Bihar news : कदमवा घाट बारिश की पहली मार में बह गया बास का चचरी पुल, फिर नाव के सहारे जान जोखिम में डालने को मजबूर ग्रामीण। लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण सिकटा एवं मझौलिया प्रखंड को जोड़ने वाले कदमवा घाट पर बना बांस का चचरी पुल पानी के तेज बहाव में बह गया। पुल बह जाने के बाद दोनों प्रखंडों के हजारों ग्रामीणों की परेशानी फिर बढ़ गई है। अब लोगों को एक बार फिर जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ रही है। स्थिति सबसे अधिक स्कूली बच्चों के लिए चिंताजनक है। दोनों प्रखंडों के छात्र-छात्राएं अपनी साइकिल नाव पर रखकर नदी पार कर विद्यालय जाने को विवश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस क्षेत्र के लोग स्थायी पुल के अभाव में नाव के सहारे आवागमन करते रहे हैं। इसी समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने आपसी सहयोग और चंदा जुटाकर बांस का चचरी पुल बनवाया था। ग्रामीण कारी गद्दी, शेख जुगनू, अजीजुर रहमान, सुनर मुखिया, भोला शर्मा, शरीफ गद्दी, मेहरुल खातून, नाशिमा खातून, मीना खातून एवं कलावती देवी ने बताया कि गत 7 जनवरी को सिकटा विधायक ने पुल का उद्घाटन किया था। उस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की एकजुटता की सराहना करते हुए अगले विधानसभा चुनाव से पहले यहां पक्का पुल बनवाने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन उद्घाटन के महज सात माह बाद ही पहलीऊ बड़ी बारिश में चचरी पुल बह जाने से ग्रामीणों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। लोगों का कहना है कि जब तक स्थायी पुल का निर्माण नहीं होगा, तब तक हर वर्ष बरसात में उन्हें इसी तरह जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ेगी। ग्रामीणों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से शीघ्र पक्का पुल निर्माण कराने की मांग की है, ताकि दोनों प्रखंडों के लोगों को स्थायी राहत मिल सके।#KadmaGhat #BambooBridge #BridgeCollapsed #HeavyRain #FloodImpact #WestChamparan #Sikta #Majhaulia #BiharNews #RuralConnectivity #SchoolStudents #BoatCrossing #PublicSafety #Infrastructure #BridgeDemand #Monsoon #GroundReport #BreakingNews