लोकसभा में गूंजा NEET पेपर लीक का मुद्दा, सांसद अभय कुशवाहा ने छात्रों की FIR रद्द करने और मृतक छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ मुआवजे की उठाई मांग
लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान औरंगाबाद के सांसद अभय कुशवाहा ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की विफलता को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल सजा और जुर्माने का प्रावधान बढ़ा देने से सरकार अपनी नाकामियों को नहीं छिपा सकती। संसद में उन्होंने करोड़ों युवाओं की आवाज़ उठाते हुए NEET पेपर लीक प्रकरण के कारण जान गंवाने वाले 21 मेधावी छात्रों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
सांसद अभय कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। बार-बार पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। ऐसे में सरकार को केवल कठोर दंड का कानून बनाने के बजाय परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।
उन्होंने सदन के माध्यम से मांग की कि अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे औरंगाबाद सहित देशभर के छात्रों पर दर्ज सभी FIR तत्काल वापस ली जाए। उनका कहना था कि छात्रों ने अपने भविष्य और न्याय की मांग को लेकर आवाज़ उठाई थी, इसलिए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को समाप्त किया जाना चाहिए।
सांसद ने यह भी मांग की कि NEET पेपर लीक मामले से जुड़े उन 21 छात्रों के परिजनों को, जिन्होंने इस घटना के कारण अपनी जान गंवाई, सरकार 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दे।उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि छात्रों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की नैतिक जिम्मेदारी भी है।
अभय कुशवाहा ने शिक्षा क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में शिक्षा का बजट लगातार कम किया जा रहा है, जबकि विभिन्न शिक्षण संस्थानों में 10 लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो देश के युवाओं का भविष्य गंभीर संकट में पड़ जाएगा।
उन्होंने सरकार से मांग की कि 'लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026' को जल्दबाजी में पारित करने के बजाय संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जाए, ताकि विधेयक की कमियों की गहन समीक्षा हो सके और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जा सकें।
अपने संबोधन के अंत में सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि युवाओं के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षित भविष्य के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
Deo, Aurangabad | Jul 28, 2026