महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के अंतर्गत संचालित मिशन शक्ति योजना के तहत जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन (डीएचईडब्ल्यू), भोजपुर द्वारा गुरुवार को आरा प्रखंड के छोटकी सनदिया काली मंदिर के समीप जीविका दीदियों, ग्रामीण महिलाओं एवं किशोरियों के साथ "सखी वार्ता कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं एवं किशोरियों को महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता, बालिका शिक्षा, महिलाओं के अधिकारों तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें सामाजिक, आर्थिक एवं कानूनी रूप से सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को सेनेटरी पैड का वितरण भी किया गया। वन स्टॉप सेंटर (ओएससी), जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वूमेन (डीएचईडब्ल्यू), बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी), प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, परवरिश योजना एवं सामाजिक पुनर्वास योजना बेटी जन्मोत्सव कन्या रत्न बाल विवाह महावारी स्वच्छता कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नामांकन से संबंधित सहित अन्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर की गई। उन्होंने योजनाओं की पात्रता, लाभ, आवेदन प्रक्रिया एवं महिलाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न सहायता सेवाओं की जानकारी साझा करते हुए महिला हेल्पलाइन-181 तथा आपातकालीन सेवा-112 के प्रभावी उपयोग के बारे में भी बताया बाल विवाह निषेध, कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (POSH Act), घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, महिलाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकार तथा लैंगिक समानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। बाल विवाह समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है तथा इसके दुष्परिणाम बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा एवं भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं एवं जीविका दीदियों से अपने-अपने गांवों में बाल विवाह रोकने तथा बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। "बेटी जन्मोत्सव–कन्या रत्न सम्मान अभियान" की विस्तृत जानकारी दि गई कि यह अभियान समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने एवं लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक निर्णयों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने तथा अन्य महिलाओं को भी जागरूक करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं किशोरियों ने विभिन्न योजनाओं, महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन सेवाओं एवं कानूनी अधिकारों से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया
Arrah, Bhojpur | Aug 6, 2026