देश में बाघों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने जबलपुर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के सामने एक हलफनामा पेश कर आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि देश भर के टाइगर रिजर्व में हाल ही में हुई बाघों की अप्राकृतिक मौतों के पीछे 'इंटरनेशनल स्मगलिंग सिंडिकेट' का हाथ है। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान एनटीसीए के सहायक वन महानिरीक्षक नंदकिशोर व्यंकटेश काले द्वारा यह जवाब पेश किया गया।
एनटीसीए ने माना कि देश के बाहर बाघों के अंगों और उनके डेरिवेटिव्स की अवैध मांग अभी भी भारतीय बाघों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है। इस अवैध व्यापार में शामिल अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के वित्तीय लेन-देन की जांच अब तेज कर दी गई है। इसके लिए सीबीआई, वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और राज्यों की पुलिस मिलकर काम कर रही है।
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Korba, Korba | Jun 28, 2026