वन विभाग द्वारा हर वर्ष की तरह इस बार भी वन्यजीवों की संख्या एवं घनत्व का आकलन करने के लिए विशेष गणना अभियान चलाया जाएगा। यह गणना 1 मई को वैशाख पूर्णिमा के अवसर पर “वाटरहॉल पद्धति” से की जाएगी, जिसमें जल स्रोतों पर वन्यजीवों की गतिविधियों का अवलोकन किया जाएगा।