निमाड़ी लोकगायन और लोक-जनजातीय नृत्यों से सजा ‘खेती खेड़ो हरिनाम की’ उत्सव
हरदा। मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन, हरदा के सहयोग से मेला ग्राउंड, चारूवा में आयोजित दो दिवसीय ‘खेती खेड़ो हरिनाम की’ उत्सव के पहले दिन बुधवार को निमाड़ी लोककला और जनजातीय संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 6:30 बजे हुआ।
कार्यक्रम में विकास शुक्ला एवं साथी द्वारा निमाड़ी लोकगायन की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही गोपाल कोरकू एवं साथी ने कोरकू जनजातीय ‘ढांढल’ नृत्य, तरुण बांके एवं साथी ने गणगौर नृत्य, रामदास साक्कले एवं साथी ने काठी नृत्य तथा अविनाश धुर्वे एवं साथी ने गोंड जनजातीय ‘ठाठ्या’ नृत्य प्रस्तुत किया। लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को निमाड़ी लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया।
आयोजन का उद्देश्य निमाड़ एवं आसपास के क्षेत्रों की लोक एवं जनजातीय कलाओं को मंच प्रदान करने के साथ ही पारंपरिक कला, गायन, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
आज संत सिंगाजी के जीवन पर आधारित नृत्य-नाट्य की प्रस्तुति
उत्सव के दूसरे दिन 1 अक्टूबर को संत सिंगाजी के जीवन एवं सांस्कृतिक अवदान पर केंद्रित विशेष नृत्य-नाट्य प्रस्तुति ‘खेती खेड़ो हरि नाम की’ का मंचन किया जाएगा। प्रस्तुति का निर्देशन चंद्रमाधव बारिक, संगीत कुलदीप सारवा तथा लेखन डॉ. श्रीराम परिहार एवं योगेश त्रिपाठी ने किया है। कार्यक्रम शाम 6:30 बजे से प्रारंभ होगा।
Harda, Harda | Sep 30, 2026