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हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध कवि श्री नाथूराम शास्त्री जी की प्रमुख पंक्तियां...... क्षण भंगुर जीवन की कलिका, कल प्रातः को जाने खिली न खिली । मलयाचल की शुचि शीतल मंद सुगंध समीर चली न चली ॥ - Lateri News