जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , कुल्लू के तत्वावधान में आज एक दो दिवसीय 'सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम' का शुभारंभ
Kullu Times
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण , कुल्लू के तत्वावधान में आज एक दो दिवसीय 'सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम' का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुल्लू के सचिव विशाल तिवारी ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा जनहित में चलाई जा रही विभिन्न नई एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने सामुदायिक मध्यस्थता के महत्व पर विशेष प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि यह एक ऐसी अत्यंत सुलभ और प्रभावी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से समाज और समुदाय के भीतर उपजने वाले विभिन्न विवादों का समाधान आपसी संवाद, पारस्परिक समझदारी और सहमति के आधार पर निष्पक्ष व प्रशिक्षित मध्यस्थों की सहायता से अत्यंत शांतिपूर्ण माहौल में किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें दोनों पक्षकार स्वयं ही अपने विवादों का सर्वसम्मत समाधान खोजते हैं, जिससे उन्हें अदालतों के लंबे, खर्चीले और जटिल चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाती है। यह पूरी तरह से एक स्वैच्छिक और गोपनीय प्रक्रिया होती है, जहाँ तटस्थ मध्यस्थ केवल एक सही मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। वर्तमान में लोक अदालतों और मुकदमा-पूर्व (प्री-लिटिगेशन) समझौतों के माध्यम से लाखों विवादों का शीघ्रता से, कम लागत पर और सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान संभव हो पा रहा है।
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान मुख्य प्रशिक्षित मध्यस्थों तथा वरिष्ठ अधिवक्ताओं—धर्मेन्द्र शर्मा, गोपाल शर्मा, राकेश बौद्ध और सुरेंद्र मोहन कपूर द्वारा प्रतिभागियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की कल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ 'सामुदायिक मध्यस्थता' की मूल अवधारणाओं और व्यावहारिक तकनीकों का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुलभ, त्वरित और किफ़ायती न्याय पहुँच सके और समुदाय में शांति व भाईचारे का वातावरण बना रहे।
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Kullu, Kullu | Aug 6, 2026