राज इंटरनेशनल स्कूल में जब मंच पर उतरे नन्हे-नन्हे कान्हा, तो 'नंद घर आनंद भयो' से गूंज उठा परिसर
मौका था श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का, और मंच था राज इंटरनेशनल स्कूल का। लेकिन नज़ारा ऐसा जैसे साक्षात वृंदावन ही उतर आया हो। कक्षा पहली के नन्हे-मुन्ने बच्चे जब कृष्ण के रंग में रंगे मंच पर आए तो हर चेहरा खिल उठा।
स्कूल द्वारा आयोजित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता की थीम ही अनोखी थी - "कान्हा के रंग, नन्हों के संग। सजे-संवरे नन्हे सितारे, मनमोहक उनके ढंग।"
कार्यक्रम में स्कूल के निदेशक नवीन सैनी, जितेन्द्र सैनी एवं हेमन्त सैनी ने शॉल एवं स्मृति चिह्न देकर अतिथियों का अभिनंदन किया। मंच पर दृश्य कुछ ऐसा था कि कहीं माखन-मटकी फोड़ता नटखट कन्हैया था, तो कहीं बांसुरी बजाती राधा। कहीं यशोदा अपने लल्ला को दुलार रही थी, तो कहीं नंद बाबा गर्व से मुस्कुरा रहे थे। वासुदेव टोकरी में कृष्ण को लिए यमुना पार करा रहे थे, तो देवकी की आंखों में ममता थी। एक ओर कंस का अहंकार था, तो दूसरी ओर गोवर्धन पर्वत उठाए नन्हा कान्हा और फन फैलाए कालिया नाग पर नृत्य करता कृष्ण - हर रूप ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। द्रौपदी और उद्धव जैसे पात्रों ने भी सबका ध्यान खींचा ।इस दृश्य को अभिभावक अपने मोबाइल में कैद कर रहे थे । इस दौरान मुख्य अतिथि ने कहा कि आज हमने कॉस्ट्यूम नहीं, संस्कार देखे हैं। इतनी छोटी उम्र में कृष्ण के चरित्र को इतनी गहराई से जीना, वाकई राज इंटरनेशनल स्कूल की शिक्षा पद्धति का कमाल है। प्रतियोगिता में शत-प्रतिशत भागीदारी रही और अंत में विजेताओं को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल निदेशक नवीन सैनी ने कहा कि हम बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि सनातन संस्कार देना चाहते हैं। कृष्ण हमें सिखाते हैं कि जीवन में कितनी भी बड़ी बाधा हो, मुस्कुराते हुए उसका सामना करो। निस्वार्थ प्रेम, सच्चाई और धर्म के मार्ग पर चलो। यही हमारे स्कूल का ध्येय है। कार्यक्रम का समापन 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के जयघोष के साथ हुआ। इस मौक़े पर सभी शिक्षक मौजूद रहे।
Rewari, Rewari | Sep 2, 2026