गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने बलरामपुर आ रहे शंकराचार्य, सियासत से पूरी तरह दूर रहेगा आयोजन
बलरामपुर: गौ माता को 'राष्ट्र माता' व 'राज्य माता' घोषित कराने के पुनीत संकल्प के साथ 81 दिवसीय यात्रा पर निकले भगवान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी का जनपद बलरामपुर में पहली बार आगमन हो रहा है। उनके इस ऐतिहासिक प्रवास को लेकर जिले के सनातन धर्मियों और आम जनमानस में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यह विशेष यात्रा जनपद के चारों विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
आयोजन समिति और गो रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा के देवीपाटन मंडल के संयोजक एडवोकेट मृगेंद्र उपाध्याय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज का कार्यक्रम पूरी तरह से तय हो चुका है। शंकराचार्य जी 14 तारीख की शाम को तुलसीपुर पहुंचेंगे और उनका रात्रि विश्राम वहीं देवीपाटन स्थित 'मिलन होटल' में होगा। अगले दिन 15 तारीख की सुबह करीब आठ से नौ बजे के बीच वे गैसड़ी के लिए प्रस्थान करेंगे। गैसड़ी का कार्यक्रम संपन्न होने के पश्चात, बुधवार सुबह 11 बजे बलरामपुर नगर स्थित 'आरआर पैलेस' में उनका भव्य आगमन होगा।
आयोजक मृगेंद्र उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि यह कोई जनसभा या राजनीतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह से गौ-सेवा और धर्म को समर्पित कार्यक्रम है। इस आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सहित किसी भी धर्म और सम्प्रदाय के लोग दर्शन-पूजन के लिए आ सकते हैं। चाहे कोई समाजवादी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी या कांग्रेस का समर्थक हो, यदि उसकी सनातन धर्म में आस्था है, तो उसका खुले दिल से स्वागत किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शंकराचार्य जी का स्वागत, दर्शन, आशीर्वाद प्राप्ति और पूजा-अर्चन किया जाएगा।
एडवोकेट मृगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस अनुष्ठान को सफल बनाने के लिए सैकड़ों स्थानीय लोग स्वेच्छा से दिन-रात जुटे हुए हैं।
आयोजन की मुख्य टीम में पुंडरीक मिश्रा, अनिल मिश्रा, हरिराम पांडे, सुशील मिश्रा राजेंद्र द्विवेदी, परमानंद मिश्रा, रामानंद मिश्रा, कार्यक्रम संयोजक प्रदीप त्रिपाठी और वरिष्ठ मार्गदर्शक व सीनियर अधिवक्ता हरिराम पांडे, प्रमुख रूप से शामिल हैं। आयोजकों ने इसे बलरामपुर जनपद वासियों के लिए परम सौभाग्य का क्षण बताते हुए यह कामना भी की है कि भविष्य में चारों शंकराचार्य बलरामपुर पधारें और यहाँ की पावन धरती को धन्य करें।