Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
बॉलीवुड
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
Congress
Modi
Delhi
Viral
Rajasthan
Bollywood
दिल्ली
Patna
Breakingnews
Madhya_pradesh
अनिल
Cm
Nsui
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
कानपुर
Pm
Uttarpradesh

देव: केताकी पंचायत भवन के पास कंचनपुर थाना की पुलिस ने कारोबारियों का पीछा किया, अंधेरे में शराब छोड़कर कारोबारी फरार

Deo, Aurangabad | May 13, 2026

MORE NEWS

लोकसभा में गूंजा NEET पेपर लीक का मुद्दा, सांसद अभय कुशवाहा ने छात्रों की FIR रद्द करने और मृतक छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ मुआवजे की उठाई मांग

लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान औरंगाबाद के सांसद अभय कुशवाहा ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की विफलता को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल सजा और जुर्माने का प्रावधान बढ़ा देने से सरकार अपनी नाकामियों को नहीं छिपा सकती। संसद में उन्होंने करोड़ों युवाओं की आवाज़ उठाते हुए NEET पेपर लीक प्रकरण के कारण जान गंवाने वाले 21 मेधावी छात्रों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

सांसद अभय कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। बार-बार पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। ऐसे में सरकार को केवल कठोर दंड का कानून बनाने के बजाय परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।

उन्होंने सदन के माध्यम से मांग की कि अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे औरंगाबाद सहित देशभर के छात्रों पर दर्ज सभी FIR तत्काल वापस ली जाए। उनका कहना था कि छात्रों ने अपने भविष्य और न्याय की मांग को लेकर आवाज़ उठाई थी, इसलिए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को समाप्त किया जाना चाहिए।

सांसद ने यह भी मांग की कि NEET पेपर लीक मामले से जुड़े उन 21 छात्रों के परिजनों को, जिन्होंने इस घटना के कारण अपनी जान गंवाई, सरकार 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दे।उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि छात्रों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की नैतिक जिम्मेदारी भी है।

अभय कुशवाहा ने शिक्षा क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में शिक्षा का बजट लगातार कम किया जा रहा है, जबकि विभिन्न शिक्षण संस्थानों में 10 लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो देश के युवाओं का भविष्य गंभीर संकट में पड़ जाएगा।

उन्होंने सरकार से मांग की कि 'लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026' को जल्दबाजी में पारित करने के बजाय संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जाए, ताकि विधेयक की कमियों की गहन समीक्षा हो सके और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जा सकें।

अपने संबोधन के अंत में सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि युवाओं के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षित भविष्य के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

लोकसभा में गूंजा NEET पेपर लीक का मुद्दा, सांसद अभय कुशवाहा ने छात्रों की FIR रद्द करने और मृतक छात्रों के परिजनों को 1-1 करोड़ मुआवजे की उठाई मांग लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा के दौरान औरंगाबाद के सांसद अभय कुशवाहा ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की विफलता को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केवल सजा और जुर्माने का प्रावधान बढ़ा देने से सरकार अपनी नाकामियों को नहीं छिपा सकती। संसद में उन्होंने करोड़ों युवाओं की आवाज़ उठाते हुए NEET पेपर लीक प्रकरण के कारण जान गंवाने वाले 21 मेधावी छात्रों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। सांसद अभय कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। बार-बार पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। ऐसे में सरकार को केवल कठोर दंड का कानून बनाने के बजाय परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्होंने सदन के माध्यम से मांग की कि अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे औरंगाबाद सहित देशभर के छात्रों पर दर्ज सभी FIR तत्काल वापस ली जाए। उनका कहना था कि छात्रों ने अपने भविष्य और न्याय की मांग को लेकर आवाज़ उठाई थी, इसलिए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को समाप्त किया जाना चाहिए। सांसद ने यह भी मांग की कि NEET पेपर लीक मामले से जुड़े उन 21 छात्रों के परिजनों को, जिन्होंने इस घटना के कारण अपनी जान गंवाई, सरकार 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दे।उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि छात्रों और उनके परिवारों के प्रति सरकार की नैतिक जिम्मेदारी भी है। अभय कुशवाहा ने शिक्षा क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में शिक्षा का बजट लगातार कम किया जा रहा है, जबकि विभिन्न शिक्षण संस्थानों में 10 लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो देश के युवाओं का भविष्य गंभीर संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि 'लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026' को जल्दबाजी में पारित करने के बजाय संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा जाए, ताकि विधेयक की कमियों की गहन समीक्षा हो सके और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन किए जा सकें। अपने संबोधन के अंत में सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि युवाओं के अधिकारों, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षित भविष्य के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Deo, Aurangabad | Jul 28, 2026

जन सुराज ने इस वीडियो को जारी किया है

जन सुराज ने इस वीडियो को जारी किया है

Deo, Aurangabad | Jul 28, 2026

सुबह-सुबह चैन स्नैचिंग से औरंगाबाद दहशत, घर के बाहर खड़े व्यक्ति के गले से सोने की चेन छीनकर फरार हुए बदमाश

औरंगाबाद जिले के नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक बार फिर अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए दिनदहाड़े चैन स्नैचिंग की घटना को अंजाम दिया है। यह घटना कथरुआ गांव के सामने की है, जहां दो बाइक सवार बदमाशों ने एक व्यक्ति के गले से सोने की चेन झपट ली और फरार हो गए। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद होने की बात सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित रंजीत सिंह मंगलवार की सुबह करीब 6 बजे रोज की तरह अपने घर से पशुओं को बाहर निकालकर उन्हें चारा खिलाने के बाद दरवाजे पर खड़े थे। इसी दौरान दो संदिग्ध युवक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनके घर के पास पहले से ही खड़े थे और मौके की तलाश में नजर रखे हुए थे। कुछ देर बाद जैसे ही रंजीत सिंह सड़क की ओर बढ़े, तभी पीछे से आए एक बदमाश ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन खींच ली। घटना के बाद रंजीत सिंह ने शोर मचाते हुए बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन दूसरा युवक पहले से ही मोटरसाइकिल स्टार्ट कर तैयार खड़ा था। दोनों अपराधी तेजी से मोटरसाइकिल पर सवार होकर जशोईया की ओर फरार हो गए। पीड़ित और स्थानीय लोगों ने काफी दूर तक पीछा किया, लेकिन अपराधी हाथ नहीं आए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह के समय हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि संदिग्ध बदमाश घटना से पहले ही इलाके में घूमते हुए सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिए हैं। अब पुलिस इन फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाए, ताकि क्षेत्र में लोगों के बीच सुरक्षा का विश्वास कायम रह सके।

सुबह-सुबह चैन स्नैचिंग से औरंगाबाद दहशत, घर के बाहर खड़े व्यक्ति के गले से सोने की चेन छीनकर फरार हुए बदमाश औरंगाबाद जिले के नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक बार फिर अपराधियों ने दुस्साहस का परिचय देते हुए दिनदहाड़े चैन स्नैचिंग की घटना को अंजाम दिया है। यह घटना कथरुआ गांव के सामने की है, जहां दो बाइक सवार बदमाशों ने एक व्यक्ति के गले से सोने की चेन झपट ली और फरार हो गए। पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद होने की बात सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित रंजीत सिंह मंगलवार की सुबह करीब 6 बजे रोज की तरह अपने घर से पशुओं को बाहर निकालकर उन्हें चारा खिलाने के बाद दरवाजे पर खड़े थे। इसी दौरान दो संदिग्ध युवक एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर उनके घर के पास पहले से ही खड़े थे और मौके की तलाश में नजर रखे हुए थे। कुछ देर बाद जैसे ही रंजीत सिंह सड़क की ओर बढ़े, तभी पीछे से आए एक बदमाश ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन खींच ली। घटना के बाद रंजीत सिंह ने शोर मचाते हुए बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन दूसरा युवक पहले से ही मोटरसाइकिल स्टार्ट कर तैयार खड़ा था। दोनों अपराधी तेजी से मोटरसाइकिल पर सवार होकर जशोईया की ओर फरार हो गए। पीड़ित और स्थानीय लोगों ने काफी दूर तक पीछा किया, लेकिन अपराधी हाथ नहीं आए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह के समय हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि संदिग्ध बदमाश घटना से पहले ही इलाके में घूमते हुए सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दिए हैं। अब पुलिस इन फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाए, ताकि क्षेत्र में लोगों के बीच सुरक्षा का विश्वास कायम रह सके।

Deo, Aurangabad | Jul 28, 2026

पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भाजपा प्रत्याशी के लिए बांकीपुर उप चुनाव में मांगा वोट

पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने भाजपा प्रत्याशी के लिए बांकीपुर उप चुनाव में मांगा वोट

Deo, Aurangabad | Jul 28, 2026

रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय में फैले शैक्षणिक अराजकता, व्याप्त भ्रष्टाचार व तथा बिहार सरकार, राजभवन के आदेश के बावजूद छात्रों से अवैध शुल्क वसूली के ख़िलाफ़ एबीवीपी का महाविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया प्राचार्य का घेराव विरोध प्रदर्शन व छात्र हित को देखते हुए झुका झुका महाविद्यालय प्रशासन इंटर्नशिप के रजिस्ट्रेशन पर रोक का फैसला, व लिए लिए जा रहे शुल्क को वापस करेगी महाविद्यालय।

मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद औरंगाबाद द्वारा मंगलवार को महाविद्यालय में फैले शैक्षणिक अराजकता, व्याप्त भ्रष्टाचार, छात्रों से इंटर्नशिप, नामांकन के नाम पर, मार्कशीट, माइग्रेशन, सीएलसी के नाम पर लगातार अवैध वसूली के खिलाफ महाविद्यालय में सैकड़ों छात्र छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया गया आंदोलन का नेतृत्व परिषद के कार्यकर्ता सुश्री अदिति सिंह ने किया. विरोध प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ नारेबाजी करते हुए प्रचार कक्ष तक पहुंच कर अपनी मांगों को रखा एबीवीपी के जिला संयोजक प्रभात कुमार ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से महाविद्यालय में शैक्षणिक अराजकता चरम पर है। समय पर क्लास नहीं लगना, सिलेबस अधूरा रहना, परीक्षा परिणामों में देरी और छात्रों की समस्याओं को अनसुना करना आम बात हो गई है। इसके साथ ही इंटर्नशिप और एडमिशन के नाम पर छात्रों से अवैध वसूली का गोरखधंधा भी चल रहा है। इन सारी समस्याओं को लेकर आज अखिल भारती विद्यार्थी परिषद के द्वारा इस आंदोलन के मध्यम से महाविद्यालय प्रशासन को अवगत करवाया गया है कि महाविद्यालय में प्रवेश परीक्षा परिणाम में लगातार आ रही अराजकता और छात्रों से वसूली की समस्या को महाविद्यालय प्राचार्य के समक्ष प्रदर्शन के मध्यम से रखा गया जिसे छात्र हित को ध्यान में रखते हुए महा विद्यालय प्रशासन छात्रों के आगे झुका और तत्काल इंटर्नशिप को स्थगित करने का निर्णय लिया गया और नामांकन के नाम पर हो रही अवैध सूली को रोक करने के लिए पत्र निर्गत किया गया वही परिषद के पूर्व जिला संयोजक अभय कुमार ने बताया की यह आंदोलन उन सभी महा विद्यालय को चेतावनी है कि 
विभिन्न महाविद्यालय से मिल रही शिकायत को संज्ञान लेते हुए पूर्व में दिए गए ज्ञान पर त्वरित करवाई की जाए अन्यथा चरणबद्ध तरीक़े से जिले के सभी महाविद्यालय में विद्यार्थी परिषद छात्र हित को ध्यान में रखते हुए उग्र प्रदर्शन करेगी जिसकी सारी ज़िम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी 
एबीवीपी की प्रमुख माँग 

शैक्षणिक अराजकता: नियमित कक्षाओं का न लगना, योग्य शिक्षकों की कमी और लैब-लाइब्रेरी की बदहाल स्थिति।
भ्रष्टाचार: विभिन्न प्रमाण पत्रों, TC, मार्कशीट में देरी के नाम पर कर्मचारियों द्वारा पैसे की मांग।
अवैध वसूली: इंटर्नशिप दिलाने के नाम पर 500 से 1000 रुपये तक की मांग। एडमिशन के समय कैपिटेशन फीस वसूली।
पारदर्शिता का अभाव: इंटर्नशिप कंपनियों की कोई आधिकारिक सूची नहीं। मेरिट की जगह पैसे के आधार पर सीटों का आवंटन।
नगर सह मंत्री अतुल कुमार ने बताया कि "शिक्षा को व्यापार बनाने का यह खेल अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्र अपना भविष्य बनाने कॉलेज आते हैं, दलालों की जेब भरने नहीं। 
एबीवीपी की प्रमुख मांगें:
इंटर्नशिप को 100% निःशुल्क किया जाए और सभी कंपनियों की सूची सार्वजनिक हो।
एडमिशन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए और अवैध वसूली में शामिल लोगों पर कार्रवाई हो।
शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती से पालन हो और खाली पदों पर तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति हो।
छात्रों की शिकायतों के निवारण के लिए हेल्पडेस्क और कमेटी का गठन हो।
ABVP ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने सकारात्मक पहल नहीं की तो आगामी दिनों में महाविद्यालय और उग्र प्रदर्शन को बाध्य होगा जिसका ज़िमेदार स्वयं महा विद्यालय होगा 
प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों छात्र के साथ विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता गोल्डी सिंह, प्रीति कुमारी , रुद्र प्रताप सिंह, निशांत तिवारी, विकास, कौशल, खड़क, रोहित सिंह, आलोक कुमार अंकुश कुमार, सान्याल राजपूत, व अन्य कार्यकर्ता उपस्तिथ रहे।

रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय में फैले शैक्षणिक अराजकता, व्याप्त भ्रष्टाचार व तथा बिहार सरकार, राजभवन के आदेश के बावजूद छात्रों से अवैध शुल्क वसूली के ख़िलाफ़ एबीवीपी का महाविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया प्राचार्य का घेराव विरोध प्रदर्शन व छात्र हित को देखते हुए झुका झुका महाविद्यालय प्रशासन इंटर्नशिप के रजिस्ट्रेशन पर रोक का फैसला, व लिए लिए जा रहे शुल्क को वापस करेगी महाविद्यालय। मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद औरंगाबाद द्वारा मंगलवार को महाविद्यालय में फैले शैक्षणिक अराजकता, व्याप्त भ्रष्टाचार, छात्रों से इंटर्नशिप, नामांकन के नाम पर, मार्कशीट, माइग्रेशन, सीएलसी के नाम पर लगातार अवैध वसूली के खिलाफ महाविद्यालय में सैकड़ों छात्र छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य का घेराव किया गया आंदोलन का नेतृत्व परिषद के कार्यकर्ता सुश्री अदिति सिंह ने किया. विरोध प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ नारेबाजी करते हुए प्रचार कक्ष तक पहुंच कर अपनी मांगों को रखा एबीवीपी के जिला संयोजक प्रभात कुमार ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से महाविद्यालय में शैक्षणिक अराजकता चरम पर है। समय पर क्लास नहीं लगना, सिलेबस अधूरा रहना, परीक्षा परिणामों में देरी और छात्रों की समस्याओं को अनसुना करना आम बात हो गई है। इसके साथ ही इंटर्नशिप और एडमिशन के नाम पर छात्रों से अवैध वसूली का गोरखधंधा भी चल रहा है। इन सारी समस्याओं को लेकर आज अखिल भारती विद्यार्थी परिषद के द्वारा इस आंदोलन के मध्यम से महाविद्यालय प्रशासन को अवगत करवाया गया है कि महाविद्यालय में प्रवेश परीक्षा परिणाम में लगातार आ रही अराजकता और छात्रों से वसूली की समस्या को महाविद्यालय प्राचार्य के समक्ष प्रदर्शन के मध्यम से रखा गया जिसे छात्र हित को ध्यान में रखते हुए महा विद्यालय प्रशासन छात्रों के आगे झुका और तत्काल इंटर्नशिप को स्थगित करने का निर्णय लिया गया और नामांकन के नाम पर हो रही अवैध सूली को रोक करने के लिए पत्र निर्गत किया गया वही परिषद के पूर्व जिला संयोजक अभय कुमार ने बताया की यह आंदोलन उन सभी महा विद्यालय को चेतावनी है कि विभिन्न महाविद्यालय से मिल रही शिकायत को संज्ञान लेते हुए पूर्व में दिए गए ज्ञान पर त्वरित करवाई की जाए अन्यथा चरणबद्ध तरीक़े से जिले के सभी महाविद्यालय में विद्यार्थी परिषद छात्र हित को ध्यान में रखते हुए उग्र प्रदर्शन करेगी जिसकी सारी ज़िम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी एबीवीपी की प्रमुख माँग शैक्षणिक अराजकता: नियमित कक्षाओं का न लगना, योग्य शिक्षकों की कमी और लैब-लाइब्रेरी की बदहाल स्थिति। भ्रष्टाचार: विभिन्न प्रमाण पत्रों, TC, मार्कशीट में देरी के नाम पर कर्मचारियों द्वारा पैसे की मांग। अवैध वसूली: इंटर्नशिप दिलाने के नाम पर 500 से 1000 रुपये तक की मांग। एडमिशन के समय कैपिटेशन फीस वसूली। पारदर्शिता का अभाव: इंटर्नशिप कंपनियों की कोई आधिकारिक सूची नहीं। मेरिट की जगह पैसे के आधार पर सीटों का आवंटन। नगर सह मंत्री अतुल कुमार ने बताया कि "शिक्षा को व्यापार बनाने का यह खेल अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। छात्र अपना भविष्य बनाने कॉलेज आते हैं, दलालों की जेब भरने नहीं। एबीवीपी की प्रमुख मांगें: इंटर्नशिप को 100% निःशुल्क किया जाए और सभी कंपनियों की सूची सार्वजनिक हो। एडमिशन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए और अवैध वसूली में शामिल लोगों पर कार्रवाई हो। शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती से पालन हो और खाली पदों पर तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति हो। छात्रों की शिकायतों के निवारण के लिए हेल्पडेस्क और कमेटी का गठन हो। ABVP ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने सकारात्मक पहल नहीं की तो आगामी दिनों में महाविद्यालय और उग्र प्रदर्शन को बाध्य होगा जिसका ज़िमेदार स्वयं महा विद्यालय होगा प्रदर्शन में शामिल सैकड़ों छात्र के साथ विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता गोल्डी सिंह, प्रीति कुमारी , रुद्र प्रताप सिंह, निशांत तिवारी, विकास, कौशल, खड़क, रोहित सिंह, आलोक कुमार अंकुश कुमार, सान्याल राजपूत, व अन्य कार्यकर्ता उपस्तिथ रहे।

Deo, Aurangabad | Jul 28, 2026