दुनियाभर के केंद्रीय बैंक बढ़ा रहे सोने का भंडार, क्या बड़े आर्थिक संकट की आहट?
दुनियाभर के केंद्रीय बैंक लगातार अपने सोने के भंडार को मजबूत कर रहे हैं। जुलाई 2026 में केंद्रीय बैंकों ने कुल मिलाकर 23 टन सोने की शुद्ध खरीद की। इस दौरान चीन ने 20 टन और पोलैंड ने 8 टन सोना खरीदा। इसके अलावा चेक गणराज्य ने 2 टन, जबकि कजाकिस्तान, मलेशिया और बोलीविया ने 1-1 टन सोना खरीदा।
वहीं, कुछ देशों ने अपने सोने के भंडार में कमी की। जुलाई में रूस ने 6 टन सोना बेचा, जबकि तुर्की, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान ने 1-1 टन सोना बेचा।
2026 में अब तक कौन सबसे बड़ा खरीदार?
इस साल अब तक पोलैंड सबसे बड़ा केंद्रीय बैंक खरीदार रहा है। जुलाई तक उसने करीब 90 टन सोना खरीदा। चीन ने 60 टन, जबकि कजाकिस्तान ने 29 टन सोना जोड़ा है। उज्बेकिस्तान की खरीद भी करीब 40 टन रही है।
दूसरी तरफ, रूस 2026 में अब तक करीब 50 टन सोना बेच चुका है। जुलाई में उसकी बिक्री 6 टन रही।
केंद्रीय बैंक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए सोने को महत्वपूर्ण रिजर्व एसेट मान रहे हैं। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि कोई बड़ा आर्थिक संकट निश्चित रूप से आने वाला है।
लेकिन चीन, पोलैंड, कजाकिस्तान जैसे देशों की लगातार खरीद और दूसरी तरफ रूस जैसे देशों की बिक्री यह जरूर दिखाती है कि सोना वैश्विक रिजर्व रणनीति में अभी भी बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है।
World Gold Council के मुताबिक, जुलाई तक 2026 में केंद्रीय बैंकों की कुल रिपोर्टेड शुद्ध सोना खरीद करीब 130 टन रही।