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बांदा: jay hind 🇮🇳🇮🇳#कानपुर_एनकाउंटर

Banda, Banda | Jul 8, 2020

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#bandapolice पुलिस अधीक्षक बांदा #पलाश_बंसल के निर्देशन में जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था तथा आम जनमानस में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ बनाए रखने हेतु थाना कमासिन पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र में पैदल गश्त कर संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों को किया गया चेक।  
#पलाश_बंसल 
#FootPatrolling https://t.co/OwUWnNOtwc

#bandapolice पुलिस अधीक्षक बांदा #पलाश_बंसल के निर्देशन में जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था तथा आम जनमानस में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ बनाए रखने हेतु थाना कमासिन पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र में पैदल गश्त कर संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनों को किया गया चेक। #पलाश_बंसल #FootPatrolling https://t.co/OwUWnNOtwc

Banda, Uttar Pradesh | Jul 18, 2026

जौहर यूनिवर्सिटी मुद्दे पर ए. एस. नोमानी ने समाजवादी पार्टी से पूछा सवाल, कहा— क्या विरोध सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रहेगा?
बांदा। बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रही प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से कई सवाल उठाए हैं।
नोमानी ने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी का मानना है कि जौहर यूनिवर्सिटी के साथ अन्याय हो रहा है, तो केवल सोशल मीडिया पर बयान देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में धरना, प्रदर्शन, जनआंदोलन और व्यापक जनसंपर्क अभियान भी विपक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी केवल एक शिक्षण परिसर नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा संस्थान है। ऐसे में इस मुद्दे पर विपक्ष की स्पष्ट और ठोस रणनीति सामने आनी चाहिए।
ए. एस. नोमानी ने कहा कि यदि किसी शिक्षण संस्थान के साथ अन्याय होने का दावा किया जा रहा है, तो उसके समर्थन में संवैधानिक और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन चलाना भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
उन्होंने अंत में कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि क्या जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में कोई बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन होगा, या विरोध केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित रहेगा।
#SaveJauharUniversity #JusticeForAzamKhan #AkhileshYadav #SamajwadiParty #UPNews

जौहर यूनिवर्सिटी मुद्दे पर ए. एस. नोमानी ने समाजवादी पार्टी से पूछा सवाल, कहा— क्या विरोध सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रहेगा? बांदा। बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर चल रही प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से कई सवाल उठाए हैं। नोमानी ने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी का मानना है कि जौहर यूनिवर्सिटी के साथ अन्याय हो रहा है, तो केवल सोशल मीडिया पर बयान देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में धरना, प्रदर्शन, जनआंदोलन और व्यापक जनसंपर्क अभियान भी विपक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी केवल एक शिक्षण परिसर नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य से जुड़ा संस्थान है। ऐसे में इस मुद्दे पर विपक्ष की स्पष्ट और ठोस रणनीति सामने आनी चाहिए। ए. एस. नोमानी ने कहा कि यदि किसी शिक्षण संस्थान के साथ अन्याय होने का दावा किया जा रहा है, तो उसके समर्थन में संवैधानिक और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन चलाना भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने अंत में कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि क्या जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में कोई बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन होगा, या विरोध केवल सोशल मीडिया तक ही सीमित रहेगा। #SaveJauharUniversity #JusticeForAzamKhan #AkhileshYadav #SamajwadiParty #UPNews

Banda, Banda | Jul 18, 2026

बांदा: "चादरों और पर्दों की आड़ में सरकार अपने कुकर्म नहीं छिपा सकती" — ए. एस. नोमानी
बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि "चादरों और पर्दों की आड़ में सरकार अपने कुकर्म नहीं छिपा सकती; लोकतंत्र की आँखों पर पर्दा नहीं डाला जा सकता।"
नोमानी ने अपने बयान में कहा कि यदि किसी शांतिपूर्ण धरने या भूख हड़ताल पर बैठे लोगों के खिलाफ कार्रवाई पर्दों की आड़ में करनी पड़े, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ का सम्मान होना चाहिए, न कि उसे दबाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। उनके अनुसार लोकतंत्र की वास्तविक ताकत संवाद, पारदर्शिता और संविधानसम्मत व्यवहार में है, न कि पर्दों की ओट में की गई कार्रवाई में।
ए. एस. नोमानी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता और सरकार को लोकतांत्रिक मूल्यों तथा संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।
#ASNomani #SonamWangchuk #Democracy #Protest #UP90Creator

बांदा: "चादरों और पर्दों की आड़ में सरकार अपने कुकर्म नहीं छिपा सकती" — ए. एस. नोमानी बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हुई कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि "चादरों और पर्दों की आड़ में सरकार अपने कुकर्म नहीं छिपा सकती; लोकतंत्र की आँखों पर पर्दा नहीं डाला जा सकता।" नोमानी ने अपने बयान में कहा कि यदि किसी शांतिपूर्ण धरने या भूख हड़ताल पर बैठे लोगों के खिलाफ कार्रवाई पर्दों की आड़ में करनी पड़े, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ का सम्मान होना चाहिए, न कि उसे दबाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। उनके अनुसार लोकतंत्र की वास्तविक ताकत संवाद, पारदर्शिता और संविधानसम्मत व्यवहार में है, न कि पर्दों की ओट में की गई कार्रवाई में। ए. एस. नोमानी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता और सरकार को लोकतांत्रिक मूल्यों तथा संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। #ASNomani #SonamWangchuk #Democracy #Protest #UP90Creator

Banda, Banda | Jul 18, 2026

#bandapolice टीवी चैनल में प्रसारित बांदा पुलिस का सराहनीय कार्य।  
#Media_Coverage
#पलाश_बंसल
@Uppolice
@dgpup
@ADGZonPrayagraj
@rangechitrakoot https://t.co/AGdacFvvMc

#bandapolice टीवी चैनल में प्रसारित बांदा पुलिस का सराहनीय कार्य। #Media_Coverage #पलाश_बंसल @Uppolice @dgpup @ADGZonPrayagraj @rangechitrakoot https://t.co/AGdacFvvMc

Banda, Uttar Pradesh | Jul 18, 2026

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने पर ए.एस. नोमानी का बयान
नई दिल्ली। सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल ले जाने की घटना को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। इस मामले पर बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
ए.एस. नोमानी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध हटाया जाता है या कोई चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई जाती है, तो पूरी कार्रवाई कानून, मानवाधिकारों और पारदर्शिता के दायरे में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को दबाने के बजाय संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि बिना सहमति के उनके मुँह या नसों के माध्यम से कुछ भी न दिया जाए।
ए.एस. नोमानी ने कहा, "चादरों और पर्दों की आड़ में सरकार अपने कुकर्म नहीं छिपा सकती; लोकतंत्र की आँखों पर पर्दा नहीं डाला जा सकता।"
इस घटना को लेकर विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी अपने स्तर पर कार्रवाई और निर्णय के कारण बताए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में तथ्यों की निष्पक्ष जाँच और पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताएं।
#SonamWangchuk
#JantarMantar
#Democracy
#HumanRights
#ASNomani

सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने पर ए.एस. नोमानी का बयान नई दिल्ली। सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल ले जाने की घटना को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। इस मामले पर बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ए.एस. नोमानी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध हटाया जाता है या कोई चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई जाती है, तो पूरी कार्रवाई कानून, मानवाधिकारों और पारदर्शिता के दायरे में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को दबाने के बजाय संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि बिना सहमति के उनके मुँह या नसों के माध्यम से कुछ भी न दिया जाए। ए.एस. नोमानी ने कहा, "चादरों और पर्दों की आड़ में सरकार अपने कुकर्म नहीं छिपा सकती; लोकतंत्र की आँखों पर पर्दा नहीं डाला जा सकता।" इस घटना को लेकर विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी अपने स्तर पर कार्रवाई और निर्णय के कारण बताए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में तथ्यों की निष्पक्ष जाँच और पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताएं। #SonamWangchuk #JantarMantar #Democracy #HumanRights #ASNomani

Banda, Banda | Jul 18, 2026

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