भोरे: बऊक दास: मस्जिद का अजान छोड़ शिवभक्ति में लीन, पुल के लिए जलसत्याग्रह और संपर्क पथ के लिए छोड़ा अन्न
श्रद्धा और संकल्प की एक ऐसी अनूठी कहानी बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे प्रखंड के धोबहा घाट से सामने आई है, जो न केवल सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है, बल्कि जनसेवा के प्रति एक साध्वी के कठोर समर्पण को भी दर्शाती है। कभी मुस्लिम परिवार में जन्मी आसमा खातून आज बउक दास के नाम से विख्यात हैं।