12 निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म बेचने वाली दुकान सील
अब स्कूलों पर भी गिरेगी गाज
देवास। निजी स्कूलों द्वारा यूनिफॉर्म और किताबों की खरीद को लेकर पालकों पर बनाए जा रहे कथित दबाव के खिलाफ जिला प्रशासन ने शुक्रवार को सतवास में बड़ी कार्रवाई की। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश पर संयुक्त टीम ने कान्हा कलेक्शन नामक दुकान को सील कर दिया। जांच में सामने आया कि दुकान पर 12 निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म बेची जा रही थी, लेकिन दुकानदार इसके लिए कोई वैध अभिलेख या अधिकृत अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका।
कार्रवाई जिला परियोजना समन्वय अधिकारी अजय मिश्रा के नेतृत्व में शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने की। इस दौरान सतवास तहसीलदार अवधेश कुमार यादव और थाना प्रभारी दिलीप पुरी भी मौजूद रहे। टीम ने दुकान के साथ-साथ कुछ निजी स्कूलों का भी निरीक्षण किया।
जांच के दौरान दुकानदार ने स्वीकार किया कि उसकी दुकान पर 12 निजी स्कूलों की यूनिफॉर्म उपलब्ध है, लेकिन वह यह नहीं बता सका कि उसे इन स्कूलों की यूनिफॉर्म बेचने का अधिकार किस आधार पर मिला। कलेक्टर द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन और यूनिफॉर्म बिक्री में कथित एकाधिकार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने दुकान को तत्काल सील कर दिया।
स्कूलों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
डीपीसी अजय मिश्रा ने बताया कि लंबे समय से अभिभावकों की शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी स्कूल पालकों को एक ही दुकान से यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। इससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिलेभर में जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। यदि कोई निजी स्कूल किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म या किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाते हुए पाया गया या कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन करता मिला, तो संबंधित स्कूल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने सहित नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पालकों को राहत का संदेश
प्रशासन की इस कार्रवाई को निजी स्कूलों में यूनिफॉर्म और किताबों के नाम पर कथित मनमानी पर अंकुश लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं निजी स्कूलों को भी शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।