प्रेस विज्ञप्ति
लखीसराय, 20 जून 2026
लखीसराय क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की दिशा में लखीसराय के 'संसार पोखर' के समीप मिट्टी की खुदाई के दौरान प्राप्त एवं कवैया थाना में सुरक्षित रखी गई लगभग 2 फीट ऊंची काले पत्थर (प्रस्तर) की एक अत्यंत प्राचीन और दुर्लभ प्रतिमा को आज दिनांक 20.6.2026 को वैधानिक रूप से लखीसराय संग्रहालय में स्थानांतरित कर दिया गया है।
ज़िला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सह सहायक संग्रहालयाध्यक्ष डॉ. मृणाल रंजन को दिनांक 17.6.2026 को अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा सूचना प्राप्त हुई थी कि लखीसराय क्षेत्र के अंतर्गत 'संसार पोखर' की मिट्टी की खुदाई के दौरान एक प्राचीन मूर्ति प्राप्त हुई है, जिसे सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्थानीय कवैया थाना में जमा करवा दिया गया था। सूचना की सत्यता को देखते हुए आज कवैया थानाध्यक्ष (पु.अ.नि.) रंधीर कुमार ने विधिवत रूप से इस ऐतिहासिक मूर्ति को संग्रहालयाध्यक्ष को सुपुर्द किया।
संग्रहालय के तकनीकी सहायक राजेश कुमार द्वारा मूर्ति के बारीक अवलोकन और प्राथमिक जाँच के बाद इसकी पहचान 'जाम्भल' के रूप में की गई है। पुरातात्विक दृष्टि से यह मूर्ति 9वीं से 12वीं शताब्दी ईस्वी (पाल काल) के आसपास की प्रतीत होती है, जो पाल कालीन उत्कृष्ट मूर्तिकला का एक बेजोड़ और जीवंत उदाहरण है।
समय के थपेड़ों और ऐतिहासिक उथल-पुथल के कारण मूर्ति का सिर, दाहिना हाथ और बाएं हाथ का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त (खंडित) हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद बची हुई नक्काशी अपने समय की बारीक शिल्पकला को बखूबी बयां करती है।
46 views | Lakhisarai, Bihar | Jun 20, 2026