कभी सिंचाई के लिए बारिश पर निर्भर रहने वाले जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ की ग्राम पंचायत बम्हनी के किसान श्री शंकर सिंह मार्को अब खेती के साथ मछली पालन और टमाटर उत्पादन भी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 अंतर्गत वाटरशेड परियोजना से उनके खेत में निर्मित तालाब ने खेती को नया आधार दिया है।
परियोजना से पहले श्री शंकर सिंह मुख्य रूप से खरीफ में धान, मक्का और कोदो की खेती करते थे। सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से रबी की फसल लेना मुश्किल था। वित्तीय वर्ष 2023-24 में उनके खेत के खसरा नंबर 199 में खेत तालाब का निर्माण होने के बाद सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हुआ। अब वे धान के साथ गेहूं और चने की खेती भी कर रहे हैं। तालाब में मछली पालन शुरू करने से उन्हें आय का एक अतिरिक्त साधन भी मिला है।
खेती को आगे बढ़ाने के लिए श्री शंकर सिंह ने कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से तकनीकी पद्धति से टमाटर उत्पादन की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 में आधा एकड़ भूमि पर टमाटर की खेती की। इसमें लगभग 15 हजार रुपये की लागत आई और विक्रय से लागत निकालने के बाद करीब 60 हजार रुपये का मुनाफा अर्जित हुआ।
किसान श्री शंकर सिंह मार्को ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वाटरशेड परियोजना से खेत तालाब के माध्यम से सिंचाई की सुविधा मिली है। इससे खेती का दायरा बढ़ाने, मछली पालन अपनाने और टमाटर की खेती से अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिला है। अब वे पहले की तुलना में अधिक फसलें ले पा रहे हैं और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी बेहतर स्थिति में हैं।
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16 views | Anuppur, Madhya Pradesh | Oct 16, 2026