झुंझुनूं में आस्था का एक और बड़ा पर्व शुरू होने जा रहा है। खेतड़ी उपखंड के गाडराटा गांव में स्थित बाबा सवाई सुंदरदास के ऐतिहासिक मंदिर में हर साल आयोजित होने वाला प्रसिद्ध लक्खी मेला इस साल 22 सितंबर से आरंभ हो रहा है। लगभग पांच सौ वर्ष से अधिक पुराने इस मंदिर और मेले से लाखों श्रद्धालुओं की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी या द्वादशी से शुरू होकर पूर्णिमा तक चलने वाला यह 5 दिवसीय मेला क्षेत्र का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है। इस मेले की सबसे अनूठी मान्यता है – बेळ की जात। श्रद्धालु अपने पशुओं को बीमारियों और आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए मंदिर में आकर पशुओं को बांधने वाली रस्सी यानी ‘बेळ’ की जात चढ़ाते हैं। यही नहीं, दूर-दूर से आए भक्त यहाँ बच्चों के जडूले यानी मुंडन संस्कार करवाते हैं और नवविवाहित जोड़े सुखद वैवाहिक जीवन की कामना लेकर जात लगाने आते हैं। दिन-रात चलने वाले इस मेले में न केवल राजस्थान, बल्कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन और जोत लगाने के लिए पहुंचते हैं।
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