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01 जुलाई से मदरसा शिक्षा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त* उत्तराखंड में अब मदरसा शिक्षा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। एक जुलाई से राज्य के सभी पंजीकृत मदरसों की मान्यता, निगरानी, पाठ्यक्रम और प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य अल्पसंख्यक शिक्षण प्राधिकरण के हाथों में होगी। राज्य सरकार इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार और मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है। नई व्यवस्था के तहत मदरसों में एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम लागू करने के साथ-साथ विज्ञान, गणित और अन्य आधुनिक विषयों की शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में प्रोफेसर सुरजीत सिंह गांधी को अध्यक्ष, प्रो. राकेश जैन, डॉ. सैय्यद अली हमीद, प्रो.पेमा तेनजिन, डॉ.एल्बा मेड्रेले, प्रो.रोबिना अमन, प्रो.गुरमीत सिंह, सेवानिवृत्त आईएएस चंद्रशेखर भट्ट व राजेंद्र सिंह बिष्ट को सदस्य बनाया गया है। शिक्षा महानिदेशक और निदेशक एससीईआरटी इसमें पदेन सदस्य होंगे। जबकि निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण पदेन सदस्य सचिव बनाए गए हैं। प्रदेश में वर्तमान में 452 पंजीकृत मदरसे संचालित हैं। हालांकि नई व्यवस्था लागू होने से पहले कई चुनौतियां भी सामने हैं। इनमें मदरसों का समयबद्ध पंजीकरण, प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत शैक्षणिक सुविधाएं और हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई को बिना किसी बाधा के जारी रखना प्रमुख है। वहीं, करीब 500 अपंजीकृत मदरसों के भविष्य को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। सरकार का दावा है कि किसी भी छात्र की शिक्षा प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मदरसों को प्राधिकरण के अधीन लाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और देहरादून जैसे जिलों पर विशेष निगरानी रहेगी, क्योंकि राज्य के अधिकांश मदरसे इन्हीं क्षेत्रों में स्थित हैं। अब सभी की निगाहें 1 जुलाई पर टिकी हैं, जब उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था एक नए प्रशासनिक ढांचे के साथ नए दौर में प्रवेश करेगी। Headlines

Puranpur, Pilibhit | Jun 30, 2026

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चंद घंटों की बारिश बनी आफत, चकरपुर समेत कई इलाकों में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त।
घरों में घुसा गंदा पानी, लोगों में दहशत और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी #BreakingNews

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Puranpur, Pilibhit | Jun 30, 2026

हरिद्वार पुलिस ने देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले नकली नोट गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कोतवाली श्यामपुर क्षेत्र में गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 50 हजार रुपये के छपे हुए जाली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर और नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई दो दिन पहले बरामद हुए 52,500 रुपये के नकली नोटों के मामले की जांच के बाद की गई है। #BreakingNews

हरिद्वार पुलिस ने देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले नकली नोट गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कोतवाली श्यामपुर क्षेत्र में गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 50 हजार रुपये के छपे हुए जाली नोट, लैपटॉप, प्रिंटर और नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई दो दिन पहले बरामद हुए 52,500 रुपये के नकली नोटों के मामले की जांच के बाद की गई है। #BreakingNews

Puranpur, Pilibhit | Jun 30, 2026

1. 2027 की तैयारी में जुटी कांग्रेस, देहरादून में मंथन बैठक आयोजित

2. NEET से लेकर EVM तक, कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

3. शिक्षा व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए सवाल, कांग्रेस की विचार गोष्ठी में गूंजे मुद्दे

4. 'EVM पर भरोसा कम, रणनीति पर जोर'— कांग्रेस बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ की बैठक

5. प्रदेश कांग्रेस का चिंतन शिविर, आगामी चुनावों को लेकर बना रणनीति का खाका

6. कांग्रेस का बड़ा आरोप— शिक्षा व्यवस्था बर्बाद, लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर

7. देहरादून में कांग्रेस का मंथन, 2027 विधानसभा चुनाव पर फोकस

8. जन मुद्दों से चुनावी रणनीति तक, कांग्रेस ने शुरू किया विचार विमर्श

9. कांग्रेस मुख्यालय में चिंतन बैठक, देश-प्रदेश की चुनौतियों पर चर्चा

10. NEET, EVM और लोकतंत्र पर कांग्रेस का प्रहार, देहरादून में गरजी पार्टी

"NEET से EVM तक कांग्रेस का हमला, देहरादून में 2027 की रणनीति पर मंथन"

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Puranpur, Pilibhit | Jun 30, 2026

सितारगंज कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने नगर पालिका परिषद में 7 करोड रुपए की लागत से निकाले गए 52 विकास कार्यों का लोकार्पण किया नगर पालिका में मंत्री सौरभ बहुगुणा के पहुंचने पर पालिका अध्यक्ष सुखदेव सिंह नें पालिका बोर्ड के साथ भव्य स्वागत किया, अपने संबोधन में सौरभ बहुगुणा ने कहा डेढ़ वर्ष में पालिका बोर्ड ने सबको साथ लेकर चलने का कार्य किया है उन्होंने कहा नगरीय क्षेत्र की जनता के लिए पार्क और पार्किंग जल्द ही नगर पालिका के सुपुर्द की जाएगी। अपने संबोधन में मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा  विकसित सितारगंज उत्तराखंड की टॉप 3 विधानसभा के लक्ष्य की ओर हम आगे बढ़ रहे हैं कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष सुखदेव सिंह ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी का धन्यवाद किया उन्होंने कहा शहर का विकास हमारी जिम्मेदारी है सभी वार्डों में निष्पक्ष भाव से विकास कार्य किए जाएंगे।भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल ने भी  अपने संबोधन में नगर पालिका बोर्ड का धन्यवाद करते हुए शहर वासियों को विकास कार्यों की बधाई दी।

सितारगंज कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने नगर पालिका परिषद में 7 करोड रुपए की लागत से निकाले गए 52 विकास कार्यों का लोकार्पण किया नगर पालिका में मंत्री सौरभ बहुगुणा के पहुंचने पर पालिका अध्यक्ष सुखदेव सिंह नें पालिका बोर्ड के साथ भव्य स्वागत किया, अपने संबोधन में सौरभ बहुगुणा ने कहा डेढ़ वर्ष में पालिका बोर्ड ने सबको साथ लेकर चलने का कार्य किया है उन्होंने कहा नगरीय क्षेत्र की जनता के लिए पार्क और पार्किंग जल्द ही नगर पालिका के सुपुर्द की जाएगी। अपने संबोधन में मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा विकसित सितारगंज उत्तराखंड की टॉप 3 विधानसभा के लक्ष्य की ओर हम आगे बढ़ रहे हैं कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष सुखदेव सिंह ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी का धन्यवाद किया उन्होंने कहा शहर का विकास हमारी जिम्मेदारी है सभी वार्डों में निष्पक्ष भाव से विकास कार्य किए जाएंगे।भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल ने भी अपने संबोधन में नगर पालिका बोर्ड का धन्यवाद करते हुए शहर वासियों को विकास कार्यों की बधाई दी।

Puranpur, Pilibhit | Jun 30, 2026

01 जुलाई से मदरसा शिक्षा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त* उत्तराखंड में अब मदरसा शिक्षा बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। एक जुलाई से राज्य के सभी पंजीकृत मदरसों की मान्यता, निगरानी, पाठ्यक्रम और प्रशासनिक व्यवस्था की जिम्मेदारी राज्य अल्पसंख्यक शिक्षण प्राधिकरण के हाथों में होगी। राज्य सरकार इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार और मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है। नई व्यवस्था के तहत मदरसों में एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम लागू करने के साथ-साथ विज्ञान, गणित और अन्य आधुनिक विषयों की शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में प्रोफेसर सुरजीत सिंह गांधी को अध्यक्ष, प्रो. राकेश जैन, डॉ. सैय्यद अली हमीद, प्रो.पेमा तेनजिन, डॉ.एल्बा मेड्रेले, प्रो.रोबिना अमन, प्रो.गुरमीत सिंह, सेवानिवृत्त आईएएस चंद्रशेखर भट्ट व राजेंद्र सिंह बिष्ट को सदस्य बनाया गया है। शिक्षा महानिदेशक और निदेशक एससीईआरटी इसमें पदेन सदस्य होंगे। जबकि निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण पदेन सदस्य सचिव बनाए गए हैं। प्रदेश में वर्तमान में 452 पंजीकृत मदरसे संचालित हैं। हालांकि नई व्यवस्था लागू होने से पहले कई चुनौतियां भी सामने हैं। इनमें मदरसों का समयबद्ध पंजीकरण, प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता, आधारभूत शैक्षणिक सुविधाएं और हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई को बिना किसी बाधा के जारी रखना प्रमुख है। वहीं, करीब 500 अपंजीकृत मदरसों के भविष्य को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। सरकार का दावा है कि किसी भी छात्र की शिक्षा प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। अल्पसंख्यक विभाग के अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण में हैं और मदरसों को प्राधिकरण के अधीन लाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और देहरादून जैसे जिलों पर विशेष निगरानी रहेगी, क्योंकि राज्य के अधिकांश मदरसे इन्हीं क्षेत्रों में स्थित हैं। अब सभी की निगाहें 1 जुलाई पर टिकी हैं, जब उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था एक नए प्रशासनिक ढांचे के साथ नए दौर में प्रवेश करेगी। Headlines - Puranpur News