वैश्य मॉडल स्कूल में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से महाराजा अग्रसेन के आदर्शों का गुणगान....
वैश्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, भिवानी में महाराजा अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक एवं विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष घनश्याम दास सर्राफ, प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष सुरेश गुप्ता, महासचिव बृजलाल सर्राफ, कोषाध्यक्ष सुंदरलाल अग्रवाल, अग्रवाल महासभा, भिवानी के अध्यक्ष तथा विद्यालय की प्रधानाचार्या कमला गुरेजा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में भगवान श्री गणेश एवं महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित करके किया गया। इस अवसर पर अग्रवाल महासभा के पदाधिकारियों ने अग्र समाज के उत्थान में विशिष्ट योगदान देने वाले अग्र बंधुओं का सम्मान प्रतीक अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। प्रधानाचार्या श्रीमती कमला गुरेजा ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए उनका स्वागत किया तथा उपस्थित जनसमूह को महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं प्रेषित की।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विद्यार्थियों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा, मनमोहक प्रस्तुतियों एवं प्रभावशाली सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से समाज के विविध आयामों का सजीव चित्रण करते हुए समाजवाद, समानता, सामाजिक समरसता, सहयोग एवं सर्वजन कल्याण की भावना को अत्यंत सुंदर एवं प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।
रंगारंग कार्यक्रमों का आगाज़ गणेश वंदना से शुरू होकर महाराजा अग्रसेन जी की भव्य शोभायात्रा, भगवान जगन्नाथ जी की दिव्य लीलाओं पर आधारित नृत्य नाटिका ,"थाने वंदन बारंबार” मधुर भजन प्रस्तुति, एकल कत्थक नृत्य, वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित मार्मिक नाट्य प्रस्तुति और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित आकर्षक समूह नृत्य झांकी आदि एक के बाद एक धमाकेदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आध्यात्मिक आनंद से सारोबार कर दिया।
विद्यालय प्रबंधसमिति के अध्यक्ष एवं विधायक श्री घनश्याम दास सर्राफ ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी का “एक ईंट और एक रुपया” का सिद्धांत सामाजिक सहयोग, समानता और आत्मनिर्भरता का अनूठा उदाहरण है। यह आदर्श आज भी सामाजिक समरसता और परस्पर सहयोग की प्रेरणा देता है।
प्रबंधसमिति के उपाध्यक्ष श्री सुरेश गुप्ता ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने तथा उन्हें अपनी गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
महासचिव श्री बृजलाल सर्राफ ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं का विकास करना आवश्यक है।
कार्यक्रम का समापन महाराजा अग्रसेन की दिव्य आरती उनकी प्रतिमा के समक्ष भोग लगाकर साथ संपन्न हुआ। विद्यालय प्राचार्या ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय प्रबंधसमिति के श्रेष्ठ मार्गदर्शन को दिया तथा साथ ही साथ शिक्षकों के स्वतः समर्पण की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की। भव्य कार्यक्रम का मंच संचालन प्राध्यापिका श्रीमती ममता सिंगला एवं विद्यालय की दो छात्राओं आकाशी और भव्या ने बखूबी किया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधसमिति के पूर्व कोषाध्यक्ष अध्यक्ष विजय किशन अग्रवाल, सदस्य प्रवीण गर्ग, सदस्य पवन अग्रवाल, अग्रसेन ट्रस्ट भिवानी के अध्यक्ष रामदेव तायल, अग्रवाल सभा भिवानी के प्रधान सुनील सर्राफ, महासचिव मनीष मैदावाला, मनीष दिवाकर, सुरेंद्र जैन एडवोकेट, उमाशंकर अग्रवाल, रमेश बंसल, विष्णु केडिया, धर्मेंद्र जिंदल, सुरेश कागजी, एडवोकेट आशीष मित्तल, गोपाल सांवडिया, प्रकाश मित्तल, डॉ एन के गर्ग, विजय बंसल टैनी, पूर्व प्राध्यापिका श्रीमती ऊषा गर्ग, उर्मिला अग्रवाल आदि अनेक गणमान्य अग्र बंधु उपस्थित रहे।