित तौर पर ग्राहकों, लेन-देन, सट्टे के हिसाब और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के सुराग मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई से नगर क्षेत्र के सट्टा कारोबार में हड़कंप मचा हुआ है। छह कथित किंगमेकरों की गिरफ्तारी के बाद अब निगाहें उन बड़े चेहरों पर हैं, जिन तक इस नेटवर्क की जांच पहुंचने वाली है।