सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने पर ए.एस. नोमानी का बयान
नई दिल्ली। सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल ले जाने की घटना को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। इस मामले पर बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
ए.एस. नोमानी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध हटाया जाता है या कोई चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई जाती है, तो पूरी कार्रवाई कानून, मानवाधिकारों और पारदर्शिता के दायरे में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को दबाने के बजाय संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि बिना सहमति के उनके मुँह या नसों के माध्यम से कुछ भी न दिया जाए।
ए.एस. नोमानी ने कहा, "चादरों और पर्दों की आड़ में सरकार अपने कुकर्म नहीं छिपा सकती; लोकतंत्र की आँखों पर पर्दा नहीं डाला जा सकता।"
इस घटना को लेकर विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। प्रशासन की ओर से भी अपने स्तर पर कार्रवाई और निर्णय के कारण बताए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में तथ्यों की निष्पक्ष जाँच और पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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Banda, Banda | Jul 18, 2026