उपखण्ड अधिकारी की जनसुनवाई में मिली शिकायत के बाद नगर परिषद की टीम ने शहर में अवैध रूप से संचालित कारखानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन कारखानों को सीज कर दिया। इन कारखानों में ध्वनि प्रदूषण के साथ-साथ खतरनाक कैमिकल का उपयोग किया जा रहा था, जिससे आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी।