➡️ पीएमएफएमई योजना से मिले 27 लाख के लोन से जयप्रकाश ने शुरू की दूध गंगा डेयरी
➡️ प्रत्येक माह लगभग 40 हजार की हो रही आमदनी, 20 लोगों को मिला रोजगार
नौकरी की तलाश में लंबे समय तक भटकने के बाद मुलताई तहसील के डहुआ पंखा निवासी श्री जयप्रकाश चिकाने ने हार नहीं मानी। मध्यप्रदेश शासन की पीएमएफएमई योजना का लाभ लेकर उन्होंने दूध गंगा डेयरी की स्थापना की और आज न केवल खुद आत्मनिर्भर बने हैं, अपितु करीब 20 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
दूध गंगा डेयरी संचालक जयप्रकाश चिकाने ने बताया कि योजना के तहत आवेदन करने के बाद उन्हें बैंक से 27 लाख रुपए का ऋण मिला, जिसमें 10 लाख रुपए का अनुदान शामिल है। इस राशि से उन्होंने डेयरी व्यवसाय शुरू किया। वर्तमान में उनकी डेयरी आसपास के 15 से 20 गांवों से प्रतिदिन करीब 4 हजार लीटर दूध का संग्रहण करती है।
उन्होंने बताया कि संग्रहित दूध से दही, घी, मक्खन, पनीर, खोवा और मिठाई जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिन्हें स्थानीय दुकानों में बेचा जाता है। इसके अलावा नर्मदापुरम की एक निजी कंपनी को भी दूध की आपूर्ति की जा रही है। जयप्रकाश का कहना है कि सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें करीब 40 हजार रुपए प्रतिमाह की आय हो रही है।
➡️ डेयरी में काम कर रहे युवाओं को भी फायदा
डेयरी में कार्यरत देवेन्द्र पोटफोड़े पिछले तीन वर्षों से यहां काम कर रहे हैं। उन्हें प्रतिमाह 12 हजार रुपए मानदेय मिलता है। देवेन्द्र ने बताया कि डेयरी में काम करने का फायदा यह है कि नौकरी के साथ वे अपने खेत और घरेलू काम भी देख लेते हैं। उन्होंने बताया कि वे सुबह 6 बजे से 10 बजे तक और शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक डेयरी में काम करते हैं। बाकी समय खेती और अन्य कार्यों में लगा लेते हैं। उनका कहना है कि किसी निजी कंपनी में नौकरी करने पर पूरा समय देना पड़ता, जबकि यहां रोजगार के साथ खेती भी आसानी से हो जाती है। दूध गंगा डेयरी के संचालक जयप्रकाश चिकाने ने पीएमएफएमई योजना के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का आभार व्यक्त किया है।
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112 views | Betul, Madhya Pradesh | Jun 21, 2026