प्रेस विज्ञप्ति
गया जी। 23 सितंबर 2026
पितृपक्ष मेला में सुरक्षा, सुविधा एवं भीड़ प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता : जिला पदाधिकारी
16 सुपर जोन, 45 जोन एवं 365 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र, पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी किए गए प्रतिनियुक्त
गया, 23 सितंबर 2026, पितृपक्ष मेला 2026 के अवसर पर देश-विदेश से गया आने वाले तीर्थयात्रियों को बेहतर, सुरक्षित एवं सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा मेला के दौरान विधि-व्यवस्था, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से आज हरिदास सेमिनरी के प्रेक्षागृह में मेला में प्रतिनियुक्त सभी दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, सुपर जोनल, जोनल, सेक्टर पदाधिकारियों एवं महिला दंडाधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिला पदाधिकारी गया श्री शशांक शुभंकर एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार ने की।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री गयाजी पहुंचेंगे तथा विष्णुपद, देवघाट सहित विभिन्न पिंड वेदियों एवं सरोवरों पर तर्पण एवं पिंडदान का अनुष्ठान करेंगे। तीर्थयात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है।
उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 45 जोन एवं 365 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, महिला दंडाधिकारी, महिला पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है।
सभी पदाधिकारी जॉइंट ऑर्डर का अध्ययन कर अपने दायित्व से रहें अवगत
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निर्गत जॉइंट ऑर्डर का पूरी गंभीरता से अध्ययन करें तथा अपने ड्यूटी स्थल, दायित्व एवं कार्यक्षेत्र की स्पष्ट जानकारी रखें। सभी पदाधिकारी अपने निर्धारित स्थल पर पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ ड्यूटी का निर्वहन करें।
उन्होंने बताया कि 25 सितंबर को गोदावरी तालाब में तर्पण के साथ पितृपक्ष मेला के प्रमुख अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। इसके बाद 10 अक्टूबर तक अलग-अलग तिथियों में विभिन्न सरोवरों एवं पिंड वेदियों पर तीर्थयात्रियों की भीड़ रहेगी। प्रत्येक पिंड वेदी का अपना अलग धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है और अलग-अलग दिनों में वहां तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि मेला के दौरान क्राउड मैनेजमेंट सबसे महत्वपूर्ण चुनौती होगी। देवघाट एवं विष्णुपद मंदिर सहित सभी प्रमुख स्थलों पर भीड़ की स्थिति को देखते हुए पदाधिकारी पूरी सतर्कता के साथ कार्य करें। किसी भी परिस्थिति में तीर्थयात्रियों के जान-माल की क्षति न हो तथा भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न न होने पाए, इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
सरोवरों एवं घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जिला पदाधिकारी ने बताया कि सभी प्रमुख सरोवरों एवं देवघाट पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से एसडीआरएफ, प्रशिक्षित गोताखोर एवं लाइफ जैकेट की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता के अनुसार नाव की भी व्यवस्था रहेगी। प्रमुख सरोवरों में बैरिकेडिंग के साथ-साथ आवश्यक स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विष्णुपद मंदिर के आसपास एवं देवघाट की ओर जाने वाले कई रास्ते संकीर्ण हैं। ऐसे सभी संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण चौक पॉइंट चिन्हित किए गए हैं तथा भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की टीम तैनात की गई है।
देवघाट से गया जी डैम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के तर्पण की व्यवस्था
जिला पदाधिकारी ने बताया कि शमशान घाट से लेकर गया जी डैम तक एक समय में लगभग 40 से 50 हजार तीर्थयात्री बैठकर तर्पण कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पिछले वर्ष शमशान घाट से मानपुर पुल तक निर्मित नए पाथवे अर्थात विष्णुपथ क्षेत्र में भी दो बड़े घाट बनाए गए हैं, इसके अलावा सीता पथ पर बड़े बड़े घाट भी बनाये गए है। सभी जगह पंडाल की व्यवस्था की गई है। इस क्षेत्र में भी तीर्थयात्रियों द्वारा पिंडदान एवं तर्पण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि घाट पर तर्पण के बाद बड़ी संख्या में तीर्थयात्री विष्णुपद मंदिर में दर्शन के लिए जाते हैं। इसलिए घाटों से मंदिर की ओर तीर्थयात्रियों के आवागमन के लिए व्यवस्थित एवं सुरक्षित रूट प्लान का पालन सुनिश्चित कराया जाए। तीर्थयात्रियों को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में दर्शन कराने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।
आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश
जिला पदाधिकारी ने बताया कि मेला क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों एवं शिविरों में एम्बुलेंस सहित विभिन्न आपातकालीन सेवाओं के नंबर प्रदर्शित किए गए हैं। फायर सर्विस सहित अन्य आवश्यक इमरजेंसी सेवाओं के नंबर भी सार्वजनिक स्थलों पर उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि किसी तीर्थयात्री को आपात स्थिति में सहायता की आवश्यकता होने पर संबंधित स्थल पर प्रतिनियुक्त पदाधिकारी तत्काल नजदीकी नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर आवश्यक चिकित्सा अथवा अन्य सहायता उपलब्ध कराएं।
देवघाट एवं विष्णुपद मंदिर में भीड़ नियंत्रण एवं अन्य व्यवस्थाओं के लिए नोडल वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
पंडा समाज एवं तीर्थयात्रियों से संवाद बनाए रखें पदाधिकारी
जिला पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा एवं व्यवस्था के साथ-साथ तीर्थयात्रियों के साथ मधुर, सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार रखें। स्थानीय स्तर पर पंडा समाज एवं अन्य संबंधित लोगों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें।
उन्होंने सभी सेक्टर पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने ड्यूटी स्थल पर तीर्थयात्रियों से संवाद करें, उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं को समझें तथा किसी भी समस्या की जानकारी मिलने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित कराने की पहल करें।
उन्होंने कहा कि मेला में प्रतिनियुक्त प्रत्येक पदाधिकारी का उद्देश्य केवल ड्यूटी करना नहीं, बल्कि सेवा भाव के साथ तीर्थयात्रियों को सहायता एवं सुविधा उपलब्ध कराना होना चाहिए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु गयाजी से सकारात्मक अनुभव लेकर वापस लौटें।
पिंडदान ऐप के माध्यम से दर्ज होंगी शिकायतें
जिला पदाधिकारी ने सभी दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने मोबाइल में ‘पिंडदान गयाजी’
Mobile Apps: Pind Daan Gaya Ji
Link: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.pinddaangayaji.mobile
अवश्य इंस्टॉल करें। ऐप में शिकायत एवं समस्या दर्ज करने की सुविधा उपलब्ध है। तीर्थयात्रियों अथवा आम लोगों से प्राप्त शिकायतों को ऐप के माध्यम से दर्ज किया जा सकता है, जिनका जिला प्रशासन द्वारा गठित संबंधित सेल के माध्यम से त्वरित समाधान कराया जाएगा।
उन्होंने सभी जोनल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीन सभी सेक्टर पदाधिकारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराएं।
स्वच्छता, पेयजल एवं पार्किंग व्यवस्था पर विशेष निगरानी
जिला पदाधिकारी ने कहा कि मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में शौचालय लगाए गए हैं। सभी शौचालयों की निरंतर साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्थान पर गंदगी की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।
उन्होंने सभी पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, ड्राइवर एवं खलासी के ठहरने की सुविधा, शौचालय तथा पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित सभी प्रमुख स्थलों पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी परिस्थिति में दूषित या अस्वास्थ्यकर भोजन की बिक्री अथवा परोसने की अनुमति नहीं दी जाए।
ड्रेस कोड एवं अनुशासन के साथ ड्यूटी करने का निर्देश
जिला पदाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्धारित ड्रेस कोड में उपस्थित रहकर ड्यूटी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मेला में आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री के साथ सम्मानजनक एवं मधुर व्यवहार किया जाए तथा पूरी सेवा भावना से कार्य किया जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई-नई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इन सभी सुविधाओं का लाभ तीर्थयात्रियों तक सुचारू रूप से पहुंचे, यह सुनिश्चित करना जिला प्रशासन के प्रत्येक पदाधिकारी एवं कर्मी की जिम्मेदारी है।
सेक्टर स्तर पर बनाई गई बहु-विभागीय टीमें
जिला पदाधिकारी ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुविधा एवं त्वरित समस्या समाधान के लिए सेक्टरवार सफाई पर्यवेक्षक, सफाई कर्मी, पीएचईडी विभाग के कर्मी, विद्युत विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मियों की टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर आवश्यक सेवाओं की निगरानी करेंगी तथा कहीं भी कमी पाए जाने पर उसे तत्काल दूर कराएंगी।
पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अलग से सेल गठित किया गया है, जो लगातार भ्रमणशील रहकर प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति की निगरानी करेगा।
गया की सकारात्मक छवि बनाने का अवसर : जिला पदाधिकारी
जिला पदाधिकारी ने कहा कि पितृपक्ष मेला बिहार का अत्यंत महत्वपूर्ण मेला है। बिहार सरकार एवं पूरा प्रशासनिक तंत्र इसकी तैयारियों में जुटा हुआ है। देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी लोग अपने पूर्वजों के तर्पण एवं पिंडदान के लिए गयाजी आते हैं। उन्होंने कहा कि यह गयाजी की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने सभी पदाधिकारियों से पूरी मेहनत, लगन एवं सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की अपील की, ताकि गयाजी आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री को सुरक्षित, सुगम एवं सकारात्मक अनुभव प्राप्त हो।
सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक नहीं हो : वरीय पुलिस अधीक्षक
इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार ने कहा कि पितृपक्ष मेला पूरे बिहार के लिए महत्वपूर्ण आयोजन है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री गयाजी पहुंचते हैं। उनकी सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं हो, इसके लिए सभी पुलिस पदाधिकारी पूरी मुस्तैदी एवं सतर्कता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने थाना क्षेत्र में आने वाले एटीएम केंद्रों के आसपास विशेष निगरानी एवं पेट्रोलिंग रखें। वर्तमान समय में बड़ी संख्या में लोग डिजिटल भुगतान एवं एटीएम का उपयोग करते हैं, इसलिए एटीएम के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यातायात व्यवस्था मेला के दौरान एक बड़ी चुनौती है। इसलिए वन-वे, पार्किंग जोन एवं अन्य निर्धारित यातायात व्यवस्था का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने बताया कि मंदिर के समीप अस्थायी थाना भी बनाया गया है, ताकि विधि-व्यवस्था का प्रभावी संधारण किया जा सके। मेला क्षेत्र के सभी संवेदनशील एवं दबाव वाले बिंदुओं तथा प्रमुख रास्तों को चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम एवं मैनपैक के साथ पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
उन्होंने सभी पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी संवेदनशीलता, सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता, अपर समाहर्ता विधि-व्यवस्था, अपर समाहर्ता विभागीय जांच, वरीय उप समाहर्तागण, अनुमंडल पदाधिकारी सदर, नगर पुलिस उपाधीक्षक सहित जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी तथा विभिन्न स्थलों पर प्रतिनियुक्त सभी सुपर जोनल दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी, जोनल दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी तथा सेक्टर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।
CMO Bihar Samrat Choudhary Information & Public Relations Department, Government of Bihar Department of Tourism, Government of Bihar Press Information Bureau - PIB, Government of India DD News Bihar All India Radio News
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2 views | Gaya, Bihar | Sep 23, 2026