Public App Logo
Jansamasya
News
Bjp
National
Bihar
India
कांग्रेस
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Jharkhand
Up
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
महिला
Narendramodi
Nitishkumar
Madhya_pradesh
सोशल_मीडिया
Nsui
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Ipl
Actor
Haryana
No video available

चीर के ज़मीन को, मैं उम्मीद बोता हूं, मैं किसान हूं, चैन से कहां सोता हूं।

85.7k views | Madhya Pradesh, India | Sep 19, 2024

MORE NEWS

*सच्ची साझेदारी के लिए सिर्फ समझौते ही नही अपनत्व और विश्वास भी महत्वपूर्ण - मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव*
--------------
*वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार मध्यप्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास हेतु लगातार कर रही है निवेश*
------------
*मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों के राजदूतों को बताए प्रदेश में निवेश के सुअवसर*
इंदौर, 06 जून 2026
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आज इंदौर में इंडिया–लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेटिन अमेरिका और कैरेबियाई राजदूतों से वन-टू-वन चर्चा की। डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी सच्ची साझेदारी की बुनियाद अपनत्व और विश्वास पर निर्भर करती है। सिर्फ साझेदारी पर ही समझौते नही होते है। अब मध्यप्रदेश में निर्मित फार्मास्युटिकल, इंजीनियरिंग, आई.टी., टेक्सटाईल एवं खाद्य उत्पादों के व्यवसाय एवं कृषि में दोनों पक्षों की ओर से नवीन अवसरों को तलाशा जा सकता हैं। साथ ही रिन्युएबल एनर्जी एवं रिन्युएबल एनर्जी उत्पादों के निर्माण में भी मध्यप्रदेश बड़े स्तर की परियोजनाएं संचालित कर रहा है। वहीं मध्यप्रदेश की निवेश प्रोत्साहन नीति भारत की सबसे अच्छी नीतियों में शामिल है यदि लेटिन अमेरिका से यहाँ पर निवेश किया जाता है तो उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर भारत के घरेलू बाजार एवं अन्य देशों में निर्यात के अवसर देखे जा सकते है। 
*केन्द्र एवं राज्य सरकार प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए लगातार कर रही है निवेश*
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत के मध्य में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति भारतीय बाजार में व्यवसाय करने हेतु अत्यन्त उपयुक्त है। इसके अलावा मध्यप्रदेश टूरिज्म की दृष्टि से भी भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य है। प्रदेश में 24 सेंचुरीज, 12 नेशनल पार्क, 7 टाईगर रिज़र्व एवं 14 यूनेस्को वर्ल्ड हैरिटेज साईट है। वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार मध्यप्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास हेतु लगातार निवेश कर रही है। मध्यप्रदेश में कुशल मैन पॉवर की उपलब्धता भी प्रचुर मात्रा में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उरुग्वे, क्यूबा, पनामा, मेक्सिको, सूरीनाम, अर्जेंटीना, ब्राजील,पेरू के राजदूतों को मप्र में निवेश करने का सबसे अच्छा समय बताया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजनायिकों से कहा कि जनवरी 2027 में प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक समिट "जी.आई.एस.-2027" एवं महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ-2028 आयोजित हो रहा है, जिसमें आप सभी सादर आमंत्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से भी चर्चा की और उनसे मध्यप्रदेश के विकास में सहभागी करने का आह्वान किया। 
 कार्यक्रम में भारत में उरुग्वे के राजदूत श्री अल्बर्टो गुआनी, भारत में क्यूबा के राजदूत श्री जुआन कार्लोस मार्सान, भारत में एलसाल्वाडोर के राजदूत श्री गुइलेर्मो रूबियो फुनेस, भारत में पनामा के राजदूत अलोंसोकोरे, भारत में गुयाना के उच्चायुक्त श्री धरम कुमार सीराज, भारत में पेरू के राजदूत श्री जेवियर पॉलिनिक, भारत में ग्वाटेमाला के राजदूत श्री ओमार कास्तानेदा, भारत में मैक्सिको के महावाणिज्यदूत श्री एडोल्फो गार्सिया, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी तथा ग्लोबल इंडिया बिज़नेस फोरम के प्रेसिडेंट डॉ. जितेंद्र जोशी, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के एमडी श्री चन्द्रमौली शुक्ला, आईजी श्री अनुराग, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा,  एमपीआईडीसी कार्यकारी संचालक श्री हिमांशु प्रजापति भी मौजूद थे।

#JansamparkMP #InvestMP #GlobalInvestment #Indore #MPGrowth #LatinAmerica #TradeForum #indore #इंदौर
CM Madhya Pradesh 
Collector Office Indore 
Jansampark Madhya Pradesh

*सच्ची साझेदारी के लिए सिर्फ समझौते ही नही अपनत्व और विश्वास भी महत्वपूर्ण - मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव* -------------- *वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार मध्यप्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास हेतु लगातार कर रही है निवेश* ------------ *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों के राजदूतों को बताए प्रदेश में निवेश के सुअवसर* इंदौर, 06 जून 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आज इंदौर में इंडिया–लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लेटिन अमेरिका और कैरेबियाई राजदूतों से वन-टू-वन चर्चा की। डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी सच्ची साझेदारी की बुनियाद अपनत्व और विश्वास पर निर्भर करती है। सिर्फ साझेदारी पर ही समझौते नही होते है। अब मध्यप्रदेश में निर्मित फार्मास्युटिकल, इंजीनियरिंग, आई.टी., टेक्सटाईल एवं खाद्य उत्पादों के व्यवसाय एवं कृषि में दोनों पक्षों की ओर से नवीन अवसरों को तलाशा जा सकता हैं। साथ ही रिन्युएबल एनर्जी एवं रिन्युएबल एनर्जी उत्पादों के निर्माण में भी मध्यप्रदेश बड़े स्तर की परियोजनाएं संचालित कर रहा है। वहीं मध्यप्रदेश की निवेश प्रोत्साहन नीति भारत की सबसे अच्छी नीतियों में शामिल है यदि लेटिन अमेरिका से यहाँ पर निवेश किया जाता है तो उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर भारत के घरेलू बाजार एवं अन्य देशों में निर्यात के अवसर देखे जा सकते है। *केन्द्र एवं राज्य सरकार प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए लगातार कर रही है निवेश* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत के मध्य में स्थित होने के कारण मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति भारतीय बाजार में व्यवसाय करने हेतु अत्यन्त उपयुक्त है। इसके अलावा मध्यप्रदेश टूरिज्म की दृष्टि से भी भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य है। प्रदेश में 24 सेंचुरीज, 12 नेशनल पार्क, 7 टाईगर रिज़र्व एवं 14 यूनेस्को वर्ल्ड हैरिटेज साईट है। वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार मध्यप्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास हेतु लगातार निवेश कर रही है। मध्यप्रदेश में कुशल मैन पॉवर की उपलब्धता भी प्रचुर मात्रा में है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उरुग्वे, क्यूबा, पनामा, मेक्सिको, सूरीनाम, अर्जेंटीना, ब्राजील,पेरू के राजदूतों को मप्र में निवेश करने का सबसे अच्छा समय बताया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजनायिकों से कहा कि जनवरी 2027 में प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक समिट "जी.आई.एस.-2027" एवं महाकाल की नगरी उज्जैन में सिंहस्थ-2028 आयोजित हो रहा है, जिसमें आप सभी सादर आमंत्रित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से भी चर्चा की और उनसे मध्यप्रदेश के विकास में सहभागी करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भारत में उरुग्वे के राजदूत श्री अल्बर्टो गुआनी, भारत में क्यूबा के राजदूत श्री जुआन कार्लोस मार्सान, भारत में एलसाल्वाडोर के राजदूत श्री गुइलेर्मो रूबियो फुनेस, भारत में पनामा के राजदूत अलोंसोकोरे, भारत में गुयाना के उच्चायुक्त श्री धरम कुमार सीराज, भारत में पेरू के राजदूत श्री जेवियर पॉलिनिक, भारत में ग्वाटेमाला के राजदूत श्री ओमार कास्तानेदा, भारत में मैक्सिको के महावाणिज्यदूत श्री एडोल्फो गार्सिया, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी तथा ग्लोबल इंडिया बिज़नेस फोरम के प्रेसिडेंट डॉ. जितेंद्र जोशी, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के एमडी श्री चन्द्रमौली शुक्ला, आईजी श्री अनुराग, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, एमपीआईडीसी कार्यकारी संचालक श्री हिमांशु प्रजापति भी मौजूद थे। #JansamparkMP #InvestMP #GlobalInvestment #Indore #MPGrowth #LatinAmerica #TradeForum #indore #इंदौर CM Madhya Pradesh Collector Office Indore Jansampark Madhya Pradesh

Indore, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

*विश्व पर्यावरण दिवस पर जल चौपाल एवं “एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम आयोजित*
---
*पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प*
इंदौर, 06 जून 2025
 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद पंचायत डॉ. अंबेडकर नगर महू के ग्राम पंचायत नेउगुराडिया में जल चौपाल, घाट बावड़ी जीर्णोद्धार अभियान एवं “एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विधायक सुश्री उषा ठाकुर मुख्य अतिथि थीं । उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा अपनी माता के सम्मान में लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
 कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार मालवीय ने की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। ग्राम पंचायतों को प्राचीन जल स्रोतों, बावड़ियों एवं कुओं के संरक्षण और पुनर्जीवन हेतु आगे आना होगा।
 कार्यक्रम के दौरान विधिवत पूजन-अर्चन कर घाट बावड़ी जीर्णोद्धार अभियान का शुभारंभ किया गया तथा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान अंतर्गत पौधरोपण भी किया गया। उपस्थित जनसमुदाय ने पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने एवं अधिकाधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया।
 जल चौपाल में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भू-जल संवर्धन एवं प्राचीन जल संरचनाओं के पुनर्जीवन पर विस्तृत चर्चा की गई। महिला स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीणों ने भी पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन के लिए सक्रिय सहभागिता का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
 कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी नागरिकों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे अपने गांव को स्वच्छ, हरित एवं जल समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य करेंगे तथा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
---
#JansamparkMP #WorldEnvironmentDay #EkPedMaaKeNaam #WaterConservation #SaveEnvironment #GreenMP #indore #इंदौर
CM Madhya Pradesh 
Jansampark Madhya Pradesh

*विश्व पर्यावरण दिवस पर जल चौपाल एवं “एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम आयोजित* --- *पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प* इंदौर, 06 जून 2025 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जनपद पंचायत डॉ. अंबेडकर नगर महू के ग्राम पंचायत नेउगुराडिया में जल चौपाल, घाट बावड़ी जीर्णोद्धार अभियान एवं “एक पेड़ माँ के नाम” कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में विधायक सुश्री उषा ठाकुर मुख्य अतिथि थीं । उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन का संरक्षण ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा अपनी माता के सम्मान में लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार मालवीय ने की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। ग्राम पंचायतों को प्राचीन जल स्रोतों, बावड़ियों एवं कुओं के संरक्षण और पुनर्जीवन हेतु आगे आना होगा। कार्यक्रम के दौरान विधिवत पूजन-अर्चन कर घाट बावड़ी जीर्णोद्धार अभियान का शुभारंभ किया गया तथा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान अंतर्गत पौधरोपण भी किया गया। उपस्थित जनसमुदाय ने पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने एवं अधिकाधिक वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया। जल चौपाल में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भू-जल संवर्धन एवं प्राचीन जल संरचनाओं के पुनर्जीवन पर विस्तृत चर्चा की गई। महिला स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीणों ने भी पर्यावरण संरक्षण एवं जल संवर्धन के लिए सक्रिय सहभागिता का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी नागरिकों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे अपने गांव को स्वच्छ, हरित एवं जल समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य करेंगे तथा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को जन-जन तक पहुंचाएंगे। --- #JansamparkMP #WorldEnvironmentDay #EkPedMaaKeNaam #WaterConservation #SaveEnvironment #GreenMP #indore #इंदौर CM Madhya Pradesh Jansampark Madhya Pradesh

Indore, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

थोड़ा ठहर कर इस पल को जी लिया जाए भिया 
आओ इंदौर देखे 
follow @indoreshahar

थोड़ा ठहर कर इस पल को जी लिया जाए भिया आओ इंदौर देखे follow @indoreshahar

Indore, Indore | Jun 6, 2026

*भारत-लैटिन अमेरिका व्यापार संबंधों को नई ऊंचाई देगा इंदौर सम्मेलन*
----
*युवा नवाचार और तकनीकी कौशल के माध्यम से मध्यप्रदेश वैश्विक मांगों को पूरा करने में सक्षम*

*भारत और लेटिन अमेरिका की समानताएं भविष्य के आर्थिक सहयोग की मजबूत आधारशिला बनेंगी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव*
-----
*इंदौर में इंडिया–लैटिन अमेरिका ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम का आयोजन, व्यापारिक अवसरों पर हुआ मंथन*
इंदौर, 06 जून 2026
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष उपस्थिति में भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आज इंदौर में इंडिया–लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 15 देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों, राजनयिकों और ट्रेड कमिश्नरों ने भाग लिया तथा भारतीय उद्योगपतियों के साथ व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई ।
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न देशों के राजदूतों और मध्यप्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) और वन-टू-वन बैठकों का आयोजन भी किया गया, जिससे भारतीय और विदेशी उद्योगपतियों को सीधे संवाद का अवसर मिला।
कार्यक्रम में ब्राज़ील, अर्जेंटीना, उरुग्वे, चिली, पेरू, सूरीनाम, गुयाना सहित कई देशों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों में उपलब्ध व्यापार एवं निवेश अवसरों की जानकारी दी। कृषि, फूड प्रोसेसिंग, खनन, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा, पर्यटन और विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम में भारत में उरुग्वे के राजदूत श्री अल्बर्टो गुआनी, भारत में क्यूबा के राजदूत श्री जुआन कार्लोस मार्सान, भारत में एलसाल्वाडोर के राजदूत श्री गुइलेर्मो रूबियो फुनेस, भारत में पनामा के राजदूत अलोंसोकोरे, भारत में गुयाना के उच्चायुक्त श्री धरम कुमार सीराज, भारत में पेरू के राजदूत श्री जेवियर पॉलिनिक, भारत में ग्वाटेमाला के राजदूत श्री ओमार कास्तानेदा, भारत में मैक्सिको के महावाणिज्यदूत श्री एडोल्फो गार्सिया विशेष रूप से मौजूद थे।  
 इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी तथा ग्लोबल इंडिया बिज़नेस फोरम के प्रेसिडेंट डॉ. जितेंद्र जोशी भी उपस्थित थे।
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत, लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग की अपार संभावनाएं हैं तथा इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार निवेश मंच इन संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है और मध्यप्रदेश इस विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में उपस्थित उरुग्वे, क्यूबा, एलसाल्वाडोर, पनामा, गुयाना, ग्वाटेमाला, पेरू, मैक्सिको सहित विभिन्न देशों के राजदूतों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिलना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल देश की सबसे स्वच्छ नगरी ही नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र भी है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की नगरी इंदौर ने सदियों से व्यापार और सुशासन की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाया है। मालवा क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र रहा है और आज भी निवेश तथा उद्योग के लिए देश के सबसे आकर्षक क्षेत्रों में शामिल है।
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भौगोलिक दूरियां चाहे जितनी हों, भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के सांस्कृतिक मूल्य, प्रकृति के प्रति सम्मान, लोक परंपराएं, संगीत और सामाजिक जीवन की अनेक समानताएं दोनों क्षेत्रों को निकट लाती हैं। यही समानताएं भविष्य के आर्थिक सहयोग की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों के साथ निर्यात लगभग 3,835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, प्लास्टिक उत्पाद, कृषि आधारित उत्पाद और विनिर्माण क्षेत्र राज्य की प्रमुख निर्यात ताकत बनकर उभरे हैं।
 डॉ. यादव ने कहा कि ब्राजील, मैक्सिको, चिली, अर्जेंटीना, पेरू, कोलंबिया और डोमिनिकन रिपब्लिक जैसे देशों के साथ बढ़ता व्यापार मध्यप्रदेश पर अंतरराष्ट्रीय विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने फार्मा, आईटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, हरित ऊर्जा, खनन, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण क्षेत्रों में साझेदारी की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र आज वैश्विक फार्मास्यूटिकल और औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। राज्य की दवाएं ब्राजील, पेरू और चिली सहित अनेक देशों तक पहुंच रही हैं। वहीं क्यूबा के बायोटेक और फार्मा अनुसंधान अनुभव के साथ सहयोग चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार के नए अवसर प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि पीथमपुर देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग केंद्रों में शामिल है तथा मैक्सिको और ब्राजील जैसे देशों की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए मध्यप्रदेश एक भरोसेमंद सप्लाई चेन पार्टनर बन सकता है। साथ ही इंदौर तेजी से उभरता आईटी एवं स्टार्टअप हब है, जहां का युवा नवाचार और तकनीकी कौशल के माध्यम से वैश्विक मांगों को पूरा करने में सक्षम है।
 कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का "फूड बास्केट" बनकर उभरा है। अर्जेंटीना और ग्वाटेमाला जैसी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्थाओं के साथ तकनीकी सहयोग और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में संयुक्त प्रयास वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। राज्य में 1.25 लाख एकड़ से अधिक लैंड बैंक, 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, आधुनिक रेल एवं हवाई संपर्क, 31 हजार मेगावाट से अधिक विद्युत उत्पादन क्षमता तथा देश के प्रमुख खनिज संसाधनों की उपलब्धता निवेश के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है।
 मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य में छह प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश में 6,000 से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें 45 प्रतिशत से अधिक महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। मजबूत कानून व्यवस्था, औद्योगिक शांति और निवेशक हितैषी नीतियों के कारण मध्यप्रदेश देश और दुनिया के उद्योगपतियों की पहली पसंद बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अवसरों की धरती है और राज्य सरकार वैश्विक व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में निवेश एवं व्यापार विस्तार के लिए आमंत्रित करते हुए भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार निवेश मंच की सफलता की शुभकामनाएं दीं।
*उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो गुआनी ने भारत-लैटिन अमेरिका व्यापार संबंधों को बताया उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला*
 भारत में उरुग्वे के राजदूत श्री अल्बर्टो गुआनी ने अपने संबोधन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विभिन्न देशों के राजदूतों, गणमान्य अतिथियों एवं उपस्थित प्रतिनिधियों का अभिवादन करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता और उत्साह का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का हृदय कहे जाने वाले मध्यप्रदेश ने उन्हें हमेशा आकर्षित किया है और यह प्रदेश भारत की प्रगति, विकास और संभावनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जो महत्वाकांक्षी दृष्टि प्रस्तुत की गई है, मध्यप्रदेश उसकी सशक्त अभिव्यक्ति है। भारत जिस गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, उसी प्रकार लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों को भी इस चुनौती के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा।  उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश जैसे राज्यों के सहयोग से यह व्यापारिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे तथा निवेश एवं औद्योगिक सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय संपर्क और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 देशों की भागीदारी और विभिन्न राजदूतों की उपस्थिति ने इस आयोजन की प्रतिष्ठा को और बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और लैटिन अमेरिका-कैरेबियाई देशों के बीच सहयोग की यात्रा अभी लंबी है और भविष्य में इससे भी बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
 फोरम के अध्यक्ष एवं ग्लोबल इंडिया बिज़नेस फोरम के प्रेसिडेंट डॉ. जितेंद्र जोशी ने बताया कि संस्था पिछले एक दशक से भारत की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और भारतीय निर्यात को विश्व के 150 से अधिक देशों तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप के अलावा अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा मध्य एशिया के देशों में भारतीय उद्योगों और उत्पादों की व्यापक संभावनाएं हैं। डॉ. जोशी ने बताया कि मध्यप्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति और राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी नीतियों को देखते हुए इस वर्ष फोरम के लिए इंदौर का चयन किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से विकास कर रहा है और निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में भारत और लैटिन अमेरिका के बीच लगभग 50 अरब डॉलर का व्यापार हो रहा है, जो अगले पांच वर्षों में बढ़कर 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसी उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एसएमई) क्षेत्र के प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया।
 कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग श्री राघवेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश और निर्यात के लिये उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों की जानकारी दी। उन्होंने यहां के ईको सिस्टम के बारे में भी बताया। उन्होंने मध्यप्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा और निवेशकों तथा निर्यातकों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज भारत और लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन (LAC) देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग का एक सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और एलएसी देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2025-26 में लगभग 42 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें भारत का निर्यात 16.4 अरब डॉलर तथा एलएसी देशों से आयात 25.6 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि लैटिन अमेरिकी निवेशकों द्वारा भारत में ऑटो कंपोनेंट्स, माइनिंग एवं मेटल्स, फूड एवं एग्री, आईटी एवं सॉफ्टवेयर तथा इंजीनियरिंग क्षेत्रों में निवेश किया जा रहा है। वहीं भारतीय कंपनियां लैटिन अमेरिका में आईटी एवं सॉफ्टवेयर, फार्मास्यूटिकल्स, एग्रोकेमिकल्स, माइनिंग एवं स्टील, रिन्यूएबल एनर्जी तथा ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में निवेश कर रही हैं। श्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश लैटिन अमेरिकी देशों के लिए निवेश और व्यापार का आकर्षक गंतव्य है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश से एलएसी देशों को लगभग 433.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ है। राज्य से मशीनरी एवं मैकेनिकल उपकरण, फार्मा उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, कपास तथा अन्य औद्योगिक उत्पादों का निर्यात प्रमुख रूप से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति और मजबूत कनेक्टिविटी उसे देश के हृदयस्थल के रूप में विशेष पहचान दिलाती है। राज्य में 6 इनलैंड कंटेनर डिपो, 22 रेलवे जंक्शन, 1 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क तथा 8 हवाई अड्डे उपलब्ध हैं। इसके अलावा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर, ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जोड़ती हैं।
 इस अवसर पर इंडिया-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियाई विशेषांक ‘बिजनेस टाइकून्स’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। साथ ही ‘इंडिया-लैटिन अमेरिका एंड कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम 2026’ की आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और वेबसाइट का शुभारंभ किया गया। यह मंच दोनों क्षेत्रों की सरकारों, उद्योग जगत, निवेशकों और व्यापारिक संगठनों को दीर्घकालिक सहयोग के लिए जोड़ने का कार्य करेगा। कार्यक्रम में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, आईजी श्री अनुराग, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के एमडी श्री चन्द्रमौली शुक्ला भी मौजूद थे।
#JansamparkMP #Indore #इंदौर #GlobalTrade #Investment #LatinAmerica #TradeForum #MPGrowth #DrMohanYadav

*भारत-लैटिन अमेरिका व्यापार संबंधों को नई ऊंचाई देगा इंदौर सम्मेलन* ---- *युवा नवाचार और तकनीकी कौशल के माध्यम से मध्यप्रदेश वैश्विक मांगों को पूरा करने में सक्षम* *भारत और लेटिन अमेरिका की समानताएं भविष्य के आर्थिक सहयोग की मजबूत आधारशिला बनेंगी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव* ----- *इंदौर में इंडिया–लैटिन अमेरिका ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम का आयोजन, व्यापारिक अवसरों पर हुआ मंथन* इंदौर, 06 जून 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष उपस्थिति में भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आज इंदौर में इंडिया–लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 15 देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों, राजनयिकों और ट्रेड कमिश्नरों ने भाग लिया तथा भारतीय उद्योगपतियों के साथ व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न देशों के राजदूतों और मध्यप्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) और वन-टू-वन बैठकों का आयोजन भी किया गया, जिससे भारतीय और विदेशी उद्योगपतियों को सीधे संवाद का अवसर मिला। कार्यक्रम में ब्राज़ील, अर्जेंटीना, उरुग्वे, चिली, पेरू, सूरीनाम, गुयाना सहित कई देशों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों में उपलब्ध व्यापार एवं निवेश अवसरों की जानकारी दी। कृषि, फूड प्रोसेसिंग, खनन, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा, पर्यटन और विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। कार्यक्रम में भारत में उरुग्वे के राजदूत श्री अल्बर्टो गुआनी, भारत में क्यूबा के राजदूत श्री जुआन कार्लोस मार्सान, भारत में एलसाल्वाडोर के राजदूत श्री गुइलेर्मो रूबियो फुनेस, भारत में पनामा के राजदूत अलोंसोकोरे, भारत में गुयाना के उच्चायुक्त श्री धरम कुमार सीराज, भारत में पेरू के राजदूत श्री जेवियर पॉलिनिक, भारत में ग्वाटेमाला के राजदूत श्री ओमार कास्तानेदा, भारत में मैक्सिको के महावाणिज्यदूत श्री एडोल्फो गार्सिया विशेष रूप से मौजूद थे। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी तथा ग्लोबल इंडिया बिज़नेस फोरम के प्रेसिडेंट डॉ. जितेंद्र जोशी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत, लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग की अपार संभावनाएं हैं तथा इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार निवेश मंच इन संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है और मध्यप्रदेश इस विकास यात्रा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में उपस्थित उरुग्वे, क्यूबा, एलसाल्वाडोर, पनामा, गुयाना, ग्वाटेमाला, पेरू, मैक्सिको सहित विभिन्न देशों के राजदूतों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिलना गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल देश की सबसे स्वच्छ नगरी ही नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र भी है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की नगरी इंदौर ने सदियों से व्यापार और सुशासन की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाया है। मालवा क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र रहा है और आज भी निवेश तथा उद्योग के लिए देश के सबसे आकर्षक क्षेत्रों में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भौगोलिक दूरियां चाहे जितनी हों, भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के सांस्कृतिक मूल्य, प्रकृति के प्रति सम्मान, लोक परंपराएं, संगीत और सामाजिक जीवन की अनेक समानताएं दोनों क्षेत्रों को निकट लाती हैं। यही समानताएं भविष्य के आर्थिक सहयोग की मजबूत आधारशिला बन सकती हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों के साथ निर्यात लगभग 3,835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, प्लास्टिक उत्पाद, कृषि आधारित उत्पाद और विनिर्माण क्षेत्र राज्य की प्रमुख निर्यात ताकत बनकर उभरे हैं। डॉ. यादव ने कहा कि ब्राजील, मैक्सिको, चिली, अर्जेंटीना, पेरू, कोलंबिया और डोमिनिकन रिपब्लिक जैसे देशों के साथ बढ़ता व्यापार मध्यप्रदेश पर अंतरराष्ट्रीय विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने फार्मा, आईटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, हरित ऊर्जा, खनन, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण क्षेत्रों में साझेदारी की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र आज वैश्विक फार्मास्यूटिकल और औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है। राज्य की दवाएं ब्राजील, पेरू और चिली सहित अनेक देशों तक पहुंच रही हैं। वहीं क्यूबा के बायोटेक और फार्मा अनुसंधान अनुभव के साथ सहयोग चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार के नए अवसर प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि पीथमपुर देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग केंद्रों में शामिल है तथा मैक्सिको और ब्राजील जैसे देशों की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए मध्यप्रदेश एक भरोसेमंद सप्लाई चेन पार्टनर बन सकता है। साथ ही इंदौर तेजी से उभरता आईटी एवं स्टार्टअप हब है, जहां का युवा नवाचार और तकनीकी कौशल के माध्यम से वैश्विक मांगों को पूरा करने में सक्षम है। कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का "फूड बास्केट" बनकर उभरा है। अर्जेंटीना और ग्वाटेमाला जैसी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्थाओं के साथ तकनीकी सहयोग और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में संयुक्त प्रयास वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। राज्य में 1.25 लाख एकड़ से अधिक लैंड बैंक, 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, आधुनिक रेल एवं हवाई संपर्क, 31 हजार मेगावाट से अधिक विद्युत उत्पादन क्षमता तथा देश के प्रमुख खनिज संसाधनों की उपलब्धता निवेश के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य में छह प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश में 6,000 से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं, जिनमें 45 प्रतिशत से अधिक महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। मजबूत कानून व्यवस्था, औद्योगिक शांति और निवेशक हितैषी नीतियों के कारण मध्यप्रदेश देश और दुनिया के उद्योगपतियों की पहली पसंद बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अवसरों की धरती है और राज्य सरकार वैश्विक व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में निवेश एवं व्यापार विस्तार के लिए आमंत्रित करते हुए भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार निवेश मंच की सफलता की शुभकामनाएं दीं। *उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो गुआनी ने भारत-लैटिन अमेरिका व्यापार संबंधों को बताया उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला* भारत में उरुग्वे के राजदूत श्री अल्बर्टो गुआनी ने अपने संबोधन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विभिन्न देशों के राजदूतों, गणमान्य अतिथियों एवं उपस्थित प्रतिनिधियों का अभिवादन करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश आकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता और उत्साह का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का हृदय कहे जाने वाले मध्यप्रदेश ने उन्हें हमेशा आकर्षित किया है और यह प्रदेश भारत की प्रगति, विकास और संभावनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जो महत्वाकांक्षी दृष्टि प्रस्तुत की गई है, मध्यप्रदेश उसकी सशक्त अभिव्यक्ति है। भारत जिस गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, उसी प्रकार लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों को भी इस चुनौती के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश जैसे राज्यों के सहयोग से यह व्यापारिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे तथा निवेश एवं औद्योगिक सहयोग के नए अवसर विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय संपर्क और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 15 देशों की भागीदारी और विभिन्न राजदूतों की उपस्थिति ने इस आयोजन की प्रतिष्ठा को और बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और लैटिन अमेरिका-कैरेबियाई देशों के बीच सहयोग की यात्रा अभी लंबी है और भविष्य में इससे भी बेहतर परिणाम सामने आएंगे। फोरम के अध्यक्ष एवं ग्लोबल इंडिया बिज़नेस फोरम के प्रेसिडेंट डॉ. जितेंद्र जोशी ने बताया कि संस्था पिछले एक दशक से भारत की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और भारतीय निर्यात को विश्व के 150 से अधिक देशों तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और यूरोप के अलावा अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा मध्य एशिया के देशों में भारतीय उद्योगों और उत्पादों की व्यापक संभावनाएं हैं। डॉ. जोशी ने बताया कि मध्यप्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति और राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी नीतियों को देखते हुए इस वर्ष फोरम के लिए इंदौर का चयन किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से विकास कर रहा है और निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में भारत और लैटिन अमेरिका के बीच लगभग 50 अरब डॉलर का व्यापार हो रहा है, जो अगले पांच वर्षों में बढ़कर 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसी उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों, विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एसएमई) क्षेत्र के प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग श्री राघवेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश और निर्यात के लिये उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों की जानकारी दी। उन्होंने यहां के ईको सिस्टम के बारे में भी बताया। उन्होंने मध्यप्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा और निवेशकों तथा निर्यातकों को उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज भारत और लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन (LAC) देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग का एक सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और एलएसी देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2025-26 में लगभग 42 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें भारत का निर्यात 16.4 अरब डॉलर तथा एलएसी देशों से आयात 25.6 अरब डॉलर रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि लैटिन अमेरिकी निवेशकों द्वारा भारत में ऑटो कंपोनेंट्स, माइनिंग एवं मेटल्स, फूड एवं एग्री, आईटी एवं सॉफ्टवेयर तथा इंजीनियरिंग क्षेत्रों में निवेश किया जा रहा है। वहीं भारतीय कंपनियां लैटिन अमेरिका में आईटी एवं सॉफ्टवेयर, फार्मास्यूटिकल्स, एग्रोकेमिकल्स, माइनिंग एवं स्टील, रिन्यूएबल एनर्जी तथा ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में निवेश कर रही हैं। श्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश लैटिन अमेरिकी देशों के लिए निवेश और व्यापार का आकर्षक गंतव्य है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश से एलएसी देशों को लगभग 433.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात हुआ है। राज्य से मशीनरी एवं मैकेनिकल उपकरण, फार्मा उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, कपास तथा अन्य औद्योगिक उत्पादों का निर्यात प्रमुख रूप से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति और मजबूत कनेक्टिविटी उसे देश के हृदयस्थल के रूप में विशेष पहचान दिलाती है। राज्य में 6 इनलैंड कंटेनर डिपो, 22 रेलवे जंक्शन, 1 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क तथा 8 हवाई अड्डे उपलब्ध हैं। इसके अलावा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर, ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं राज्य को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जोड़ती हैं। इस अवसर पर इंडिया-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियाई विशेषांक ‘बिजनेस टाइकून्स’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया। साथ ही ‘इंडिया-लैटिन अमेरिका एंड कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम 2026’ की आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और वेबसाइट का शुभारंभ किया गया। यह मंच दोनों क्षेत्रों की सरकारों, उद्योग जगत, निवेशकों और व्यापारिक संगठनों को दीर्घकालिक सहयोग के लिए जोड़ने का कार्य करेगा। कार्यक्रम में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, आईजी श्री अनुराग, पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम के एमडी श्री चन्द्रमौली शुक्ला भी मौजूद थे। #JansamparkMP #Indore #इंदौर #GlobalTrade #Investment #LatinAmerica #TradeForum #MPGrowth #DrMohanYadav

Indore, Madhya Pradesh | Jun 6, 2026

इंदौर में भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन, निवेश और व्यापारिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

इंदौर। प्रदीप चौधरी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को इंदौर में आयोजित "भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन (LAC) व्यापार एवं निवेश फोरम-2026" का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत और लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने तथा निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा देने में यह फोरम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

फोरम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, उद्योगपति, निवेशक और व्यापारिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान व्यापार, उद्योग, कृषि, तकनीक और निवेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों को बेहतर सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे आयोजनों से प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिलेगी।

फोरम के माध्यम से भारत और एलएसी देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार विस्तार और निवेश संभावनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण चर्चाएं और बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
#MohanYadav
#Indore
#LACForum2026
#TradeAndInvestment
#MadhyaPradeshNews

इंदौर में भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया उद्घाटन, निवेश और व्यापारिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा इंदौर। प्रदीप चौधरी। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को इंदौर में आयोजित "भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन (LAC) व्यापार एवं निवेश फोरम-2026" का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश, उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत और लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने तथा निवेश के नए अवसरों को बढ़ावा देने में यह फोरम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। फोरम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि, उद्योगपति, निवेशक और व्यापारिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान व्यापार, उद्योग, कृषि, तकनीक और निवेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों को बेहतर सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे आयोजनों से प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिलेगी। फोरम के माध्यम से भारत और एलएसी देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार विस्तार और निवेश संभावनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण चर्चाएं और बैठकें आयोजित की जा रही हैं। #MohanYadav #Indore #LACForum2026 #TradeAndInvestment #MadhyaPradeshNews

Indore, Indore | Jun 6, 2026

चीर के ज़मीन को, मैं उम्मीद बोता हूं, मैं किसान हूं, चैन से कहां सोता हूं। - Madhya Pradesh News