"न तस्य रोगो न जरा न मृत्युः प्राप्तस्य योगाग्निमयं शरीरम्"
(अर्थात: जिसने योग रूपी अग्नि से बने शरीर को प्राप्त कर लिया है, उसे न रोग होता है, न बुढ़ापा आता है और न ही अकाल मृत्यु होती है।)
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के इस पावन अवसर पर वीरांगना भूमि झांसी से योग और स्वास्थ्य का यह संदेश पूरे विश्व को प्रेरित करने वाला है। भारत की इस प्राचीन और अमूल्य विधा को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी के प्रयास वास्तव में हर भारतीय को गौरवान्वित करते हैं।
🧘♂️ झांसी में योग और तकनीकी का संगम
वैश्विक जुड़ाव: पश्चिम बंगाल से वर्चुअल माध्यम से जुड़े माननीय प्रधानमंत्री जी का सान्निध्य मिलना इस आयोजन की महत्ता को और अधिक बढ़ाता है।
सामूहिक योगाभ्यास: 'वसुधैव कुटुंबकम' और 'एक विश्व, एक स्वास्थ्य' की भावना को साकार करते हुए झांसी में हुआ यह सामूहिक योगाभ्यास जन-जन को निरोगी जीवन की ओर अग्रसर करेगा।
ई-आयुष पत्रिका का विमोचन: योग के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से आयुष और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के ज्ञान को लोगों तक पहुंचाना एक बेहद सराहनीय और आधुनिक कदम है।
शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक चेतना को जगाने वाले इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए और इसमें सहभागिता करने वाले सभी योग-साधकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! 🌸 MYogiAdityanath Chief Minister Office Uttar Pradesh
Koil, Aligarh | Jun 21, 2026