#घायल को #अस्पताल पहुंचाइए, #25हजार पाइए: #डीएम
#सड़क हादसे में जिंदगी बचाने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन, स्कूल बसों की फिटनेस और चालकों की आंखों की भी होगी जांच
#बलिया, 29 सितंबर,।
#सड़क हादसे में घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती कुछ मिनट जिंदगी और मौत के बीच का फैसला कर सकते हैं। ऐसे में दुर्घटना के बाद घायल को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए शासन की राहवीर योजना को जन-जन तक पहुंचाने की कवायद तेज की जाएगी। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।
#जिलाधिकारी ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि दुर्घटना के बाद लोग कानूनी औपचारिकताओं की चिंता किए बिना घायलों की मदद के लिए आगे आएं और समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बचाई जा सके।
#बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को भी प्रमुखता दी गई। डीएम ने निर्देश दिया कि बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के कोई भी स्कूल बस सड़क पर संचालित न हो। सभी स्कूल बसों की नियमित फिटनेस जांच कराने के साथ ही बस चालकों की आंखों की जांच कराने को भी कहा गया।
#दुर्घटना में घायलों को कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम के तहत उपचार मिलने की व्यवस्था की जानकारी भी आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए पंपलेट वितरण के साथ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार कराने को कहा गया।
#जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा के साथ सड़क सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने डिवाइडरों पर पौधे लगाने तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए।
बैठक में सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय, एआरटीओ अरुण कुमार राय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।