अगर जयराम जी को धरने पर बैठना है, तो वह बैठें, यह अच्छी बात है। लेकिन, सवाल यह है कि जब चुनाव की तारीख तय करने के लिए उपायुक्त ने बैठक बुलाई थी, उस दिन वह अपने जिला परिषद सदस्यों को पंचकूला क्यों ले गए? इसके बाद उन्हें राजस्थान भी घुमाकर लाए हैं।
हम चुनाव के लिए पहले से तैयार हैं, लेकिन वह राजनीतिक फायदे के लिए जिला परिषद सदस्यों को घुमा रहे हैं। मैं तो कहना चाहता हूँ कि उन्हें थोड़ा और घुमा लें, देवी-देवताओं के दर्शन भी करवा दें। जब उनका घूमना-फिरना पूरा हो जाए, तब उन्हें चुनाव में लेकर आएँ।