'एंटी-चिट्टा दिवस' पर देहरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करीब 18.76 लाख रुपये के नशीले पदार्थ किए नष्ट
देहरा।। News123 ।।
मुख्यमंत्री द्वारा 15 नवंबर 2025 को शुरू किए गए प्रदेशव्यापी 'एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन' के तहत "चिट्टा-मुक्त हिमाचल" के संकल्प को साकार करने के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस लगातार नशा तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। इसी अभियान के अंतर्गत शुक्रवार 26 जून को अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस को पूरे प्रदेश में 'एंटी-चिट्टा दिवस' के रूप में मनाया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के वर्चुअल मार्गदर्शन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत विभिन्न मामलों में जब्त किए गए नशीले पदार्थों को सरकारी इंसिनरेटर में नष्ट किया गया। पुलिस जिला देहरा द्वारा 5.914 किलोग्राम चरस, 26.71 ग्राम चिट्टा, 1,156 नशीली गोलियां, 8,646 नशीले कैप्सूल, 20 अफीम पोस्त के पौधे, पांच शाखाएं, 17 रिलैक्स कफ सिरप की शीशियां, 300 मिलीलीटर कोडीन फॉस्फेट युक्त रिलैक्स कफ सिरप तथा 10,000 मिलीलीटर कोरेक्स ड्रग को पूरी तरह नष्ट किया गया। इन सभी मादक पदार्थों का अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग 18 लाख 75 हजार 800 रुपये बताया गया है।
पुलिस ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल जब्त नशीले पदार्थों का सुरक्षित निपटान करना नहीं, बल्कि ड्रग माफिया को यह स्पष्ट संदेश देना है कि हिमाचल प्रदेश में नशे के कारोबार के लिए कोई स्थान नहीं है। साथ ही युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना और समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करना इस अभियान की प्राथमिकता है।
'एंटी-चिट्टा दिवस' के अवसर पर पुलिस जिला देहरा की सात अधिक प्रभावित पंचायतों में पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में नशा निवारण समितियों की बैठकें आयोजित की गईं। इनमें नशे के विरुद्ध सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर चर्चा की गई।
इसके अलावा जिले के लगभग दस सरकारी एवं गैर-सरकारी स्कूलों, शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकारी कार्यालयों में नशे के खिलाफ सामूहिक रूप से एंटी-चिट्टा ई-शपथ भी दिलाई गई।
हिमाचल प्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि चिट्टा अथवा अन्य किसी भी मादक पदार्थ की तस्करी, बिक्री, भंडारण या सेवन से संबंधित कोई भी सूचना तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाना को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व, जनसहयोग और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से "चिट्टा-मुक्त हिमाचल" का लक्ष्य अवश्य प्राप्त किया जाएगा।