लखनऊ/रायबरेली। राजधानी लखनऊ के कृष्णा नगर स्थित सत्यार्थ हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। रायबरेली शहर की गल्ला मंडी निवासी 38 वर्षीय लाल जी सोनकर की इलाज के दौरान हुई मौत ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन से पहले एनेस्थीसिया (बेहोशी का इंजेक्शन) की कथित ओवरडोज दिए जाने से लाल जी सोनकर की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
परिजनों का आरोप है कि लाल जी सोनकर को सामान्य उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन ऑपरेशन की तैयारी के दौरान एनेस्थीसिया दिए जाने के कुछ ही देर बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन समय रहते उन्हें संभाल नहीं सका और देखते ही देखते उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने अपनी लापरवाही छिपाने की कोशिश की और सही जानकारी देने से भी बचता रहा।
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