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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में एक घटना ने पूरे देश का मिजाज बदल दिया। आरोप है कि सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण को गाने में आपत्ति जताई और उसे रुकवाने का इशारा किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया। अब इस विवाद ने कोलकाता में भीषण रूप ले लिया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए कहा – "वंदे मातरम् का अपमान स्वयं बंकिम चंद्र का अपमान है।" उन्होंने बिना शर्त माफी की मांग की है। वहीं, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के पांचवीं पीढ़ी के प्रत्यक्ष वंशज और BJP विधायक सुमित्रो चटर्जी ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा कि यह घटना "केवल दुर्भाग्यपूर्ण नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक गलती को बेशर्मी से दोहराने जैसी है"। उन्होंने कहा कि आज़ाद भारत की धरती पर वंदे मातरम् को पूरा न गाना खुदीराम बोस जैसे शहीदों के बलिदान का अपमान है। इसके बाद BJP युवा मोर्चा ने कोलकाता में एस्प्लेनेड से मौलाली तक विशाल मशाल रैली और विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर सोनिया गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बेंगलुरु और मंगलुरु में भी BJP ने पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम् नहीं रुकवाया, बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मंगवाने का इशारा किया था। हालांकि, विपक्ष इसे ‘तुष्टिकरण की राजनीति’ करार दे रहा है। क्या सोनिया गांधी को माफी मांगनी चाहिए? आपकी क्या राय है – कमेंट में जरूर बताएं! 👇 📌 इस विवाद की पूरी कहानी और अपडेट के लिए अभी क्लिक करें – 👉 www.bharatnamanews.com 👈 #SoniaGandhi #VandeMataram #KolkataProtests #वंदेमातरम् #कोलकाता #SuvenduAdhikari #BJP #Congress #BankimChandra #NationalSong #भारतमाताकीजय #BharatNamaNews #हिंदीसमाचार #देशभक्ति #BreakingNews #ViralControversy #तिरंगा #स्वतंत्रतादिवस #मशालरैली #अपमानबर्दाश्तनहीं - Ghaziabad News