सम्भल में कांवरियों पर कथित टिप्पणी की सूचना देने और गलतफहमी पैदा करने पर एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई हुए सख्त वीडियो को शेयर करने की अपील
मीडिया के ब्रेकिंग ग्रुप पर भ्रामक सूचना डालने वाले पर हो सकती है कठोर कार्रवाई
यूपी के जनपद सम्भल में बीती रात्रि शहर सदर कोतवाली क्षेत्र के सब्जी मंडी गेट निकट कुछ कावड़ियों के ऊपर आपत्तिजनक टिप्पणी करने की कथित सूचना मीडिया के ब्रेकिंग ग्रुप मे डालकर ग्रुप में जुड़े सैकड़ो सम्मानित मीडिया कर्मियों को आखिर गुमराह करने का काम क्यों किया गया, अगर आपकी सूचना में दम था तो फिर आपने कुछ कावड़ियों के घटनास्थल से इंटरव्यू करके सच को प्रमाणित करने का प्रयास क्यों नहीं किया, सम्भल शहर के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई द्वारा सूचना का खंडन करना यही दर्शाता है की कोई घटना ही कावड़ियों के साथ नहीं हुई थी बल्कि सम्भल जनपद का एक मीडिया कर्मी गलतफहमी पैदा करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को बदनाम करने की नीयत से मीडिया के ब्रेकिंग ग्रुप में इस तरह की सूचना डालकर आखिर क्या दर्शाना चाहता है, पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बिल्कुल ठीक कहा है अपनी इच्छा अनुसार सूत्र ना पैदा करें, आप के द्वारा बिना किसी आधिकारिक बयान या पुष्टि के खबर चलाना एक जिम्मेदार पत्रकारिता का परिचायक नहीं है, उन्होंने सूचना का खंडन करते हुए सत्य बताया है किसी भी कांवड़िये को चोट नहीं लगी है ना ही कोई मारपीट की घटना हुई हैं,कुछ सेकंड के लिए कांवड़िये सड़क पर रुके थे, उनकी बात सम्भल पुलिस ने सुनी तो वो चले गए थे कांवड़ यात्रा के संबंध में सम्भल पुलिस या प्रशासन के आधिकारिक बयान लिए बिना खबर ना प्रकाशित करें, एक व्यक्ति द्वारा इस तरह का भ्रम फैला किया गया और सम्भल पुलिस द्वारा उस पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई है यह सोचनीय प्रश्न है, अगर सम्भल पुलिस द्वारा इस तरह के मामलों पर कार्रवाई करते हुए अंकुश नहीं लगाया गया तो भविष्य में इस तरह के लोग सम्भल पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भ्रामक सूचना देकर समस्या पैदा करने का काम करते रहेंगे,