भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन के लिए पेड़ों पर चली आरी, भावुक हुए पर्यावरण प्रेमी, पहले दिन करीब 100 पेड़ों का कटान
ऋषिकेश/देहरादून। भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई शुरू होते ही सोमवार को भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। वर्षों पुराने पेड़ों पर आरी चलने के दौरान कई पर्यावरण प्रेमियों की आंखें नम हो गईं। विरोध-प्रदर्शन और अपीलों के बावजूद पहले दिन करीब 100 पेड़ों का कटान किया गया। परियोजना के तहत 3,000 से अधिक संरक्षित पेड़ों को हटाने का प्रस्ताव है।
सोमवार सुबह भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कटान की प्रक्रिया शुरू हुई। किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो, इसके लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। हल्के विरोध के बीच मशीनों ने काम शुरू किया और पहला विशाल पेड़ गिरते ही वहां मौजूद कई पर्यावरण प्रेमी भावुक हो उठे। मौके पर कुछ लोगों ने चेहरा ढककर आंसू बहाए, तो कुछ सड़क किनारे बैठकर रो पड़े। कई प्रदर्शनकारी आखिरी बार पेड़ों को बचाने की अपील करते रहे, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस सुरक्षा के बीच कटान का कार्य जारी रहा।
भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के लिए तीन हजार से अधिक संरक्षित प्रजाति के पेड़ों को हटाने का प्रस्ताव है। इसे लेकर पिछले कई दिनों से पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक संगठन और स्थानीय नागरिक लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क विकास आवश्यक है, लेकिन इसके लिए हजारों पेड़ों की बलि देना पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के हित में नहीं है।
वहीं प्रशासन और परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि फोरलेन निर्माण क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए जरूरी है। इसके साथ ही पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप प्रतिपूरक पौधरोपण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। फिलहाल, पहले चरण में लगभग 100 पेड़ों का कटान पूरा हो चुका है, जबकि शेष पेड़ों की कटाई आगामी दिनों में निर्धारित योजना के अनुसार की जाएगी।